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Alert: व्हाट्सएप और माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स सावधान, एक गलत Login Request से खाली हो सकता है अकाउंट; कैसे बचें आप?

Sat, 22 Aug 2026 05:30 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sat, 22 Aug 2026 05:30 PM IST
सार

Fake Login Request: आज के समय में स्मार्टफोन, लैपटाॅप और स्मार्ट गैजेट्स हमारे रोज के कामों का हिस्सा बन चुके हैं। तकनीक के साथ लोगों के काम करने का तरीका जितना आसान और एडवांस हुआ है, साइबर अपराधी भी उतने ही चालाक हो गए हैं। वे आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर बेहद सफाई से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी खतरे को गंभीरता से लेते हुए गूगल ने व्हाट्सऐप और माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और इससे कैसे बचें।
 

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Fake Login Requests Target WhatsApp, Microsoft Users; One Wrong Tap Risk Account
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Login Request Scam: व्हाट्सएप और माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए फर्जी लॉगिन रिक्वेस्ट से जुड़े साइबर हमले का खतरा सामने आया है। इस तरह के हमले में यूजर को ऐसा लॉगिन अलर्ट या ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट भेजते हैं, जो पहली नजर में सामान्य दिखाई दे सकता है। अगर यूजर जल्दबाजी में इसे अप्रूव भी कर देता है, तो हैकर को अकाउंट तक पहुंच मिलने का खतरा रहता है।
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Fake Login Request क्या है और कैसे काम करता है?
  • साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को ठगने का नया तरीका ढूंढ लिया है। इस साइबर हमले में अपराधी पहले यूजर को किसी अकाउंट में लॉगिन की कोशिश से जुड़ी रिक्वेस्ट भेजते हैं।
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  • यह रिक्वेस्ट देखने में बिल्कुल सामान्य लग सकती है। यूजर को ऐसा लग सकता है कि लॉगिन उसी ने शुरू किया है और इसी वजह से वह बिना जांच किए अप्रूव कर देता है।
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  • यहीं से आली खतरा शुरू होता है। अगर लॉगिन रिक्वेस्ट वास्तव में हैकर ने भेजी है और यूजर उसे मंजूरी दे देता है, तो हमलावर को अकाउंट तक पहुंच हासिल करने का मौका मिल सकता है।

कौन-कौन निशाने पर?
  • इस खतरे के निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट और व्हाट्सएप यूजर्स हैं। 
  • माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट साइबर अपराधियों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इसके जरिए ईमेल, क्लाउड फाइल्स और दूसरी माइक्रोसॉफ्ट सेवाओं तक पहुंच जुड़ी हो सकती है।
  • फर्जी लॉगिन रिक्वेस्ट के जरिए हमलावर यूजर को भ्रमित करके ऑथेंटकेशन प्रोसेस पूरा करवाने की कोशिश करते हैं।
  • इसलिए अगर आपको माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट का कोई ऐसा लॉगइन अलर्ट दिखाई देता है, जिसे आपने खुद शुरू नहीं किया है, तो उसे तुरंत अप्रूव  करने के बजाय पहले जांच करें।

व्हाट्सएप यूजर्स को कैसे फंसाते हैं हैकर?
  • व्हाट्सएप भी साइबर अपराधियों के निशाने पर रहता है। अकाउंट पर कब्जा करने के लिए हमलावर कई तरह के सोशल इंजीनियर तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। वे यूजर को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि कोई लॉगिन या वैरिफिकेशन प्रोसेस चल रही है।
  • ऐसे में अगर यूजर धोखे में आकर किसी वेरिफिकेशन कोड, लॉगिन अनुरोध या ऑथेंटिकेशन प्रॉम्प्ट को स्वीकार कर लेता है, तो व्हाट्सएप अकाउंट खतरे में पड़ सकता है।

मजबूत पासवर्ड के बावजूद कैसे हो सकता है खतरा?
  • इस तरह के हमले की खास बात यह है कि केवल मजबूत पासवर्ड होना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।
  • अगर साइबर अपराधी यूजर को ही धोखे में लेकर ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट अप्रूव करवा देता है या वैरिफिकेशन कोड हासिल कर लेता है, तो पासवर्ड की मजबूती के बावजूद अकाउंट की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
  • यानी साइबर सुरक्षा में सिर्फ तकनीकी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि यूजर की सावधानी भी बेहद महत्वपूर्ण है।

गूगल ने क्या चेतावनी दी है?
  • आज साइबर हमलों का एक बड़ा हिस्सा केवल किसी तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाने तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधी अक्सर इंसानी गलती और व्यवहार को निशाना बनाते हैं।
  • इसके लिए वे यूजर में डर, जल्दबाजी या भरोसे की भावना पैदा करने की कोशिश करते हैं, ताकि वह बिना सोचे किसी रिक्वेस्ट को अप्रूव कर दे या संवेदनशील जानकारी साझा कर दे।
  • इसी वजह से लॉगिन अलर्ट और ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट को ध्यान से जांचना जरूरी है।

कैसे सुरक्षित रखें अपना अकाउंट?
  • अगर आपको कोई अनजान लॉगिन रिक्वेस्ट दिखाई देती है, तो उसे बिना जांचे अप्रूव न करें।
  • अगर आपने खुद लॉगिन नहीं किया है तो रिक्वेस्ट को रिजेक्ट करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी या वैरिफिकेशन कोड शेयर न करें।
  • किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर ऑथेंटिकेशन अप्रूवल न दें।
  • जरूरी अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन  (2FA) का इस्तेमाल करें।
  • जहां उपलब्ध हो, वहां पासकी जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर का इस्तेमाल करें।
  • किसी भी असामान्य Login Alert को नजरअंदाज करने के बजाय पहले उसकी जांच करें।

एक क्लिक से बच सकती है बड़ी परेशानी
  • फर्जी लॉगिन रिक्वेस्ट वाला हमला इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसमें कई बार हैकर को किसी जटिल तकनीकी प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती। वह यूजर को ऐसा महसूस कराता है कि सामने आया अलर्ट सामान्य है।
  • इसलिए अगली बार फोन या कंप्यूटर पर कोई लॉगिन रिक्वेस्ट आए तो सिर्फ इसलिए अप्रूव न करें कि वह देखने में असली लग रही है। पहले यह सुनिश्चित करें कि लॉगिन आपने ही शुरू किया है। यही छोटी-सी सावधानी आपके अकाउंट को बड़े साइबर खतरे से बचाने में मदद कर सकती है।
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