क्या आप पर भी क्रेडिट कार्ड का लाखों रुपये बकाया है? और क्या कोई अनजान व्यक्ति आपका बिल चुकाने के साथ-साथ आपको ऊपर से कमीशन देने का ऑफर दे रहा है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। यह साइबर ठगों का नया जाल है, जो आपकी उधारी तो खत्म कर देगा, लेकिन आपको सीधे जेल पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि साइबर अपराध की दुनिया में यह नया क्रेडिट कार्ड स्कैम कैसे काम कर रहा है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
साइबर फ्रॉड का नया तरीका: क्रेडिट कार्ड की उधारी भी चुकेगी और कमीशन मिलेगा वो अलग, ऐसे निशाना बना रहे ठग
Credit Card Scam: साइबर अपराधी अब ठगी के लिए एक नया और खतरनाक तरीका अपना रहे हैं। वे अब क्रेडिट कार्ड की बढ़ती उधारी और भारी ब्याज से परेशान लोगों को निशाना बना रहे हैं। इस स्कैम में ठग पहले पीड़ित का क्रेडिट कार्ड बकाया चुकाने का लालच देते हैं और फिर उसके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर अपराध से कमाए गए पैसों को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं।
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यह नया 'क्रेडिट कार्ड स्कैम' क्या है?
साइबर ठग अब फ्रॉड करने के लिए लगातार नए और हाई-टेक तरीके खोज रहे हैं। पहले ठग चोरी का पैसा मंगाने के लिए लंबे समय से बंद पड़े बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब उन्होंने इसका नया जुगाड़ निकाल लिया है- क्रेडिट कार्ड के बकाएदारों का इस्तेमाल करना।
A recent Mumbai cyber fraud case revealed a new tactic where fraudsters allegedly used credit cards with high outstanding dues to move money obtained through cyber crime. pic.twitter.com/MQyJBBou0k
— CyberDost I4C (@Cyberdost) June 11, 2026
कैसे काम करता है यह फ्रॉड? (स्टेप-बाय-स्टेप)
ठगों का यह जाल बहुत ही शातिर तरीके से बुना गया है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ इस तरह काम करती है:
- शिकार की तलाश: साइबर ठग सबसे पहले इंटरनेट और डेटा के जरिए ऐसे लोगों को खोजते हैं जिन पर क्रेडिट कार्ड का भारी-भरकम बिल बकाया है और वे रिकवरी एजेंटों या बैंक के फोन से परेशान हैं।
- लालच देना: ठग उस व्यक्ति से संपर्क करते हैं और ऑफर देते हैं कि वे उसका पूरा क्रेडिट कार्ड बिल चुका देंगे।
- अकाउंट का एक्सेस मांगना: बिल चुकाने के बदले में ठग उस व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से लिंक बैंक अकाउंट का एक्सेस या डिटेल्स मांग लेते हैं।
- ठगी का पैसा ट्रांसफर करना: परेशान व्यक्ति आसानी से अपना एक्सेस दे देता है। इसके बाद ठग किसी तीसरे व्यक्ति से की गई साइबर ठगी का पैसा (ब्लैक मनी) इस अकाउंट में ट्रांसफर करते हैं।
- कैश में वापसी और कमीशन: इसी ठगी के पैसे से आपका क्रेडिट कार्ड बिल भरा जाता है। बचे हुए पैसे को ठग आपसे नकद में मांगते हैं और इसके बदले आपको एक कमीशन भी देते हैं।
आप कैसे फंस जाते हैं?
आपको लगता है कि आपकी उधारी भी चुक गई और ऊपर से कमीशन भी मिल गई। लेकिन असल में, ठग कैश लेकर अपना डिजिटल फुटप्रिंट मिटा देते हैं और गायब हो जाते हैं। जब पुलिस उस ठगी के पैसे की जांच करते हुए डिजिटल ट्रेल को फॉलो करती है, तो वह सीधा आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचती है। ऐसे में ठग तो बच निकलते हैं, लेकिन पुलिस के सवालों का जवाब आपको देना पड़ता है और आप बिना कुछ किए साइबर क्राइम के जुर्म में फंस जाते हैं।
I4C की चेतावनी और बचने के टिप्स
भारत सरकार की संस्था इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस नए स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- एक्सेस शेयर न करें: कभी भी अपने बैंक अकाउंट, इंटरनेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स किसी अनजान व्यक्ति या थर्ड-पार्टी के साथ शेयर न करें।
- लालच में न आएं: कोई भी अनजान व्यक्ति आपका बिल मुफ्त में नहीं भरेगा। ऐसे कमीशन वाले ऑफर्स से तुरंत दूरी बना लें।
- बैंक से बात करें: अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का ज्यादा बिल हो गया है, तो इधर-उधर के जुगाड़ खोजने के बजाय सीधे अपने बैंक से बात करें और बिल को आसान EMI में बदलवा लें।
- शिकायत दर्ज करें: अगर आपके साथ कोई भी ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
सावधानी ही बचाव है। इस जानकारी को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि वे भी इस नए साइबर जाल से सुरक्षित रह सकें।