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अमेरिका में कंप्यूटर साइंस से छात्रों का मोहभंग: दो साल में दाखिले 18% घटे, एआई से बढ़ा नौकरियों पर खतरा
Fri, 30 Oct 2026 09:23 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 30 Oct 2026 09:23 AM IST
सार
AI Impact On Jobs: एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब अमेरिका में छात्रों के करियर चुनाव पर भी दिख रहा है। कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दो साल के भीतर छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 27.1% घट गई है। कंपनियों में कोडिंग से जुड़े शुरुआती काम एआई से कराए जाने के कारण युवाओं को नौकरी की संभावनाओं को लेकर चिंता सता रही है।
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अमेरिका में एआई छीन रहा एंट्री-लेवल नौकरियां।
- फोटो : अमर उजाला
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर अब पढ़ाई और करियर के चुनाव पर भी दिखने लगा है। वहां कंप्यूटर साइंस और सूचना विज्ञान के कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या तेजी से कम हो रही है। पिछले दो साल में अंडरग्रेजुएट स्तर पर कंप्यूटर साइंस के छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर 27.1% घटी है। माना जा रहा है कि कोडिंग से जुड़ी शुरुआती नौकरियों में AI के बढ़ते इस्तेमाल ने युवाओं की चिंता बढ़ाई है।
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कोडिंग की नौकरियां हो रहीं कम।
- फोटो : अमर उजाला
दो साल में कंप्यूटर साइंस के छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट
- नेशनल स्टूडेंट क्लियरिंगहाउस के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में इस साल के शरद सत्र में कंप्यूटर और सूचना विज्ञान के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले 12% से ज्यादा घटे हैं। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में छात्रों की संख्या में 10% से अधिक की कमी आई है।
- पिछले दो वर्षों के आंकड़े देखें तो गिरावट और बड़ी नजर आती है। इस दौरान कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में छात्रों की संख्या 18.4% कम हुई, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर यह गिरावट 27.1% रही।
- यह बदलाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ साल पहले तक कंप्यूटर साइंस अमेरिका में तेजी से लोकप्रिय हो रहे विषयों में शामिल था। बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी और बेहतर सैलरी की उम्मीद में बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र की पढ़ाई चुन रहे थे। अब एआई के कारण इसी करियर की संभावनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कमपनियों में अब एआई कर रहा कोडिंग।
- फोटो : अमर उजाला
एआई ने छीनीं एंट्री-लेवल नौकरियां
- कंप्यूटर साइंस में दाखिले घटने की एक बड़ी वजह एआई का बढ़ता इस्तेमाल माना जा रहा है। कंपनियां अब कोड लिखने, कोड की जांच करने और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े कई कामों के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं।
- इससे खास तौर पर शुरुआती स्तर की कोडिंग नौकरियों पर दबाव बढ़ रहा है। पहले इन पदों के जरिए नए ग्रेजुएट्स को इंडस्ट्री में काम सीखने और अनुभव हासिल करने का मौका मिलता था। लेकिन कंपनियां जब कुछ काम एआई की मदद से करने लगी हैं, तो नए उम्मीदवारों के लिए नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने भी अगस्त में जारी अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया था कि एआई का सबसे ज्यादा असर कंप्यूटर और गणित से जुड़े पेशों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी सभी नौकरियां खत्म हो जाएंगी। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ नई भूमिकाएं और स्किल्स की मांग भी बढ़ सकती है।
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विश्वविद्यालयों में दाखिले की रफ्तार भी पड़ी सुस्त
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालयों में दाखिले की रफ्तार भी पड़ी सुस्त
- कंप्यूटर साइंस के अलावा अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कुल दाखिले की रफ्तार भी धीमी बनी हुई है। नेशनल स्टूडेंट क्लियरिंगहाउस के रिसर्च डायरेक्टर मैथ्यू होल्सएपल के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस उन विषयों में शामिल था, जिनमें उच्च शिक्षा के स्तर पर तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। ऐसे में छात्रों की संख्या में आई गिरावट को अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
- आंकड़ों के अनुसार, इस साल शरद सत्र में अमेरिका के विश्वविद्यालयों में कुल अंडरग्रेजुएट दाखिले में सिर्फ 0.6% की बढ़ोतरी हुई। यह लगातार चौथा साल है, जब दाखिले में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिली।
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ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों का भी असर।
- फोटो : Harvard.edu
विदेशी छात्रों के दाखिले पर भी ट्रंप की नीतियों का असर
- अमेरिकी कॉलेजों में विदेशी छात्रों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। इसके पीछे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों को एक वजह माना जा रहा है।
- जेबी इंटरनेशनल और अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संगठन नाफ्सा के विश्लेषण के मुताबिक, 2025 के शरद सत्र में नए विदेशी छात्रों के दाखिले 17% घटे थे। वहीं, कॉमन एप के आंकड़ों के अनुसार, इस साल विदेश से अमेरिकी कॉलेजों में आए आवेदनों की संख्या करीब 10% कम हुई है। इसे पिछले एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट बताया गया है।
- अमेरिका में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के प्रति घटती दिलचस्पी के पीछे एआई से बदलता जॉब मार्केट और विदेशी छात्रों के दाखिले में कमी, दोनों अहम कारण बनकर सामने आ रहे हैं।