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अमृतसर पुलिस को सफलता: KLF से जुड़े चार आतंकी गिरफ्तार, स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी वारदात की बना रहे थे योजना
Fri, 31 Jul 2026 01:53 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:53 PM IST
सार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामदास क्षेत्र के रहने वाले करणवीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। यह गिरोह पहले भी पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर बोतल बम तथा ग्रेनेड से किए गए हमलों में शामिल रहा है।
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Punjab Police
- फोटो : X @PunjabPoliceInd
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विस्तार
स्वतंत्रता दिवस से पहले अमृतसर देहात पुलिस ने अजनाला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। चारों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामदास क्षेत्र के रहने वाले करणवीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। एसएसपी कंवल प्रीत सिंह का कहना है कि यह गिरोह पहले भी पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर बोतल बम तथा ग्रेनेड से किए गए हमलों में शामिल रहा है। आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर इनकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
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जांच में यह भी सामने आया है कि 23 जुलाई की आधी रात को अजनाला थाना क्षेत्र की चमियारी पुलिस चौकी पर हुए बोतल बम हमले में भी इसी गिरोह की भूमिका रही है। हालांकि उस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी और उस समय पुलिस अधिकारियों ने हमले की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की थी। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उस घटना के तार भी जोड़े जा रहे हैं।
ये भी पता चला है कि एएसआई जोगा सिंह की हत्या और खासा स्थित सेना क्षेत्र के बाहर हुए विस्फोट में भी इसी मॉड्यूल का हाथ था। पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना है जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हैं।
चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की गई है। रिमांड के दौरान हथियारों की सप्लाई, फंडिंग, पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से संभावित संपर्क और पूरे मॉड्यूल के अन्य सदस्यों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में जल्द विस्तृत प्रेस वार्ता कर कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जानकारी साझा की जाएगी।
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प्रारंभिक जांच में पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। चारों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामदास क्षेत्र के रहने वाले करणवीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। एसएसपी कंवल प्रीत सिंह का कहना है कि यह गिरोह पहले भी पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर बोतल बम तथा ग्रेनेड से किए गए हमलों में शामिल रहा है। आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर इनकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
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जांच में यह भी सामने आया है कि 23 जुलाई की आधी रात को अजनाला थाना क्षेत्र की चमियारी पुलिस चौकी पर हुए बोतल बम हमले में भी इसी गिरोह की भूमिका रही है। हालांकि उस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी और उस समय पुलिस अधिकारियों ने हमले की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की थी। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उस घटना के तार भी जोड़े जा रहे हैं।
ये भी पता चला है कि एएसआई जोगा सिंह की हत्या और खासा स्थित सेना क्षेत्र के बाहर हुए विस्फोट में भी इसी मॉड्यूल का हाथ था। पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना है जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हैं।
चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की गई है। रिमांड के दौरान हथियारों की सप्लाई, फंडिंग, पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से संभावित संपर्क और पूरे मॉड्यूल के अन्य सदस्यों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में जल्द विस्तृत प्रेस वार्ता कर कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जानकारी साझा की जाएगी।