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China vs US: सुपर कंप्यूटर की रेस में चीन ने अमेरिका को पछाड़ा, 8 साल बाद फिर हासिल किया दुनिया का नंबर-1 ताज
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:24 PM IST
सार
चीन ने सुपर कंप्यूटर की दुनिया में बड़ा उलटफेर करते हुए अमेरिका से नंबर-1 की कुर्सी छीन ली है। शेंजेन में बने लाइनशाइन (LineShine) सुपर कंप्यूटर ने दुनिया के सबसे तेज सिस्टम अल कैप्टन (El Capitan) को पीछे छोड़ दिया। खास बात यह है कि यह मशीन उन महंगे AI चिप्स पर निर्भर नहीं है जिन पर अमेरिका का दबदबा माना जाता है।
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चीन ने छीना अमेरिका का ताज
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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करीब आठ साल बाद चीन ने अमेरिका से सुपर कंप्यूटर की दुनिया का सबसे बड़ा ताज वापस छीन लिया है। चीन के शेनझेन में विकसित 'लाइनशाइन' (LineShine) नाम के सुपर कंप्यूटर को दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर घोषित किया गया है। टॉप-500 सूची तैयार करने वाले शोधकर्ताओं के मुताबिक, लाइनशाइन ने प्रदर्शन के मामले में अमेरिका के 'अल कैप्टन' (El Captain) को पीछे छोड़ दिया है। अल कैप्टन को नवंबर 2024 से दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर माना जा रहा था और यह कैलिफोर्निया के लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैब में मौजूद है।
20% ज्यादा तेज निकला चीनी सिस्टम
- फोटो : AI
20% ज्यादा तेज निकला चीनी सिस्टम
कंप्यूटर वैज्ञानिक जैक डोंगारा के अनुसार, लाइनशाइन के टेस्ट नतीजे अल कैप्टन की तुलना में 20% से ज्यादा बेहतर रहे। डोंगारा ने हाल ही में शेनझेन क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर जाकर इस मशीन को टेस्ट किया था। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम इसलिए खास है क्योंकि यह उन GPU चिप्स पर निर्भर नहीं है जिनका इस्तेमाल आज अधिकांश हाई-एंड सुपरकंप्यूटर करते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, लाइनशाइन में लगभग 1.4 करोड़ कंप्यूटिंग कोर लगे हैं। इन्हें 90 हार्डवेयर कैबिनेट में स्थापित किया गया है। इन चिप्स का डिजाइन ब्रिटेन की कंपनी आर्म होल्डिंग्स की तकनीक पर आधारित है। आर्म फिलहाल जापानी समूह SoftBank के नियंत्रण में है। आर्म की तकनीक स्मार्टफोन से लेकर डेटा सेंटर तक में इस्तेमाल होती है। हालांकि, चीन ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इन चिप्स का निर्माण किस कंपनी ने किया और इन्हें किस तकनीक से बनाया गया।
Nvidia के बिना बनाया दुनिया का सबसे तेज सिस्टम
- फोटो : AI
Nvidia के बिना बनाया दुनिया का सबसे तेज सिस्टम
आमतौर पर आधुनिक सुपरकंप्यूटर भारी गणनाओं के लिए Nvidia और AMD जैसी कंपनियों के GPU का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लाइनशाइन ने अलग रास्ता चुना है। इस सुपर कंप्यूटर में सामान्य माइक्रोप्रोसेसर (CPU) का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही चिप्स के अंदर ही ऐसे विशेष सर्किट लगाए गए हैं जो AI और वैज्ञानिक गणनाओं में इस्तेमाल होने वाले मैट्रिक्स और वेक्टर कैलकुलेशन को तेज बनाते हैं।यही वजह है कि चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद एक ऐसा सिस्टम तैयार कर लिया जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों को टक्कर दे सकता है।
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El Capitan Supercomputer
- फोटो : asc.llnl.gov
अमेरिका-चीन तकनीकी मुकाबला हुआ और तेज
यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब AI और चिप टेक्नोलॉजी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा चरम पर है। एक तरफ OpenAI, Anthropic और Google जैसे अमेरिकी खिलाड़ी दुनिया के सबसे उन्नत AI मॉडल बना रहे हैं। वहीं Nvidia AI चिप बाजार में दबदबा बनाए हुए है। दूसरी तरफ चीन भी नए रास्ते खोज रहा है। पिछले साल चीनी स्टार्टअप DeepSeek ने कम संख्या में विशेष AI चिप्स का इस्तेमाल करके उन्नत AI मॉडल पेश कर दुनिया का ध्यान खींचा था।
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सुपर कंप्यूटर करते क्या हैं?
- फोटो : AI