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DigiLocker Validity Offline Can You Show Documents to TTE or Traffic Police Without Internet? Know Rules
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क्या डिजीलॉकर में रखे कागजात टीटीई या ट्रैफिक पुलिस को ऑफलाइन मोड में दिखाए जा सकते हैं? जानें नियम
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Tue, 07 Jul 2026 03:30 PM IST
सार
Can I Show Offline Virtual DL to Traffic Police?: अक्सर ये देखने को मिलता है कि जब लोग डिजिलॉकर से डाक्यूमेंट्स दिखाने जाते हैं तो इंटरनेट न होने की वजह से उनके मन में कई सवाल आते हैं। पहला तो यही सवाल कि क्या ऑफलाइन मोड में डाउनलोड किए गए डाक्यूमेंट्स मान्य होते हैं? आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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डिजीलॉकर ऑफलाइन नियम
- फोटो : AI
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Show Offline Digiloker DL to Traffic Police: बदलते दौर में तकनीक ने हमारे रहन-सहन और सफर करने के तौर-तरीकों को बहुत हद तक बदल दिया है। पहले जहां घर से निकलते समय जेब में जरूरी कागजों को लेकर चलना पड़ता था, वहीं आज के डिजिटल युग में स्मार्ट गैजेट्स ने इस झंझट को काफी हद तक खत्म कर दिया है। इसी कड़ी में भारत सरकार का आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म 'डिजीलॉकर' देश के नागरिकों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर उभरा है। बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act, 2000) के तहत इस एप में सुरक्षित दस्तावेज पूरी तरह कानूनी रूप से वैध और मूल कागजात के बराबर माने जाते हैं।
हालांकि, अक्सर आम यात्रियों और वाहन चालकों के मन में यह दुविधा रहती है कि अगर वे किसी दूरदराज के क्षेत्र, रेलवे टनल या बिना नेटवर्क वाले इलाके में हों, तो क्या वे इंटरनेट के बिना (ऑफलाइन मोड में) टीटीई या ट्रैफिक पुलिस को अपने डिजिटल दस्तावेज दिखा सकते हैं? आइए इस लेख में इसी जमीनी सच्चाई के बारे में समझते हैं।
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ऑफलाइन मोड में दस्तावेज दिखाने की पूरी छूट
- फोटो : Adobe Stock
ऑफलाइन मोड में दस्तावेज दिखाने की पूरी छूट
सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, आप बिना इंटरनेट यानी ऑफलाइन मोड में भी डिजीलॉकर ऐप खोलकर अपने दस्तावेज अधिकारियों को दिखा सकते हैं, लेकिन इसकी कुछ शर्तें हैं। इसके लिए शर्त बस इतनी है कि वे दस्तावेज आपके एप के 'इश्यूड डॉक्यूमेंट्स' सेक्शन में पहले से डाउनलोड होने चाहिए। एप में ऑफलाइन मोड में भी वो दस्तावेज साफ दिखाई देते हैं, जिन्हें सुरक्षा बल या अधिकारी आसानी से चेक कर सकते हैं।
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बिना इंटरनेट ऐसे जांच होती है सत्यता
- फोटो : Adobe Stock
बिना इंटरनेट ऐसे जांच होती है सत्यता
जब आप बिना इंटरनेट के ट्रैफिक पुलिस को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या पहचान पत्र दिखाते हैं, तो वे उसकी प्रामाणिकता जांचने के लिए दस्तावेज पर मौजूद एक विशेष 'क्यूआर कोड' को स्कैन करते हैं। डिजीलॉकर द्वारा जारी हर डिजिटल सर्टिफिकेट पर एक एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड होता है। अधिकारियों के पास मौजूद विभागीय एप (जैसे ई-चालान एप) बिना इंटरनेट के भी इस क्यूआर कोड को स्कैन करके यह पुष्टि कर लेता है कि दस्तावेज असली है या नहीं।
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ट्रेन यात्रा में टीटीई के लिए क्या हैं रेलवे के नियम?
- फोटो : Adobe Stock
ट्रेन यात्रा में टीटीई के लिए क्या हैं रेलवे के नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, सफर के दौरान टिकट चेकिंग के समय अगर यात्री अपनी पहचान साबित करने के लिए डिजीलॉकर के 'इश्यूड' सेक्शन से पहचान पत्र दिखाता है, तो टीटीई को उसे हर हाल में मान्य करना होगा। ट्रेन के भीतर अक्सर मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है, ऐसी स्थिति में आप बिना इंटरनेट के भी अपनी बोगी में टीटीई को ऑफलाइन डिजिटल आईडी दिखा सकते हैं। इसके लिए वे आप पर कोई जुर्माना नहीं लगा सकते और न ही आपको बिना आईडी का यात्री मान सकते हैं।
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सेल्फ-अपलोडेड फाइलों पर लग सकता है जुर्माना
- फोटो : Adobe Stock
सेल्फ-अपलोडेड फाइलों पर लग सकता है जुर्माना
डिजीलॉकर को लेकर सबसे बड़ी सावधानी यह रखनी है कि इसमें दो तरह के सेक्शन होते हैं। पहला 'इश्यूड डॉक्यूमेंट्स' जो सीधे सरकारी डेटाबेस से लिंक होकर आता है और दूसरा 'अपलोडेड डॉक्यूमेंट्स' जहां आप खुद किसी कागज की फोटो खींचकर अपलोड करते हैं। अगर आप ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में अपनी खुद से स्कैन करके अपलोड की गई फाइल (जैसे गैलरी से डाली गई फोटो) टीटीई या ट्रैफिक पुलिस को दिखाएंगे, तो उसे कानूनन अमान्य माना जाएगा और आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
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