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SpaceX Starship: एलन मस्क ने बदला प्लान, स्टारशिप को हवा में लपकने का सपना अभी दूर

Sun, 23 Aug 2026 11:59 AM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sun, 23 Aug 2026 11:59 AM IST
सार

SpaceX Plan Delayed: स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने स्टारशिप रॉकेट को हवा में पकड़कर लैंडिंग कराने वाले अपने प्लान को फिलहाल टाल दिया है। मस्क का कहना है कि इसमें अभी कुछ महीने और लग सकते हैं। यह बदलाव कंपनी के भविष्य के अंतरिक्ष मिशन पर सीधा असर डाल सकता है।

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एलन मस्क - फोटो : एआई जनरेटेड
अंतरिक्ष की दुनिया में रोज नए चमत्कार करने वाली कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के प्रशंसकों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। स्पेसएक्स के सबसे महत्वाकांक्षी रॉकेट प्रोजेक्ट स्टार्शिप को लेकर एलन मस्क ने एक बार फिर समयसीमा बदलने के संकेत दिए हैं। कुछ हफ्ते पहले जहां उन्होंने अगली परीक्षण उड़ान में ही लौटते स्टारशिप को टावर से पकड़ने की संभावना जताई थी, वहीं अब उनका कहना है कि पहली कोशिश में अभी कुछ महीने लग सकते हैं।


एलन मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा कि स्पेसएपक्स कुछ महीनों बाद टावर की मदद से स्टारशिप को पकड़ने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले महीने जिस जगह स्टारशिप समुद्र में उतरा था, वहां अगर उस समय कैचिंग टावर मौजूद होता तो रॉकेट को पकड़ा जा सकता था।
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अगस्त में होनी थी अगली टेस्टिंग - फोटो : SpaceX
अगली उड़ान में कैचिंग की थी उम्मीद
  • बता दें कि इसी महीने स्टारशिप की 14वीं टेस्ट फ्लाइट के लॉन्च होने की उम्मीद थी, जिसकी कैच लैंडिंग लॉन्च टावर पर लगे रोबोटिक आर्म्स के जरिए कराई जाती। समयसीमा में बदलाव इसलिए खास है क्योंकि स्पेसएक्स की पहली सार्वजनिक कंपनी के तौर पर हुई आय संबंधी बैठक में मस्क ने काफी उत्साह के साथ कहा था कि अगली उड़ान में ही स्टार्शिप की कैचिंग संभव हो सकती है।
  • लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद उनका नया बयान बताता है कि कंपनी अब उस योजना से पीछे हट रही है। स्टारशिप कार्यक्रम में समयसीमा आगे खिसकना कोई नई बात नहीं है और मस्क की कई पिछली घोषणाएं तय समय से आगे बढ़ चुकी हैं।
  • मस्क ने यह भी अनुमान लगाया है कि अब यह उड़ान इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में हो सकती है। हालांकि, इस समयसीमा की भी पुष्टि अभी पक्के तौर पर नहीं हुई है।
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स्पेसएक्स की स्टारशिप लॉन्चिंग - फोटो : amarujala.com
नासा के मून मिशनों के लिए अहम है सफलता
  • नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम में स्पेसएक्स की तकनीक की अहम भूमिका है। आर्टेमिस III मिशन को 2027 के लिए निर्धारित किया गया है। इस मिशन के दौरान ओरायन अंतरिक्ष यान और व्यावसायिक मून लैंडर के परीक्षण मॉडल के बीच पृथ्वी की निचली कक्षा में मिलान और डॉकिंग जैसी प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाना है।
  • इन परीक्षणों के जरिए नासा आगे के मिशनों की तैयारी करेगा। इसके बाद आर्टेमिस IV के तहत 2028 में इंसानों को चांद पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।
  • आर्टेमिस III के लिए स्टारशिप को हवा में पकड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन भविष्य के मिशनों के लिए तेज लॉन्च गति बेहद महत्वपूर्ण होगी। खासकर मून लैंडर को कक्षा में ईंधन देने के लिए कई लॉन्च की जरूरत पड़ सकती है।
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रियूजेबल रॉकेट्स स्पेस मिशन को बनाएंगे किफायती - फोटो : AI जनरेटेड

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क्या है स्पेसशिप को टावर से पकड़ने का मिशन?
दरअसल, अंतरिक्ष में भेजा गया रॉकेट जब लौटकर वापस आता है तो परंपरागत तरीके से उसकी लैंडिंग समुद्र में कराई जाती है। इससे रॉकेट दोबारा उपयोग में लाने लायक नहीं रहता। अगले स्पेस मिशन के लिए नए रॉकेट को तैयार करना पड़ता है, जिससे मिशन का खर्च बढ़ जाता है। फिलहाल, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) दोबारा उपयोग में लाए जाने वाले रियूजेबल रॉकेट्स की जोर-शोर के साथ टेस्टिंग कर रही है। इससे भविष्य में स्पेस मिशन का खर्च काफी हद तक कम होने की उम्मीद की जा रही है। कंपनी पहले भी कई बार रियूजेबल रॉकेट्स की सफल टेस्टिंग कर चुकी है, लेकिन इसकी सुरक्षित लैंडिंग अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इसी का हल निकालते हुए स्पेसएक्स का अगला मिशन वापस लौटने वाले रॉकेट को उसके लॉन्च टावर में लगे रोबोटिक हाथों (आर्म्स) से पकड़ने का है। यानी जब रॉकेट वापस लौटकर अपने लॉन्च बेस में आएगा तो लॉन्च टावर में लगे रोबोटिक आर्म्स उसे पकड़कर लॉन्च बेस में सुरक्षित लैंडिंग करवाने में मदद करेंगे। इससे रॉकेट को नुकसान पहुंचने की संभावना काफी कम हो जाएगी और नए मिशन का खर्च भी कम होगा। कंपनी इसकी सफलता को मानव मिशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है।

क्या हर दिन एक स्टारशिप लॉन्च करेगी कंपनी?
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की भविष्य की योजनाएं काफी महत्वाकांक्षी नजर आती हैं। मस्क ने हाल ही में कहा था कि एक ऐसा दिन आएगा जब हम हर दिन एक स्टारशिप लॉन्च करने के काबिल हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में लॉन्च की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया था कि स्टारशिप की हीट शील्ड की समस्या भी लगभग दूर कर ली गई है। यही सफलता कंपनी के लिए सबसे बड़ा भरोसा बनी और उसने स्पेसशिप को टावर से कैच करने जैसा जोखिम उठाने का फैसला किया।
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