छात्रा सुसाइड केस: अमजोत से निजी काम करवाती थी प्रिंसिपल, इनकार करने पर मिलती थी धमकियां; अब एक्शन में सरकार
अमृतसर में स्कूल फीस जमा करवाने के लिए लगातार दबाव बनाए जाने से परेशान 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने जहर निगल लिया था। मृतका की पहचान 17 वर्षीय अमजोत कौर के रूप में हुई थी।
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अमृतसर में 12वीं कक्षा की छात्रा के आत्महत्या करने के मामले में सरकार एक्शन में आ गई है। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल प्रशासन और मामले से जुड़े हर दोषी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन की ओर से फीस न देने सहित कई अन्य तरीके से परेशान किए जाने कारण जहर निगल कर खुदकुशी करने वाली छात्रा अमजोत कौर मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास अध्यापिका अकांक्षा शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए रेड की जा रही है।
दसवीं का सर्टिफिकेट नहीं दे रहा था स्कूल
अमजोत कौर ने डीडीआईएस स्कूल फतेहगढ़ चूडियां रोड से ग्यारहवीं कक्षा पास की थी और स्कूल प्रबंधन की ओर से उसे दसवीं का सर्टीफिकेट मुहैया नहीं करवाया जा रहा था।
चरित्र पर उठाए जाते थे सवाल
वहीं अब मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छात्रा के चरित्र पर लगातार सवाल उठाए जाते थे। इतना ही नहीं स्कूल में प्रिंसिपल और क्लास अध्यापिका की ओर से लगातार अपने निजी और घरेलू काम करवाए जाते थे।
परिवार का आरोप है कि जब छात्रा ऐसे काम करने से इन्कार करती थी तो उसे परीक्षा में फेल करने और नंबरों को प्रभावित करने की धमकियां दी जाती थीं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। इसी कारण परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। अमजोत कौर अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहती थी।