Legal Car Modifications In India: अक्सर लोग अपनी कार को अलग और कूल दिखाने के लिए उसमें तरह-तरह के स्टाइलिश मॉडिफिकेशन कराते हैं। हालांकि आरटीओ के नियमों के अनुसार, वाहन में किसी भी तरह का बदलाव करने की एक तय प्रक्रिया और सीमा होती है। अगर कोई इन नियमों के विरुद्ध जाकर मॉडिफिकेशन कराता है, तो उसे गैर-कानूनी माना जाता है।
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Car Modification Tips: कार में क्या-क्या मॉडिफिकेशन कराना है लीगल, यहां जानें नियम और शर्तें
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:48 PM IST
सार
Legal Car Modifications In India: आमतौर पर लोग आकर्षण के चक्कर में अपनी कार में तेज आवाज वाले साइलेंसर या शीशों पर डार्क फिल्म लगवा लेते हैं, ये बदलाव गैर-कानूनी होते हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि आप कार में क्या-क्या मॉडिफिकेशन करा सकते हैं जो लीगल हो।
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क्या पेट्रोल गाड़ी को CNG में बदल सकते हैं?
- फोटो : Amar Ujala
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कार में क्या बदलाव कराना लीगल है?
- फोटो : Adobe Stock
ये मॉडिफिकेशन्स हैं पूरी तरह लीगल
- कार के अंदरूनी हिस्से जैसे कि सीट कवर बदलना, नया म्यूजिक सिस्टम या टचस्क्रीन लगाना और डैशबोर्ड की फिनिशिंग में बदलाव करना पूरी तरह से लीगल है।
- आप अपनी कार का रंग बदल सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको पहले RTO से लिखित अनुमति लेनी होगी और बदलाव के बाद अपनी RC पर नया रंग दर्ज कराना अनिवार्य है।
- कार में एलॉय व्हील्स लगवाना लीगल है, बशर्ते उनका साइज कंपनी द्वारा दिए गए विकल्पों के भीतर हो। ध्यान रहे कि टायर कार की बॉडी से बाहर नहीं निकलने चाहिए।
- आप अपनी सुविधा के लिए कार में रूफ रेल (बिना स्ट्रक्चर छेड़े), डोर प्रोटेक्टर्स, और वाइजर्स जैसी छोटी एक्सेसरीज लगवा सकते हैं।
- अगर आपकी कार पेट्रोल है, तो आप बाहर से अप्रुव्ड CNG किट लगवा सकते हैं।
- पर ध्यान रखें कि इसे लगवाने के बाद आपको इसे अपने रजिस्ट्रेशन पेपर पर अपडेट कराना जरूरी है।
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कौन से बदलाव से बचना चाहिए?
- फोटो : Freepik
इन बदलावों पर कट सकता है भारी चालान
- कंपनी द्वारा दिए गए साइलेंसर को हटाकर तेज आवाज वाले 'आफ्टर-मार्केट' एग्जॉस्ट लगवाना गैरकानूनी है।
- कार के शीशों पर ऐसी काली फिल्म लगाना जिससे अंदर का कुछ न दिखे, प्रतिबंधित है, विजिबिलिटी कम से कम 50-70% होनी चाहिए।
- कार की छत काटना, चेसिस में बदलाव करना या गाड़ी की लंबाई-चौड़ाई बढ़ाना कानूनन अपराध माना जाता है।
कार में ये बदलाव हो सकता है गैर कानूनी
- फोटो : Freepik
सुरक्षा और वारंटी से जुड़े जोखिम
- इलेक्ट्रिकल वायरिंग के साथ छेड़छाड़ करने पर कंपनी आपकी कार की वारंटी खत्म कर सकती है।
- अगर आपने भारी मॉडिफिकेशन कराया है और उसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को नहीं दी, तो हादसे के समय क्लेम मिलना मुश्किल हो सकता है।
- सीएनजी किट लगवाने या रंग बदलने जैसे कामों के बाद इसे आरसी पर दर्ज कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
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गाड़ी में हमेशा ओरिजिनल पार्ट का ही इस्तेमाल करें
- फोटो : FREEPIK
समझदारी भरा फैसला
- अपनी गाड़ी को सजाने के लिए हमेशा आरटीओ द्वारा स्वीकृत और अच्छी क्वालिटी के पार्ट्स का ही इस्तेमाल करें ताकि गाड़ी की सुरक्षा बनी रहे।
- किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने स्थानीय आरटीओ ऑफिस या किसी कानूनी एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
- ध्यान रखें कि कार की खूबसूरती से ज्यादा आपकी और सड़क पर चलने वाले दूसरों की जान की कीमत अधिक है।