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Railway Stone Pelting Laws: Stringent Actions and Strict Punishment Under Railway Act Explained
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Railway Stone Pelting: ट्रेन पर पत्थर फेंकने वालों पर हो रही सख्त कार्रवाई, जानें रेलवे का कड़ा कानून
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sun, 28 Jun 2026 07:03 PM IST
सार
Indian Railways Security Network: ट्रेन पर पत्थरबाजी करना एक बेहद गंभीर अपराध है, जिसको लेकर रेलवे प्रशासन अब पहले और अधिक सख्त हो चुका है। इसी कड़ी में अब संवेदनशील जगहों पर दोषियों को पकड़ने के लिए ड्रोन से नजर रखी जा रही है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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ट्रेन पर पत्थरबाजी कानून
- फोटो : AI
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RPF Drone Surveillance India: चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने की घटनाएं न सिर्फ रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सफर कर रहे यात्रियों और ट्रेन स्टाफ की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन जाती हैं। हाल के दिनों में वंदे भारत और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों पर पथराव की बढ़ती खबरों को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल बेहद सख्त हो गया है। बता दें कि अब संवेदनशील इलाकों में आसमान से ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ तेज हो गई है।
कई लोग इसे सिर्फ एक साधारण शरारत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, मगर कुछ मामलों ये पत्थरबाजी यात्री की जान भी ले लेती है। यही वजह है कि रेलवे कानून में इसके लिए बेहद कड़े और गैर-जमानती प्रावधान किए गए हैं। आइए इस लेख में समझते हैं कि ट्रेन पर पत्थर फेंकने वालों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई होती है और इसमें कितनी सजा का प्रावधान है।
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रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत कड़ा कानून
- फोटो : Adobe Stock
रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत कड़ा कानून
भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 152 के तहत चलती ट्रेन पर पत्थर, लकड़ी या कोई भी ऐसी वस्तु फेंकना जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो, एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को सीधे 5 साल तक की कठोर जेल की सजा हो सकती है।
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नाबालिग बच्चों की शरारत पर माता-पिता की बढ़ेगी मुश्किल
- फोटो : Adobe Stock
नाबालिग बच्चों की शरारत पर माता-पिता की बढ़ेगी मुश्किल
रेलवे सुरक्षा बल के आंकड़ों के मुताबिक, अक्सर पटरियों के पास रहने वाले बच्चे जागरूकता की कमी के कारण खेल-खेल में पत्थर फेंक देते हैं। हालांकि 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर सीधे मुकदमा नहीं चलता, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाओं में शामिल पाए जाने पर उनके माता-पिता या अभिभावकों को कानूनी जवाबदेही और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
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ड्रोन तकनीक और हाईटेक सुरक्षा से रखी जा रही है नजर
- फोटो : Adobe Stock
ड्रोन तकनीक और हाईटेक सुरक्षा से रखी जा रही है नजर
पत्थरबाजों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए रेलवे अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। संवेदनशील रेल सेक्शन (जैसे आदर्श नगर-नरेला-पानीपत रूट) पर ट्रेन गुजरते समय विशेष ड्रोन तैनात किए जाते हैं, जो रियल-टाइम में पटरियों के आसपास की संदिग्ध गतिविधियों की फुटेज सीधे सुरक्षा टीमों को भेजते हैं, जिससे अपराधियों की गिरफ्तारी आसान हो गई है।
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ड्रोन (प्रतीकात्मक)
- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
एक जिम्मेदार नागरिक बनें और तुरंत ऐसे करें शिकायत
रेल यात्रा के दौरान अगर आपको पटरी के किनारे कोई संदिग्ध व्यक्ति या पत्थरबाजी करता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत 'रेल मदद' एप के जरिए अपनी लाइव लोकेशन के साथ रिपोर्ट करें। इसके अलावा आप रेलवे के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके आरपीएफ को सूचित कर सकते हैं, ताकि समय रहते बड़े हादसों को टाला जा सके।
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