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Uber पर 9000 करोड़ का जुर्माना: कंप्यूटर के भरोसे रहना पड़ा भारी, जानिए कहां हुई चूक
Sun, 23 Aug 2026 03:39 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 23 Aug 2026 03:39 PM IST
सार
मशहूर राइड-हेलिंग कंपनी Uber को नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने तगड़ा झटका दिया है। ड्राइवरों के अकाउंट को बिना मानवीय जांच के सस्पेंड करने के आरोप में कंपनी पर 825 मिलियन यूरो (करीब 9,000 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया गया है।
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उबर
- फोटो : ANI
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विस्तार
आज के डिजिटल युग में मशीनों और कंप्यूटर पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन कभी-कभी यही तकनीक किसी कंपनी के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द बन जाती है। दुनिया भर में कैब सर्विस देने वाली दिग्गज कंपनी Uber के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। यूरोप में प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के सख्त नियमों का उल्लंघन करने के चलते इस राइड-हेलिंग कंपनी पर एक-दो करोड़ नहीं, बल्कि पूरे 9 हजार करोड़ रुपये (लगभग 964 मिलियन डॉलर) का भारी-भरकम जुर्माना ठोंका गया है। यह कार्रवाई नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने की है, जिसने कंपनी के उस सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं जो सीधे तौर पर ड्राइवरों की रोजी-रोटी से जुड़ा था।
रोबोटिक फैसलों ने छीनी ड्राइवरों की नौकरी
यह पूरा विवाद साल 2018 से 2022 के बीच हुई कुछ घटनाओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि इस दौरान Uber ने एक ऐसे ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जो बिना किसी इंसानी दखल के ड्राइवरों के अकाउंट को ब्लॉक या हमेशा के लिए सस्पेंड कर देता था। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कंप्यूटर को किसी ड्राइवर की कोई बात गलत लगी, तो वह बिना कोई चेतावनी दिए सीधे उसका अकाउंट बंद कर देता था। अथॉरिटी का मानना है कि ऐसे गंभीर मामलों में जहां किसी की आमदनी प्रभावित हो रही हो, वहां सिर्फ मशीन के भरोसे फैसले लेना सही नहीं है और इसके लिए पर्याप्त मानवीय समीक्षा होनी चाहिए थी।
GDPR नियमों की उड़ी धज्जियां
यूरोपीय संघ के नियम इस मामले में बेहद सख्त हैं। वहां के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) के अनुसार, कंपनियों को पूरी तरह से मशीनी या ऑटोमेटेड फैसलों पर निर्भर रहने की मनाही है, खासकर तब जब इसका लोगों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा हो। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि Uber ने अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों को कभी यह जानकारी ही नहीं दी कि उनके खिलाफ इस तरह का कोई ऑटोमेटेड सिस्टम काम कर रहा है। इसी बात को आधार बनाते हुए कंपनी को डेटा प्राइवेसी कानूनों को तोड़ने का दोषी करार दिया गया है।
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जुर्माने पर Uber ने दी सफाई
इतने बड़े जुर्माने के बाद Uber ने भी अपना बचाव किया है। कंपनी ने इस फैसले को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वे इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। कंपनी के प्रवक्ताओं का तर्क है कि जिन नीतियों को लेकर यह कार्रवाई की गई है, उन्हें वर्षों पहले ही बदला जा चुका है। इसके साथ ही, उनका कहना है कि वे ड्राइवरों की कमाई से जुड़े मसलों को बेहद गंभीरता से लेते हैं और अब प्लेटफॉर्म पर मानवीय समीक्षा और फैसले के खिलाफ अपील करने जैसे सभी जरूरी उपाय मौजूद हैं। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब नीदरलैंड्स में Uber पर ऐसा कड़ा एक्शन हुआ है। इससे पहले साल 2024 में भी यूरोपीय ड्राइवरों का डेटा सुरक्षित तरीके से अमेरिका न भेजने के आरोप में कंपनी को 290 मिलियन यूरो का जुर्माना भरना पड़ा था।
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रोबोटिक फैसलों ने छीनी ड्राइवरों की नौकरी
यह पूरा विवाद साल 2018 से 2022 के बीच हुई कुछ घटनाओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि इस दौरान Uber ने एक ऐसे ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जो बिना किसी इंसानी दखल के ड्राइवरों के अकाउंट को ब्लॉक या हमेशा के लिए सस्पेंड कर देता था। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कंप्यूटर को किसी ड्राइवर की कोई बात गलत लगी, तो वह बिना कोई चेतावनी दिए सीधे उसका अकाउंट बंद कर देता था। अथॉरिटी का मानना है कि ऐसे गंभीर मामलों में जहां किसी की आमदनी प्रभावित हो रही हो, वहां सिर्फ मशीन के भरोसे फैसले लेना सही नहीं है और इसके लिए पर्याप्त मानवीय समीक्षा होनी चाहिए थी।
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GDPR नियमों की उड़ी धज्जियां
यूरोपीय संघ के नियम इस मामले में बेहद सख्त हैं। वहां के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) के अनुसार, कंपनियों को पूरी तरह से मशीनी या ऑटोमेटेड फैसलों पर निर्भर रहने की मनाही है, खासकर तब जब इसका लोगों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा हो। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि Uber ने अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों को कभी यह जानकारी ही नहीं दी कि उनके खिलाफ इस तरह का कोई ऑटोमेटेड सिस्टम काम कर रहा है। इसी बात को आधार बनाते हुए कंपनी को डेटा प्राइवेसी कानूनों को तोड़ने का दोषी करार दिया गया है।
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जुर्माने पर Uber ने दी सफाई
इतने बड़े जुर्माने के बाद Uber ने भी अपना बचाव किया है। कंपनी ने इस फैसले को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वे इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। कंपनी के प्रवक्ताओं का तर्क है कि जिन नीतियों को लेकर यह कार्रवाई की गई है, उन्हें वर्षों पहले ही बदला जा चुका है। इसके साथ ही, उनका कहना है कि वे ड्राइवरों की कमाई से जुड़े मसलों को बेहद गंभीरता से लेते हैं और अब प्लेटफॉर्म पर मानवीय समीक्षा और फैसले के खिलाफ अपील करने जैसे सभी जरूरी उपाय मौजूद हैं। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब नीदरलैंड्स में Uber पर ऐसा कड़ा एक्शन हुआ है। इससे पहले साल 2024 में भी यूरोपीय ड्राइवरों का डेटा सुरक्षित तरीके से अमेरिका न भेजने के आरोप में कंपनी को 290 मिलियन यूरो का जुर्माना भरना पड़ा था।