नासा ने 18 फरवरी को मंगल ग्रह पर पर्सिवरेंस रोवर की लैंडिंग कराई थी। लैंडिंग के समय इस रोवर के कई हिस्से अलग-अलग जगह पर गिरे, जिसमें पैराशूट, हीट शील्ड और रोवर शामिल हैं। आखिर ये सभी चीजें कहां गिरी, ये एक सवाल है लेकिन यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईएसए के स्पेसक्राफ्ट एक्सोमार्स ऑर्बिटर ने इसका जवाब ढूंढ लिया है। इस ऑर्बिटर ने एक साइट की तस्वीर ली, जिसमें ये सारे हिस्से साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा नासा ने रोवर से लिया हुआ मंगल ग्रह का 360 डिग्री पैनोरमा तस्वीर भी ली और इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया है। आइए नासा की ओर से शेयर पैनोरमा तस्वीर की एक झलक देखते हैं।
नासा ने जारी की मार्स पर्सिवरेंस रोवर की 360 डिग्री पैनोरमा तस्वीर, बताया- कहां-कहां गिरे रोवर के हिस्से
नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने अपने चारों तरफ की 360 डिग्री पैनोरमा तस्वीर ली है। यह एचडी तस्वीर है और इसे 142 छोटी-छोटी तस्वीरों को जोड़कर बनाया गया है। ये 142 तस्वीरें 21 फरवरी से अब तक ली गई हजारों तस्वीरों में चुनी गई हैं। बता दें कि रोवर के ऊपर लगे Mastcam-Z ने इन तस्वीरों को लिया है। इन्हीं तस्वीरों को जोड़कर 360 पैनोरमा तस्वीर बनाई गई है।
I’m taking it all in. This is the first 360º view of my home using Mastcam-Z. This dual, high-definition camera system sits atop my mast and has zoom capability. Inspect tiny details of Jezero Crater with the special interactive viewer at https://t.co/roDhWK56gj #CountdownToMars pic.twitter.com/TAy28PpG73
इसके अलावा नासा के पर्सिवरेंस रोवर के ऊपर लगे नेविगेशन कैमरा यानि कि Navcams ने भी मंगल ग्रह की 360 डिग्री पैनोरमा तस्वीर ली हैं। इसमें मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर की जमीन, गड्ढे, पीछे दूर दिखती पहाड़ियां और रोवर का अगला और पीछे का हिस्सा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। नासा की ओर से दी जानकारी के मुताबिक, इस तस्वीर को बनाने में छह तस्वीरों को जोड़ा गया है।
Landing on Mars is a rush of tension, drama, and noise. Then, when the dust clears: tranquility and grandeur.#CountdownToMars
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नासा के मार्स पर्सिवरेंस रोवर के मास्टकैम-जेड ने एक तस्वीर ली है। इस तस्वीर में दूर से एक पत्थर दिख रहा है, जो देखने में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई दूर से छिपकर रोवर की तरफ देख रहा हो। हालांकि जब तस्वीर को जूम किया गया तो तब पता चला कि ये कुछ और नहीं बस एक पत्थर है। ये पत्थर मंगल ग्रह पर तेजी से चलने वाली हवाओं की वजह से इंसानी आकार में बन गया है। इन तस्वीरों में मास्टकैम-जेड के लेंस और क्वालिटी के बारे में जानकारी मिल रही है।
मार्स पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह के सबसे खतरनाक जगह जेजेरो क्रेटर में लैंडिंग की। वैज्ञानिक जानते थे कि 3.5 अरब साल पहले जेजेरो एक बड़ी झील का स्थान था। एक वैज्ञानिक ने बताया कि मंगल ग्रह की तस्वीरें खींचना आसान नहीं था। एक वैज्ञानिक ने बताया कि जब हम एक पिक्चर लेते हैं तो मंगल ग्रह तक सिग्नल जाने में एक समय का वक्त लगता है और वापस तस्वीर आने में एक दिन का समय और लगता है। यानि कि दो दिन में तस्वीर खींची जाती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि जेजेरा क्रेटर में पत्थर ही पत्थर भरे पड़े हैं।
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