यूक्रेन में रूसी सेना के हमले मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहे। रूसी विमानों ने रातभर पूर्वी और मध्य यूक्रेन के शहरों पर बम गिराए। राजधानी कीव के उपनगरों में भी गोलाबारी हुई। तेरहवें दिन कीव के उपनगर बुचा के मेयर अनातोल फेदोरुक ने बताया कि हालात बेहद खराब हैं। रूसी सेना की तरफ से दिन-रात भारी गोलाबारी हो रही है। इस कारण हम शवों को भी एकत्रित नहीं कर पा रहे हैं। सड़कों पर कुत्ते शवों को नोच रहे हैं। यह सब एक दु:स्वप्न की तरह है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध : कीव के बाहरी इलाकों में घमासान, बिजली संयंत्र तबाह, तेल डिपो राख, सड़कों पर पड़े शवों को नोंच रहे हैं कुत्ते
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कीव/लवीव।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 09 Mar 2022 06:29 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, रूसी हमले के बाद से यूक्रेन के करीब 20 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण किया था। हमले के तेरहवें दिन रूसी सेना ने कीव के पूर्व में सुमी और ओखतिरका शहरों में रिहाइशी इमारतों पर बम गिराए, जिससे कई लोगों की मौत होने के साथ ही भारी तबाही हुई। इस दौरान गोलाबारी के बीच यूक्रेन के मायकोलिव शहर में एक घायल नागरिक को लेकर जाते बचाव दल के सदस्य।
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तेल डिपो में लगी आग।
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यूक्रेन से पलायन कर चुके शरणार्थी।
- फोटो : Social Media
बद से बदतर होते जा रहे हैं हालात
लवीव के मेयर आंद्रे सदोवी ने कहा, हमें वाकई मदद की जरूरत है। यहां करीब दो लाख लोग बेघर हो गए हैं। लोग फिलहाल स्कूल, अस्पताल से लेकर खेल के मैदानों में छिपे हुए हैं। शहर में भोजन पकाने के लिए रसोई तक का इंतजाम नहीं है।
दक्षिणी यूक्रेन में बढ़त दूसरे इलाकों में टक्कर
रूसी विमानों ने पूर्वी और मध्य यूक्रेन में भारी बमबारी की। रूस ने दक्षिणी यूक्रेन में बढ़त हासिल कर ली है पर दूसरे इलाकों में उसे टक्कर मिल रही है।
संघर्ष विराम के एलान तक बमबारी
रूस-यूक्रेन ने नागरिकों को निकालने के लिए मानवीय गलियारा खोलने पर सहमति भले जता दी हो लेकिन जमीन पर खास प्रगति देखने को नहीं मिली। मंगलवार को 12 घंटे के संघर्ष विराम के एलान तक रूसी विमान पूर्वी और मध्य यूक्रेन पर रातभर बमबारी करते रहे। राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में तो बेतहाशा हमले हो रहे हैं।
लवीव के मेयर आंद्रे सदोवी ने कहा, हमें वाकई मदद की जरूरत है। यहां करीब दो लाख लोग बेघर हो गए हैं। लोग फिलहाल स्कूल, अस्पताल से लेकर खेल के मैदानों में छिपे हुए हैं। शहर में भोजन पकाने के लिए रसोई तक का इंतजाम नहीं है।
दक्षिणी यूक्रेन में बढ़त दूसरे इलाकों में टक्कर
रूसी विमानों ने पूर्वी और मध्य यूक्रेन में भारी बमबारी की। रूस ने दक्षिणी यूक्रेन में बढ़त हासिल कर ली है पर दूसरे इलाकों में उसे टक्कर मिल रही है।
संघर्ष विराम के एलान तक बमबारी
रूस-यूक्रेन ने नागरिकों को निकालने के लिए मानवीय गलियारा खोलने पर सहमति भले जता दी हो लेकिन जमीन पर खास प्रगति देखने को नहीं मिली। मंगलवार को 12 घंटे के संघर्ष विराम के एलान तक रूसी विमान पूर्वी और मध्य यूक्रेन पर रातभर बमबारी करते रहे। राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में तो बेतहाशा हमले हो रहे हैं।
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तबाही का मंजर।
- फोटो : Social Media
अधिकांश गलियारे बेलारूस होते हुए रूस की ओर जाने के लिए बनाए गए
यूक्रेन में मानवीय सहायता के लिए बने रूसी समन्वय केंद्र ने बताया, मास्को के समयानुसार मंगलवार सुबह 10 बजे रूस ने संघर्ष विराम लागू कर दिया था ताकि सुरक्षित गलियारों से लोग जा सकें। इनमें से अधिकांश गलियारे बेलारूस होते हुए रूस की ओर जाने के लिए बनाए गए। हालांकि संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत ने कहा कि कीव व अन्य शहरों से खोले गए मानवीय गलियारों से लोग जहां जाना चाहें, वहां जा सकते हैं।
यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री इरिना वरेश्चुक ने कहा कि दोनों देशों ने पूर्वी यूक्रेन के शहर सुमी से भी नागरिकों की निकासी पर सहमति जताई है। इनमें भारत, चीन के छात्रों समेत विदेशी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि अकेले मैरियूपोल की करीब आधी आबादी यानी दो लाख लोग शहर से भागना चाहते हैं। वहां के अस्पतालों में जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है।
अमेरिका अपने 500 सैनिक यूक्रेन के पड़ोसी देशों में करेगा तैनात
अमेरिका ने सोमवार को घोषणा की है कि वह 500 सैनिकों को यूरोप में यूक्रेन के पड़ोसी नाटो देशों पोलैंड, रोमानिया, जर्मनी, ग्रीस में तैनात करेगा। पेंटागन ने प्रेस वार्ता में फिर से साफ किया कि अमेरिका यूक्रेन में सेना नहीं भेजेगा। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने बताया कि नई तैनाती यूक्रेन-रूस युद्ध के दृष्टिगत की जा रही है। वाशिंगटन से केसी-135 रीफ्यूलिंग विमान 150 सैन्य स्टाफ लेकर ग्रीस रवाना होगा। पोलैंड व रोमानिया में जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट में बनाए एयर सपोर्ट सेंटर से 40 सैनिक तैनात होंगे। 300 सैनिक जर्मनी में तैनात किए जा रहे हैं।
यूक्रेन में मानवीय सहायता के लिए बने रूसी समन्वय केंद्र ने बताया, मास्को के समयानुसार मंगलवार सुबह 10 बजे रूस ने संघर्ष विराम लागू कर दिया था ताकि सुरक्षित गलियारों से लोग जा सकें। इनमें से अधिकांश गलियारे बेलारूस होते हुए रूस की ओर जाने के लिए बनाए गए। हालांकि संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत ने कहा कि कीव व अन्य शहरों से खोले गए मानवीय गलियारों से लोग जहां जाना चाहें, वहां जा सकते हैं।
यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री इरिना वरेश्चुक ने कहा कि दोनों देशों ने पूर्वी यूक्रेन के शहर सुमी से भी नागरिकों की निकासी पर सहमति जताई है। इनमें भारत, चीन के छात्रों समेत विदेशी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि अकेले मैरियूपोल की करीब आधी आबादी यानी दो लाख लोग शहर से भागना चाहते हैं। वहां के अस्पतालों में जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है।
अमेरिका अपने 500 सैनिक यूक्रेन के पड़ोसी देशों में करेगा तैनात
अमेरिका ने सोमवार को घोषणा की है कि वह 500 सैनिकों को यूरोप में यूक्रेन के पड़ोसी नाटो देशों पोलैंड, रोमानिया, जर्मनी, ग्रीस में तैनात करेगा। पेंटागन ने प्रेस वार्ता में फिर से साफ किया कि अमेरिका यूक्रेन में सेना नहीं भेजेगा। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने बताया कि नई तैनाती यूक्रेन-रूस युद्ध के दृष्टिगत की जा रही है। वाशिंगटन से केसी-135 रीफ्यूलिंग विमान 150 सैन्य स्टाफ लेकर ग्रीस रवाना होगा। पोलैंड व रोमानिया में जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट में बनाए एयर सपोर्ट सेंटर से 40 सैनिक तैनात होंगे। 300 सैनिक जर्मनी में तैनात किए जा रहे हैं।
- रूस केवल छोटे शहरों पर कब्जे कर रहा : जॉन किर्बी ने कहा कि इस युद्ध में रूस का पूरे यूक्रेन पर नियंत्रण नहीं हुआ है। वह खारकीव में बाहर लड़ रहा है। चेर्निहीव शहर को घेरने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उसने केवल छोटे शहरों पर कब्जा किया है।
- यूक्रेनी बहादुर, कड़ा संघर्ष : पेंटागन ने कहा कि इस संघर्ष में यूक्रेनी वीरता से लड़ रहे हैं। रूस को कड़ा संघर्ष करना होगा। किर्बी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को बहादुर और महान नेता बताया। उसे कोई सैन्य मदद न देने के साथ कहा कि अन्य प्रकार से मदद दी जा रही है।
- विदेशी लड़ाके भर्ती कर युद्ध में उतार रहा रूस : किर्बी ने आरोप लगाया कि रूस कई देशों से लड़ाकों की भर्ती करवा रहा है। डेढ़ लाख की यूक्रेनी सेना ने अब तक रोके रखा है। इस वजह से पुतिन ने विदेशी लड़ाके भर्ती करना शुरू कर दिया।
घायल को ले जाते बचाव दल के कर्मचारी।
- फोटो : Social Media
यूक्रेन को विश्व बैंक से मिलेंगे 55 अरब
यूक्रेन को मिल रही अंतरराष्ट्रीय सहायता की कड़ी में अब विश्व बैंक ने भी उसके लिए 72.3 करोड़ डॉलर (करीब 55 अरब रुपये) के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दे दी है।
400 से ज्यादा नागरिकों की मौत
संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को 406 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की। 801 घायल बताए। हालांकि, वास्तविक संख्या ज्यादा हो सकती है।
यूक्रेन को मिल रही अंतरराष्ट्रीय सहायता की कड़ी में अब विश्व बैंक ने भी उसके लिए 72.3 करोड़ डॉलर (करीब 55 अरब रुपये) के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दे दी है।
400 से ज्यादा नागरिकों की मौत
संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को 406 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की। 801 घायल बताए। हालांकि, वास्तविक संख्या ज्यादा हो सकती है।
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गोलाबारूद की जांच करता सैन्य कर्मी।
- फोटो : Social Media
जेलेंस्की बोले- पुतिन उस ‘जानवर’ जैसे, जिसकी भूख कभी नहीं मिटती
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को ऐसा ‘जानवर’ करार दिया है, जिसकी भूख कभी नहीं मिटती। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह जंग यूक्रेन तक ही नहीं रुकेगी बल्कि बाकी दुनिया को भी प्रभावित करेगी लेकिन अमेरिका इस जंग को रुकवाने में सक्षम है।
एबीसी वर्ल्ड टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा, हर कोई सोचता है कि हम अमेरिका या कनाडा से बहुत दूर हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, हम सब एक ही आजाद क्षेत्र में हैं और जब लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता की सीमाओं का उल्लंघन किया जाए तो आपको (पश्चिम) हमारी रक्षा करनी होगी। पहले हम निशाना बने हैं तो दूसरे पायदान पर आप होंगे क्योंकि वह जानवर जितना ज्यादा खाएगा, उसकी भूख उतनी ही ज्यादा बढ़ती जाएगी।
यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करने की अपील दोहराते हुए जेलेंस्की ने कहा, रूस हम पर लगातार बमबारी कर रहा है। मिसाइल, हेलीकॉप्टर और युद्धक विमानों का आना रुक नहीं रहा है। आसमान का नियंत्रण हमारे हाथों में नहीं है। जेलेंस्की के मुताबिक, उन्हें भरोसा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यह युद्ध रुकवाने में सक्षम हैं और वह यह काम कर सकते हैं।
अमेरिका को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग युद्धग्रस्त देश पर नो-फ्लाई जोन बनाने की मांग को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं। बीते शुक्रवार उन्होंने चेताया था कि इस कदम से यूरोप में व्यापक युद्ध भड़क सकता है।
अमेरिकी सैनिकों को युद्ध में न उतारने की बाइडेन की प्रतिबद्धता पर जेलेंस्की ने कहा, जब मिसाइलें किसी देश के स्कूल, यूनिवर्सिटी, बच्चों के क्लीनिकों समेत कई नागरिक संस्थानों पर हमला कर रही हों तो उन्हें नीचे गिराने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता। अमेरिका को लोगों की जान बचानी ही होगी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को ऐसा ‘जानवर’ करार दिया है, जिसकी भूख कभी नहीं मिटती। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह जंग यूक्रेन तक ही नहीं रुकेगी बल्कि बाकी दुनिया को भी प्रभावित करेगी लेकिन अमेरिका इस जंग को रुकवाने में सक्षम है।
एबीसी वर्ल्ड टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा, हर कोई सोचता है कि हम अमेरिका या कनाडा से बहुत दूर हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, हम सब एक ही आजाद क्षेत्र में हैं और जब लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता की सीमाओं का उल्लंघन किया जाए तो आपको (पश्चिम) हमारी रक्षा करनी होगी। पहले हम निशाना बने हैं तो दूसरे पायदान पर आप होंगे क्योंकि वह जानवर जितना ज्यादा खाएगा, उसकी भूख उतनी ही ज्यादा बढ़ती जाएगी।
यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करने की अपील दोहराते हुए जेलेंस्की ने कहा, रूस हम पर लगातार बमबारी कर रहा है। मिसाइल, हेलीकॉप्टर और युद्धक विमानों का आना रुक नहीं रहा है। आसमान का नियंत्रण हमारे हाथों में नहीं है। जेलेंस्की के मुताबिक, उन्हें भरोसा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यह युद्ध रुकवाने में सक्षम हैं और वह यह काम कर सकते हैं।
अमेरिका को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग युद्धग्रस्त देश पर नो-फ्लाई जोन बनाने की मांग को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं। बीते शुक्रवार उन्होंने चेताया था कि इस कदम से यूरोप में व्यापक युद्ध भड़क सकता है।
अमेरिकी सैनिकों को युद्ध में न उतारने की बाइडेन की प्रतिबद्धता पर जेलेंस्की ने कहा, जब मिसाइलें किसी देश के स्कूल, यूनिवर्सिटी, बच्चों के क्लीनिकों समेत कई नागरिक संस्थानों पर हमला कर रही हों तो उन्हें नीचे गिराने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता। अमेरिका को लोगों की जान बचानी ही होगी।
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