नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देश के ज्यादातर राज्यों में प्रदर्शन चल रहा है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यूपी, असम, बंगलूरू के कई शहरों में इंटरनेट को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। हाल ही में कई रिपोर्ट सामने आई हैं, जिनमें बताया गया है कि भारत इंटरनेट बंद करने के मामले में सबसे आगे है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत सरकार इंटरनेट को कैसे बंद करती है। आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताएंगे कि केंद्र सरकार इंटरनेट पर बैन लगाने के लिए किस प्रक्रिया को अपनाती है। साथ ही आप यहां जान सकेंगे कि देश के किस राज्य में कितनी बार इंटरनेट पर बैन लगा है। आइए जानते हैं भारत में इंटरनेट कैसे बंद किया जाता है...
सरकार अचानक से बंद नहीं करती इंटरनेट, इन प्रक्रियाओं को करना होता है पूरा
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इस तरह लगता है इंटरनेट पर बैन
- केंद्र या राज्य के गृह सचिव इंटरनेट बैन करने का ऑर्डर देते हैं।
- इंटरनेट बैन के ऑर्डर को एसपी या उससे ऊपर के रैंक वाले अधिकारी के जरिए भेजा जाता है। इसके बाद अधिकारी टेलीकॉम कंपनी को उस राज्य में इंटरनेट बैन करने के लिए कहता है।
- ऑर्डर को अगले वर्किंग डे में सरकार के रिव्यू पैनल के पास भेजा जाता है। यहां पैनल पांच दिन तक ऑर्डर का रिव्यू करता है। इस रिव्यू पैनल में कैबिनेट सेक्रेटरी, लॉ सेक्रेटरी और टेलीकम्युनिकेशन्स सेक्रेटरी शामिल होते हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार की तरफ से दिए गए ऑर्डर के रिव्यू में चीफ सेक्रेटरी और लॉ सेक्रेटरी शामिल होते हैं। मंजूरी मिलने के बाद इंटरनेट पर बैन लगा दिया जाता है।
जॉइंट सेक्रेटरी धारा 144 के दौरान इंटरनेट पर लगा सकते हैं बैन
केंद्र और राज्य के गृह सचिव की तरफ से चुने गए जॉइंट सेक्रेटरी धारा 144 के दौरान इंटरनेट पर बैन लगाने का आदेश दे सकते हैं। लेकिन इस फैसले के लिए जॉइंट सेक्रेटरी को 24 घंटे के अंदर गृह सचिव से मंजूरी लेनी होती है।
इंटरनेट बैन के नियमों में हुआ बदलाव
वर्ष 2017 से पहले क्षेत्र के डीएम इंटरनेट बंद करने के आदेश देते थे। लेकिन, केंद्र सरकार ने इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885 के तहत टेम्प्ररी सस्पेंशन ऑफ टेलीकॉम सर्विसेज (पब्लिक इमरजेंसी या पब्लिक सेफ्टी) नियम में बदलाव किया था, जिसके बाद अब केंद्र या राज्य के गृह सचिव इंटरनेट बैन का आदेश दे सकते हैं।
इंटरनेट बंद के मामले में भारत है सबसे आगे
इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकनॉमिक रिलेशन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट बंद के मामले में भारत दूसरे देशों से बहुत आगे है। इंटरनेट पर बैन लगने से देश को आर्थिक नुकसान भी होता है। वहीं, अगली स्लाइड में आप जान सकेंगे कि किस राज्य में कितनी बार इंटरनेट पर बैन लगाया गया है।