Mobile Data Privacy Tips: क्या आपने कभी गौर किया है कि आप जिस भी प्रोडक्ट के बारे में इंटरनेट पर सर्च करते हैं, कुछ ही देर में उसका विज्ञापन आपके सोशल मीडिया फीड पर दिखने लगता है? यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह 'एड ट्रैकिंग' की वजह से होता है। कंपनियां आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और ऐप उपयोग के पैटर्न को ट्रैक करती हैं ताकि आपको आपके सर्च हिस्ट्री से जुड़े विज्ञापन दिखाए जा सकें।
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Data Privacy: अपने फोन से 'Ad Tracking' कैसे बंद करें? इस उपाय से स्मूथ चलेगा आपका फोन
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Mon, 16 Mar 2026 03:04 PM IST
सार
Android Advertising ID Reset: अक्सर ये देखने को मिलता है कि जैसे ही हम कोई प्रोडक्ट सर्च करते हैं, इसके बाद कई दिनों तक इसी से जुड़ा एड हमारे फोन में लगभग हर जगह दिखने लगते हैं। इसे ही Ad Tracking कहते हैं, जो हमारे फोन के सर्च हिस्ट्री के आधार पर होता है। आइए जानते हैं कि इसे कैसे बंद कर सकते हैं।
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क्या होता है Ad Tracking?
- फोटो : Amar Ujala
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क्या होता है Ad Tracking?
- फोटो : Adobe Stock
एंड्रॉइड फोन में सेटिंग्स बदलने की क्या प्रक्रिया?
- सबसे पहले अपने फोन की 'सेटिंग्स' में जाएं और नीचे स्क्रॉल कर 'Google' विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां आपको 'Ads' का विकल्प मिलेगा, उस पर टैप करें। इसके बाद 'Delete Advertising ID' को चुनें।
- ऐसा करने से गूगल आपकी पुरानी सर्च हिस्ट्री को विज्ञापनों से नहीं जोड़ पाएगा।
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iPhone 17
- फोटो : apple.com
आईफोन यूजर्स ऐसे बंद करें Ad Tracking?
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- आईफोन में डेटा प्राइवेसी काफी मजबूत है। इसके लिए 'Settings' में जाकर 'Privacy & Security' पर क्लिक करें।
- यहां 'Tracking' विकल्प में जाकर 'Allow Apps to Request to Track' को बंद कर दें।
- इसके अलावा नीचे 'Apple Advertising' में जाकर 'Personalized Ads' को टर्न ऑफ कर दें। इससे ऐप्स आपकी गतिविधियों को फॉलो नहीं कर पाएंगे और आपका डेटा सुरक्षित रहेगा।
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क्या होता है Ad Tracking?
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अपने वेब ब्राउजर में भी करें ये बदलाव
- फोन सेटिंग्स के अलावा अपने वेब ब्राउजर (क्रोम) में भी बदलाव करें। क्रोम की सेटिंग्स में 'Privacy and Security' में जाएं।
- यहां 'Send a Do Not Track request' को ऑन कर दें। यह वेबसाइट्स को आपकी जानकारी कलेक्ट करने से रोकता है।
- कुकीज को नियमित रूप से क्लियर करते रहें। इससे फोन की मेमोरी खाली होती है और वेबसाइट्स आपको बार-बार ट्रैक नहीं कर पातीं हैं।
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प्राइवेसी के साथ परफॉर्मेंस का भी फायदा
- एड ट्रैकिंग बंद करने का मतलब यह नहीं है कि विज्ञापन बिल्कुल नहीं दिखेंगे, इससे ये होगा कि विज्ञापन सीमित दिखेंगे और जो दिखेंगे आपके सर्च हिस्ट्री के आधार पर नहीं होंगे।
- इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि बैकग्राउंड में डेटा सिंक करने वाली प्रक्रियाएं रुक जाती हैं, जिससे रैम फ्री होती है और फोन स्मूथ चलता है।
- अपनी डेटा प्राइवेसी को गंभीरता से लें और समय-समय पर अपने फोन की सिक्योरिटी ऑडिट करते रहें ताकि आप सुरक्षित डिजिटल अनुभव का आनंद ले सकें।