Raj Panchak 2026: चंद्र पंचांग के अनुसार पंचक का विशेष महत्व है। पंचक काल तब आता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है। आमतौर पर लोग पंचक का नाम सुनकर डर जाते हैं और इसे अशुभ मानते हैं लेकिन सभी पंचक अशुभ नहीं होते। अप्रैल 2026 में पड़ने वाला पंचक 'राज पंचक' है। इसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं अप्रैल में पड़ने वाले राज पंचक की सटीक तिथि, समय और आपके जीवन पर इसके प्रभावों के बारे में।
Raaj Panchak: 13 अप्रैल से शुरू होगा राज पंचक, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
Raj Panchak : पंचक काल तब आता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है। अप्रैल 2026 में पड़ने वाला पंचक 'राज पंचक' है। इसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। जो पंचक सोमवार से शुरू होता है उसे राज पंचक कहा जाता है।
राज पंचक क्या है?
शास्त्रों में पांच प्रकार के पंचक बताए गए हैं- रोग पंचक, अग्नि पंचक, मृत्यु पंचक, चोर पंचक और राज पंचक। जो पंचक सोमवार से शुरू होता है उसे राज पंचक कहा जाता है। राज शब्द का अर्थ ही सुख, समृद्धि और यश होता है। इसलिए, राजपंचक को शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस अवधि के दौरान किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक होती है। यह अन्य पंचकों की तरह अशुभ नहीं होता बल्कि, इसे अच्छे परिणाम देने वाला समय माना जाता है।
राज पंचक तिथि
पंचांग की गणना के अनुसार, अप्रैल का पंचक 13 अप्रैल से प्रारंभ होगा। यह पंचक काल शुक्रवार, 17 अप्रैल को समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है, तो इसे राज पंचक कहा जाता है।
राज पंचक का प्रभाव
- राज पंचक को सरकारी कार्यों, संपत्ति की खरीद-बिक्री और जमीन से जुड़े व्यापार के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान किए गए निवेश से भविष्य में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना होती है।
- चूंकि यह माना जाता है कि यह काल सुख और समृद्धि लाता है, इसलिए यह नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए उन्नति का समय होता है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने और भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए यह एक अच्छा समय है।
- अन्य पंचकों में कुछ कार्यों पर प्रतिबंध होते हैं, लेकिन राज पंचक में धार्मिक और शुभ कार्य करना अच्छा माना जाता है। ऐसे कार्य मन की शांति और यश प्राप्त करने में सहायक होते हैं।
पंचक के दौरान किन चीजों से बचें
- ऐसा माना जाता है कि पंचक के दिनों में कुछ खास काम करना शुभ नहीं होता। कहा जाता है कि इस दौरान घर की छत बनवाना या लकड़ियों को इकठ्ठा करना अशुभ परिणाम दे सकता है।
- दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचने की भी सलाह दी जाती है। कुछ जगहों पर पंचक के दौरान चारपाई बनवाना या खरीदना भी अनुचित माना जाता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार पंचक के दौरान होता है, तो कहा जाता है कि कुछ विशेष नियमों का पालन करना ज़रूरी होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।