उस दिन की कहानी जब ललित मोदी ने छोड़ा था भारत: आधी रात को मुंबई से लंदन की फ्लाइट पकड़ी थी; क्या वजह था दाऊद?
आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने दावा किया है कि उन्होंने 2010 में कानूनी मामलों की वजह से नहीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से मिली जान से मारने की धमकियों के कारण भारत छोड़ा था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग के खिलाफ उनकी सख्त नीति के कारण दाऊद उनके पीछे पड़ गया था। मोदी ने यह भी कहा कि वह कानूनी रूप से भगोड़े नहीं हैं और उनके खिलाफ किसी अदालत में कोई मामला नहीं है।
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एंकर करिश्मा ने ललित मोदी से पूछा कि क्या आप उस दिन के बारे में बता सकते हैं, जिस दिन आपने भारत छोड़ा था? इस पर ललित मोदी ने कहा कि वह दिन बहुत ही मुश्किल दिन था। मोदी ने कहा, 'मुझे याद है कि उस दिन में गोवा गया हुआ था। मैं वहां अपनी लीगल टीम के साथ था, क्योंकि बीसीसीआई ने मुझे कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मेरे साथ गोवा में 20 वकील थे। हम एक पार्क में गए थे, ताकि वहां मैं अपने जवाब ड्राफ्ट कर सकूं और बीसीसीआई को भेज सकूं और फिर गोवा से निकल सकूं। तब तक दाऊद इब्राहिम ने मुझे मारने की तीन बार कोशिश की थी। इस वजह से मेरी सिक्योरिटी काफी तगड़ी थी। मेरे आसपास 24 घंटे 40-50 गार्ड्स मशीन गन के साथ होते थे। तब मुझे नहीं पता था कि मैं भारत छोड़ने वाला हूं या मेरा कोई प्लान था भारत छोड़ने का। जवाब फाइल करने के बाद मैं मुंबई पहुंचा।'
मोदी ने बताया, 'जवाब ड्राफ्ट करने के बाद मैं गोवा से मुंबई पहुंचा। मुझे याद है तब शाम के साढ़े पांच करीब बज रहे थे। आमतौर पर मेरी कारें एयरक्राफ्ट के पास आती थीं, मुझे लेने के लिए। चारों ओर पुलिस का पहरा होता था। जब मेरी प्लेन पहुंची तो हम एक रिमोट पार्किंग में खड़े थे। मैंने देखा कोई बाहर नहीं है। मैं सोच में पड़ गया कि मेरे बॉडीगार्ड्स और सिक्योरिटी किधर है। हथियारों से लेस कार किधर हैं। फिर मैंने सबको फोन घुमाना शुरू किया, लेकिन सबके मोबाइल स्विच ऑफ थे। मैंने तब अपने निजी बॉडीगार्ड्स से कहा कि नीचे जाकर चेक करो कि क्या हो रहा है। उसने बाहर जाकर चेक वगैरह किया और फिर मुझे आकर बोला कि आप मेरे साथ चलिए। मैंने कहा- कहां? तब एयरपोर्ट पर एक बैक गेट हुआ करता था। फिर वहां से हम बाहर निकले और मेरे बॉडीगार्ड ने कहा बाथरूम चलिए।'
ललित मोदी ने आगे कहा, 'हिमांशु रॉय, जो उस समय पुलिस उपायुक्त थे, एयरपोर्ट पर मेरा इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा- हम अब आपकी सुरक्षा नहीं कर सकते। हम केवल अगले कुछ घंटों तक आपकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। हम एयरपोर्ट से आपके होटल तक सुरक्षा की गारंटी ले सकते हैं। पर मेरा सुझाव है कि इसके बाद आप सोचें कि उसके आगे क्या करना है। इसके बाद मुझे मुंबई के फोर सीजन्स होटल तक सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया।'
मोदी ने बताया, 'वहां मीडिया के लोग थे, मेरा परिवार था और पूरी लॉबी लोगों से भरी थी। मेरे खुद के 30-40 बॉडीगार्ड्स थे। इसके बाद मैंने कई लोगों को कॉल मिलाए। मैं ये नहीं बताऊंगा किसने, क्योंकि इसे मैं अपनी बायोपिक के लिए बचा रहा हूं। पर मुझसे कहा गया कि भारत में आपकी जान को खतरा है। मेरे पास दो ही उपाय हैं। या तो गोली खा लो या भारत से निकल जाओ। तब मेरे भारत से निकलने पर कोई पाबंदियां नहीं थीं। मेरे ऊपर कोई केस नहीं था। बस दाऊद मेरे पीछे पड़ा था और उसके लिए मेरे पास सिक्योरिटी थी। फिर बीच रात में मैंने होटल छोड़ दिया और ब्रिटिश एयरवेज के फ्लाइट में जा बैठा और भारत छोड़ दिया। हां मेरा परिवार वहीं छूट गया। तो मैं वैध रूप से लंदन पहुंचा, क्योंकि मुझे जान का खतरा था। इसके एक डेढ़ साल बाद तबकी सरकार ने बोलना शुरू किया कि उन्होंने मेरा पासपोर्स जब्त कर लिया है। तब मैं पूरी दुनिया घूम रहा था। इसलिए जब कोई कहता है कि मैं भारत से भागा हूं, मैंने ऐसा नहीं किया है। मैं अपने वैलिड पासपोर्ट पर लंदन पहुंचा हूं और फिर अपनी पर्सनल सिक्योरिटी बढ़ाई है। इसके बाद भी एक डेढ़ साल घूमा हूं। एक डेढ़ साल बाद तबकी कांग्रेस की सरकार ने मेरा पासपोर्ट जब्त किया। यही हुआ था। इसके बाद मैं लंदन में तीन चार साल अटक गया था। मैंने भारत में, यूके में अपने मामले जीते।'
मोदी ने कहा, 'भारत छोड़ने की मेरी वजह सिर्फ और सिर्फ धमकी थी। मैंने खुद का बचाव किया। मेरी जान को खतरा कई और जगहों पर भी हुआ। मोंटेनेगरो में मुझे धमकियां मिलीं। 2011 में आईपीएल के बाद भी मुझे मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वहां की सिक्योरिटी ने उन्हें पकड़ लिया था। ललित मोदी ने इससे पहले राज शमानी के इंटरव्यू में भी कहा था कि दाऊद इब्राहिम से धमकियां मिल रही थीं। तब उन्होंने कहा था, 'दाऊद इब्राहिम मेरे पीछे पड़ा हुआ था क्योंकि वह मैच फिक्सिंग कराना चाहता था। मेरी फिक्सिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी थी। मेरे लिए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और खेल की ईमानदारी बेहद महत्वपूर्ण थी।'
छोटा शकील ने भी किया था दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, ललित मोदी का डी-कंपनी की हिट लिस्ट में होना पहले भी चर्चा का विषय रहा है। कुछ साल पहले दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी रहा छोटा शकील ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उसके निर्देश पर शार्प शूटरों की एक टीम बैंकॉक पहुंची थी, जहां ललित मोदी रह रहे थे। छोटा शकील के मुताबिक, उनकी टीम उस होटल तक पहुंच गई थी जहां ललित मोदी ठहरे हुए थे, लेकिन किसी से सूचना मिलने के बाद मोदी वहां से निकलने में सफल रहे और उनकी जान बच गई।
मोदी ने करिश्मा को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मेरे ऊपर जो आरोप लगे, वो मनगढ़ंत हैं। आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं है। मीडिया कहती है कि मैं भगोड़ा हूं और भारत छोड़कर भाग गया। ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैंने भारत और ब्रिटेन, दोनों जगह अपने सभी मामले जीते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि जब आपके खिलाफ कोई मामला ही नहीं है तो आपको भगोड़ा कैसे कहा जा सकता है? ऐसा इसलिए कहा जा रहा मुझे, क्योंकि कुछ लोग ऐसा कहते हैं। आज तक मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया है। '
'मेरे खिलाफ कोई मामला साबित नहीं हो पाया'
मोदी ने कहा, 'इंटरपोल ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। ब्रिटेन की सरकार ने आपके नोटिस खारिज कर दिए। दूसरी सरकारों ने भी आपके नोटिस खारिज कर दिए। किसी व्यक्ति को अपराधी साबित करने के लिए पहले उसके अपने देश में उसके खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए, जहां कथित अपराध हुआ हो। अगर कोई अपराध हुआ है तो सामने आइए और बताइए कि वह कहां है। मैं चाहता हूं कि मुझे मेरा पासपोर्ट वापस मिले, जिसे कांग्रेस सरकार ने मुझसे ले लिया था। क्या इतने वर्षों में भी आप किसी कथित अपराध की जांच पूरी नहीं कर पाए, जबकि आपके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं?'