सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Utility ›   Ambulance Fire Brigade Vehicle Accident Rules Will Drivers Be Punished After Accident

जानना जरूरी: एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी से हो जाए एक्सीडेंट, तो क्या ड्राइवर को मिलेगी सजा?

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sankalp Prakash Singh Updated Wed, 29 Apr 2026 06:00 PM IST
विज्ञापन
सार

एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां जान बचाने के लिए नियमों में छूट के साथ चलती हैं, लेकिन हादसा होने की स्थिति में जिम्मेदारी का सवाल उठता है। 

Ambulance Fire Brigade Vehicle Accident Rules Will Drivers Be Punished After Accident
Ambulance Fire Brigade Vehicle Accident Rules - फोटो : AI Generated
विज्ञापन

विस्तार

आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को आपने सड़कों पर आम लोगों की जान बचाने के लिए तेजी से जाते जरूर देखा होगा। हालांकि,  कई बार तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों से छूट के कारण इनसे जुड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। इस तरह के मामलों में अक्सर एक बड़ा सवाल उठता है कि अगर एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी से कोई सड़क दुर्घटना हो जाए तो क्या ड्राइवर को सजा मिलेगी? ये सवाल कानूनी और व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें एक तरफ जान बचाने की जिम्मेदारी होती है और दूसरी ओर सड़क सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

Trending Videos

आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि भारत में मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन गाड़ियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इन्हें रेड सिग्नल पार करने, तेज गति से चलने और रास्ता प्राथमिकता से चुनने की अनुमति होती है। ध्यान देने वाली बात है कि  यह छूट पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होती। ड्राइवर को सावधानी और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना जरूरी होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अगर किसी दुर्घटना में यह साबित हो जाता है कि ड्राइवर ने लापरवाही से ड्राइविंग की है। इस स्थिति में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ड्राइवर की लापरवाही से हुए हादसे के बाद वह घटना स्थल पर मौजूद था? या वहां से भाग गया था। यानी अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से सजा और जुर्माने का प्रावधान है। 

इन्हीं को ध्यान में रखते हुए ड्राइवर के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाती है। इमरजेंसी होने के बावजूद कानून पूरी तरह से ड्राइवर को छूट नहीं देता। हालांकि, कई मामलों में अदालत यह भी देखती है कि ड्राइवर उस समय किस परिस्थिति में गाड़ी चला रहा था। अगर वह किसी मरीज की जान बचाने या आग बुझाने के लिए तत्काल कार्रवाई कर रहा था और उसने उचित सावधानी भी बरती थी। 

इस स्थिति में उसे राहत मिल सकती है। ऐसे मामलों में इरादा और स्थिति दोनों को ध्यान में रखा जाता है। सड़क पर आम लोगों को एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को तुरंत रास्ता देना चाहिए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। वहीं ड्राइवरों को भी जिम्मेदारी और ध्यानपूर्वक ढंग से गाड़ी चलानी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed