ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री का एलान कल हो जाएगा। कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों ने शुक्रवार शाम तक अपने नए नेता को चुनने के लिए वोट डाला। सोमवार को विदेश सचिव लिज ट्रस और पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक में से किसी एक को विजेता घोषित किया जाएगा।
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अभी तक की लड़ाई में लिज ट्रस और ऋषि सुनक दोनों में कड़ा मुकाबला हुआ। ब्रिटेन के साथ-साथ भारत की नजर भी इनके नतीजों पर होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ऋषि सुनक भारतीय मूल के हैं। ऋषि के दादा-दादी का जन्म भी पंजाब में हुआ था। बाद में उनका परिवार अफ्रीका और बाद में इंग्लैंड शिफ्ट हो गया था।
ऐसे में आज हम आपको ऋषि सुनक के परिवार के बारे में बताएंगे। ये समझाएंगे कि आखिर कैसे ऋषि सुनक का परिवार भारत से विदेश चला गया और अब कौन क्या कर रहा है?
पंजाब से थे दादा-दादी, बाद में चले गए दक्षिण अफ्रीका
ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक था। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे।
मां तंजानिया, पिता केन्या में पैदा हुए
ऋषि के दादा-दादी ने भारत छोड़ने के बाद कई अफ्रीकन देशों का भ्रमण किया। ऋषि के पापा यशवीर सुनक का जन्म केन्या में हुआ था। वहीं, उनकी मां उषा सुनक का जन्म तंजानिया में हुआ था। यशवीर डॉक्टर थे और मां उषा फार्मासिस्ट। तीन भाई-बहनों में ऋषि बड़े हैं। ऋषि के भाई का नाम संजय और बहन का नाम राखी है।
बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है। ऋषि ने भारत के बड़े उद्योगपतियों में शुमार इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है। सुनक और अक्षता की दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम अनुष्का सुनक और कृष्णा सुनक है।
ऋषि ने बताई थी परिवार की कहानी
2015 में दिए एक इंटरव्यू में ऋषि सुनक ने अपने परिवार की छोटी सी कहानी बताई थी। ऋषि ने कहा, 'मेरे दादा-दादी बेहतर जिंदगी के लिए इंग्लैंड आए थे। वह अपने साथ उम्मीदें लेकर आए थे। इसी तरह मेरी नानी भी अच्छी जिंदगी के लिए यहां आईं थीं। यहां किसी तरह उन्होंने नौकरी तलाशी, लेकिन वह परिवार को अच्छी जिंदगी देने के लिए काफी नहीं था। वह पैसे उनके बच्चों के लिए पर्याप्त नहीं थे। उन बच्चों में एक मेरी मां भी थीं। जिनकी उम्र उस वक्त 15 साल थी। किसी तरह मेरी मां ने फार्मासिस्ट की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उनकी मुलाकात मेरे पिता से हुई, जो जनरल फिजिशियन थे। वह साउथेम्प्टन में सेटल थे। यहीं उनकी कहानी खत्म होती है और फिर मेरी शुरु होती है।'
मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भारतीय है
एक इंटरव्यू में सुनक ने कहा, 'अब मैं पूरी तरह से ब्रिटिश हूं। यह मेरा घर और मेरा देश है, लेकिन मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भारतीय है। मेरी पत्नी भारतीय है। मैं एक हिंदू होने पर गर्व करता हूं और इसके बारे में पूरी तरह से खुला हुआ हूं।'
सुनक कहते हैं, 'मेरे लिए मेरा परिवार सबकुछ है। मेरे परिवार ने मुझे सपना दिखाया, लेकिन उसे पूरा करने का जब्जा मेरे इस ब्रिटेन देश ने दिया। यहां के लोगों ने दिया। मेरे जैसे लाखों लोगों को ये मौका ब्रिटेन ने दिया।'