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New Rule: 1 अप्रैल से भारत में बंद हो जाएगी चीनी CCTV कैमरों की बिक्री, बड़े ब्रांड्स पर गिरेगी गाज
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 30 Mar 2026 04:07 PM IST
सार
भारत सरकार 1 अप्रैल से Hikvision और TP-Link जैसे चीनी सीसीटीवी कैमरों की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है। सुरक्षा के नए नियमों (STQC) के तहत अब केवल प्रमाणित कैमरों को ही बाजार में अनुमति मिलेगी। इस फैसले का मकसद देश की डेटा सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है।
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CCTV कैमरा
- फोटो : AI जनरेटेड
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अगले महीने से भारत में स्टैंडर्डराइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इन नियमों के तहत, अब इंटरनेट से चलने वाले किसी भी सीसीटीवी कैमरे को बेचने से पहले सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। खबरों के मुताबिक, सरकार उन कंपनियों को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर रही है जो चीनी चिपसेट का इस्तेमाल कर रही हैं। बिना इस सर्टिफिकेट के 1 अप्रैल के बाद इन कैमरों को बेचना गैर-कानूनी होगा।
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सीसीटीवी कैमरा
- फोटो : Freepik
इन कंपनियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
इस फैसले से चीनी दिग्गज कंपनियों जैसे Hikvision, Dahua और TP-Link को बड़ा झटका लगने वाला है। अभी पिछले साल तक भारत के सीसीटीवी बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग एक-तिहाई थी। लेकिन अब सुरक्षा मानकों को कड़ा किए जाने से इनका कारोबार सिमट सकता है।
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सीसीटीवी
- फोटो : अमर उजाला
क्यों उठाया गया यह कदम?
सरकार का यह कदम उपकरणों की सुरक्षा मजबूत करने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है। रिपोर्ट में उद्योग सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चाइनीज उपकरणों से हैकिंग और डेटा लीक होने का खतरा है। अब ऐसे प्रोडक्ट्स को प्रमाणन नहीं दिया जा रहा, जिनमें चीनी मूल के चिपसेट लगे हैं। मंजूरी न मिलने पर ऐसे कैमरों की भारतीय बाजार में एंट्री लगभग बंद हो जाती है।
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CCTV
- फोटो : AI Generated
स्वदेशी ब्रांड्स का बढ़ा दम
चीनी कंपनियों के बाहर होने से भारतीय कंपनियों के लिए रास्ते खुल गए हैं। CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Sparsh जैसे भारतीय ब्रांड्स ने अपनी सप्लाई चेन को बदल दिया है। ये कंपनियां अब चीनी कंपोनेंट्स की जगह ताइवानी चिपसेट और खुद का स्थानीय सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रही हैं। आंकड़ों की मानें तो फरवरी तक भारतीय कंपनियों ने बाजार के 80 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है।
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सीसीटीवी
- फोटो : प्रतीकात्मक
क्या हैं नए नियम?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अप्रैल 2024 में कुछ बुनियादी नियम तय किए थे। कंपनियों को इसके लिए 2 साल का समय दिया गया था। नए नियमों के अनुसार:
कंपनियों को बताना होगा कि कैमरे में लगी मेन चिप (SoC) किस देश की है।
कैमरों की टेस्टिंग की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई बाहर से इन्हें हैक न कर सके।
अब तक 500 से ज्यादा सीसीटीवी मॉडल्स ने नए नियमों के तहत सर्टिफिकेट हासिल कर लिया है।
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