हाल ही में एक आरटीआई के जवाब में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बताया था कि अप्रैल 2018 से लेकर दिसंबर 2018 के बीच 7,951 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है। इस दौरान फ्रॉड को लेकर 1,885 घटनाएं हुई हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह फ्रॉड कैसे हुआ और लोगों के साथ 7 हजार करोड़ से अधिक रुपये की ठगी किस प्रकार हुई। आइए जानते हैं कि यदि आप एसबीआई या किसी अन्य बैंक के ग्राहक हैं तो आपको किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
सावधान: इन 7 तरीकों से आपके बैंक अकाउंट में लग सकती है सेंध, गायब हो जाएगी पूरी कमाई
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फोन कॉलिंग
कई बार आपके पास कॉल आता है और सामने वाला शख्स खुद को एसबीआई का कर्मचारी बताता है। ऐसे में कई लोग उस पर भरोसा कर लेते हैं और यहीं से फ्रॉड की शुरुआत होती है। तो आपको बता दें कि बैंक कभी फोन आपसे निजी जानकारी नहीं मांगते हैं।
भरोसा जीतने की कोशिश
आपको फोन करने वाला शख्स कई बार आपका नाम, जन्म तारीख और मोबाइल नंबर के बारे में बताता है। ऐसे में आपको लगता है कि फोन करने वाला शख्स बैंक से ही बोल रहा है और आप उस पर भरोसा कर लेते हैं। आपको ऐसे फोन कॉल्स पर भरोसा नहीं करना है।
शुरुआती बात होने के बाद ठग आपको डराने की कोशिश करेगा। वह आपसे कह सकता है कि यदि आप उसे कहे अनुसार नहीं करते हैं तो आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक हो जाएगा।
डेबिट कार्ड की जानकारी
आपको डराने के बाद धोखाधड़ी करने वाला शख्स आपसे आपकी कस्टमर आईडी और डेबिट व क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांग सकता है, लेकिन आपको उसे किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं देनी है, नहीं तो होने वाली ठगी के जिम्मेदार आप खुद होंगे।