सब्सक्राइब करें

Dhanteras 2020: धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं नए बर्तन, क्या है दक्षिण दिशा में दीप जलाने का महत्व

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Wed, 28 Oct 2020 08:06 AM IST
विज्ञापन
Dhanteras 2020 Reason for buying new utensils on Dhanteras what is the importance Lighting lamp in south direction
शुभ धनतेरस 2020 - फोटो : अमर उजाला

हिंदू पंचांग के हिसाब से कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतरेस का पर्व मनाते हैं। 2020 में धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन से दीपावली का त्योहार की धूम शुरू हो जाती है, इस दिन लोग चांदी और अन्य धातुओं के बर्तन के साथ नई चीजों की खरीददारी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन जो वस्तु हम खरीदते हैं उसमें तेरह गुना बढ़ोत्तरी होती है। धनतेरस के त्योहार पर भगवान धनवंतरी और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। धनवंतरी भगवान देवताओं को चिकित्सक हैं इसलिए उन्हें चिकित्सा का देवता माना जाता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। जानते हैं कि धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के पीछे क्या है कारण...

Trending Videos
Dhanteras 2020 Reason for buying new utensils on Dhanteras what is the importance Lighting lamp in south direction
Dhanteras 2020 - फोटो : Twitter

कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय जब चौदह रत्नों का प्राप्ति के समय अमृत का कलश लेकर भगवान धनवंतरी प्रकट हुए तह कार्तिक मास की के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। इसलिए धनतेरस का त्योहार मनाते हैं। भगवान धनवंतरी के हाथों में अमृत का भरा हुआ कलश था इसलिए धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन लोग चांदी पीतल और अन्य धातुओं के बन हुए बर्तन खरीदते हैं। लेकिन इस दिन पीतल के बर्तन खरीदना सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि पीतल को भगावन धनवंतरी की धातु माना जाता है। धनवंतरी भगवान चिकित्सा के देवता है, इसलिए इस दिन धनवंतरी भगवान की पूजा करने से आरोग्य और सौभाग्य प्राप्त होता है। धनतेरस पर दक्षिण दिशा नें दीपक जलाने का भी प्रावधान है, जानते हैं कि क्या है इसके पीछे का कारण....

विज्ञापन
विज्ञापन
Dhanteras 2020 Reason for buying new utensils on Dhanteras what is the importance Lighting lamp in south direction
Dhanteras 2020

धनतेरस पर लोग दक्षिण दिशा में दीपक जलाने के साथ व्रत भी करते हैं। इस दिन धनवंतरी, माता लक्ष्मी के साथ कुबेर और यम की पूजा करने का भी महत्व है। दक्षिण दिशा में दीपक जलाने के पीछे कथा मिलती है कि एक बार यमदेव से उनके दूतो ने प्रश्न किया कि क्या अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय है तब यमदेव ने कहा जो मनुष्य धनतेरस के दिन दक्षिण दिशा में दीपक जलाकर रखेगा उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। इसी मान्यता के कारण धनतेरस पर दक्षिण दिशा में दीपक जलाया  जाता है। दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है। जानते हैं कि धनतेरस पर भगवान धनवंतरी भगवान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है। 

Dhanteras 2020 Reason for buying new utensils on Dhanteras what is the importance Lighting lamp in south direction
dhanteras 2020

धनतेरस पर मां लक्ष्मी की पूजा
समुद्रमंथन के समय चौदह रत्नों में से एक मां लक्ष्मी भी प्रकट हुई थी। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं, इसलिए धनतेरस पर मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा करने का प्रावधान भी है। इससे घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती है। धनतेरस पर माता लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और भगवान धनवंतरी तीनों की पूजा करनी चाहिए। क्योंकि मां लक्ष्मी धन की देवी है, तो कुबेर स्थायी धन के देवता है। तो वहीं धनवंतरी ब्रह्मांड के सबसे बड़े वैद्य हैं। इनकी पूजा से आरोग्य की प्राप्ति होती है। 

विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed