Mahashivratri Mantra Jaap: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन ब्रह्मांडीय ऊर्जा विशेष रूप से सक्रिय रहती है, जिससे साधना और मंत्र जाप का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। भक्तजन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक कर भगवान शिव का स्मरण करते हैं। ऐसा विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और एकाग्र मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। विशेष रूप से मंत्र जाप को इस दिन अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि शिव मंत्रों का उच्चारण न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि आत्मबल और आध्यात्मिक ऊर्जा भी बढ़ाता है। ऐसे में आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के पांच शक्तिशाली मंत्र...
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की पूजा में जरूर करें इन शक्तिशाली शिव मंत्रों का जाप, पूर्ण होगी साधना
Mahashivratri Mantra Jaap: महाशिवरात्रि भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा पूर्वक व्रत, पूजन और मंत्र जाप करने से जीवन की बाधाएं कम होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
इस मंत्र को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। महाशिवरात्रि पर 108 बार इसका जाप करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और आंतरिक शक्ति में वृद्धि होने का विश्वास है।
ॐ नमः शिवाय
यह शिव का सबसे सरल और व्यापक रूप से जपा जाने वाला मंत्र है। इसे पंचाक्षरी मंत्र कहा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन 108 बार इसका जाप करने से कष्टों में कमी और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
महाशिवरात्रि की रात्रि में इस मंत्र का जप विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह मंत्र बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी माना जाता है।
रुद्र मंत्र
ॐ नमो भगवते रुद्राय॥
इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होने की मान्यता है। महाशिवरात्रि पर इसका उच्चारण मानसिक दृढ़ता प्रदान करता है।
ॐ नमो नीलकण्ठाय॥
ऐसा विश्वास है कि इस मंत्र का जप जीवन की बाधाओं को कम करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है।
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