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एपल ने भारत समेत कई देशों में तोड़ा कमाई का रिकॉर्ड: जून तिमाही में राजस्व बढ़ा, आईफोन की मांग हुई मजबूत
Fri, 31 Jul 2026 11:44 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:44 AM IST
सार
Apple Revenue: एपल ने जून तिमाही में भारत समेत दुनिया के सभी प्रमुख बाजारों में रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है। कंपनी की कमाई और मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। भारत में मैकबुक और आईफोन की मजबूत मांग ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है।
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एपल ने जारी किए रिकॉर्डतोड़ आंकड़े
- फोटो : अमर उजाला
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एपल ने जून तिमाही (अप्रैल-मई-जून 2026) में एक बार फिर शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने बताया कि भारत सहित दुनिया के सभी प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में इस तिमाही के दौरान अब तक का सबसे अधिक राजस्व दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि सप्लाई चेन की चुनौतियों और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के बावजूद हासिल हुई।
भारत में मजबूत हुआ एपल का कारोबार
- फोटो : अमर उजाला
109.4 अरब डॉलर पहुंचा तिमाही राजस्व
कंपनी ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान एपल का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा। इसमें टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ भी शामिल है। वहीं, प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही, जो सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। इसमें 0.11 डॉलर का योगदान टैरिफ रिफंड का रहा।
कंपनी ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान एपल का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा। इसमें टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त लाभ भी शामिल है। वहीं, प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही, जो सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। इसमें 0.11 डॉलर का योगदान टैरिफ रिफंड का रहा।
आईफोन बनी सबसे बड़ी ताकत
- फोटो : apple.com
भारत में Mac और iPhone की मांग बनी सबसे बड़ी ताकत
टिम कुक ने कहा कि अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत हर प्रमुख बाजार में जून तिमाही का नया राजस्व रिकॉर्ड बना है।
भारत में एपल ने लगातार एक और रिकॉर्ड तिमाही दर्ज की। कंपनी के मुताबिक, मैकबुक की बिक्री सबसे मजबूत रही, जिसमें MacBook Neo और MacBook Pro की शानदार मांग का बड़ा योगदान रहा। इसके साथ ही iPhone 17 सीरीज की मांग भी मजबूत बनी रही, जबकि बाजार में इसकी सप्लाई सीमित रही।
टिम कुक ने कहा कि अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत हर प्रमुख बाजार में जून तिमाही का नया राजस्व रिकॉर्ड बना है।
भारत में एपल ने लगातार एक और रिकॉर्ड तिमाही दर्ज की। कंपनी के मुताबिक, मैकबुक की बिक्री सबसे मजबूत रही, जिसमें MacBook Neo और MacBook Pro की शानदार मांग का बड़ा योगदान रहा। इसके साथ ही iPhone 17 सीरीज की मांग भी मजबूत बनी रही, जबकि बाजार में इसकी सप्लाई सीमित रही।
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मैकबुक कारोबार ने बनाया नया रिकॉर्ड
- फोटो : Apple
मैकबुक कारोबार ने बनाया नया रिकॉर्ड
दुनियाभर में मैकबुक कारोबार से एपल को 10.4 अरब डॉलर का राजस्व मिला, जो पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। यह इस श्रेणी के लिए अब तक की सबसे बड़ी जून तिमाही साबित हुई। एपल के मुख्य वित्तीय अधिकारी केवन पारेख ने बताया कि बड़ी संख्या में नए ग्राहकों ने पहली बार मैकबुक खरीदा, जबकि पुराने यूजर्स ने भी अपने डिवाइस अपग्रेड किए। इनमें भारत, अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजार शामिल रहे।
दुनियाभर में मैकबुक कारोबार से एपल को 10.4 अरब डॉलर का राजस्व मिला, जो पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। यह इस श्रेणी के लिए अब तक की सबसे बड़ी जून तिमाही साबित हुई। एपल के मुख्य वित्तीय अधिकारी केवन पारेख ने बताया कि बड़ी संख्या में नए ग्राहकों ने पहली बार मैकबुक खरीदा, जबकि पुराने यूजर्स ने भी अपने डिवाइस अपग्रेड किए। इनमें भारत, अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजार शामिल रहे।
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भारत में 2021 से फोन बना रही है कंपनी
- फोटो : एपल
आगे भी मजबूत रह सकती है एपल की पकड़
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एपल ने बढ़ती मेमोरी लागत के बावजूद अपनी कीमतों को काफी हद तक स्थिर रखा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत में एपल की बिक्री की संख्या में सिंगल-डिजिट, जबकि वैल्यू के लिहाज से डबल-डिजिट वृद्धि देखने को मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपोनेंट की बढ़ती लागत के कारण एंड्रॉयड स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके बावजूद एपल का प्रीमियम ब्रांड आकर्षण नए ग्राहकों को लगातार अपने इकोसिस्टम से जोड़ता रहेगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एपल ने बढ़ती मेमोरी लागत के बावजूद अपनी कीमतों को काफी हद तक स्थिर रखा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत में एपल की बिक्री की संख्या में सिंगल-डिजिट, जबकि वैल्यू के लिहाज से डबल-डिजिट वृद्धि देखने को मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपोनेंट की बढ़ती लागत के कारण एंड्रॉयड स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके बावजूद एपल का प्रीमियम ब्रांड आकर्षण नए ग्राहकों को लगातार अपने इकोसिस्टम से जोड़ता रहेगा।