आज शाम 04:43 से कल दोपहर 02:09 तक एकादशी है। हिन्दू पंचांग के अनुसार 25 सितम्बर बुधवार को एकादशी का व्रत रखा जाएगा। एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व है और इस व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार भगवान शिवजी ने नारद से कहा कि एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। आइए आज आपको एकदशी व्रत से होने वाले लाभ के बारे में बताते हैं।
एकादशी के दिन व्रत ना रखने वाले इसे ध्यान से पढ़ें
जो पुण्य सूर्यग्रहण के दिन दान करने से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत करने से मिलता है। जो पुण्य गौ-दान और अश्वमेघ यज्ञ से मिलता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के दिन व्रत रखने से मिलता है। एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है।
एकादशी के दिन व्रत करने वालों के पितर नीच योनि से मुक्त हो जाते है और अपने परिवारवालों को आशीर्वाद देते है। इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति रहती है। इस व्रत को करने से धन-धान्य और पुत्रादि की वृद्धि होती है। कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन आनंद से परिपूर्ण हो जाता है।एकादशी व्रत करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार पूर्वकाल में जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।
एकादशी के दिन क्या करें
एकादशी के दिन प्रातः जल्दी उठ कर स्नान करें, फिर मंदिर और घर में साफ-सफाई करने के बाद मंदिर में दिया जला लें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। अगर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ नहीं कर पाए तो 10 माला गुरु मंत्र का जाप अवश्य करें।
एकादशी का व्रत पाप और रोगों का नाश कर देता है। अगर वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी का व्रत ना रख पाए तो उन्हें इस दिन चावल नहीं खाने चाहिए।
