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Punjab: फरीदकोट पहुंचे अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप गड़गज्ज, कहा- हर सिख दंपती कम से कम तीन बच्चे पैदा करे
Sat, 01 Aug 2026 08:08 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
Published by: Nivedita
Updated Sat, 01 Aug 2026 08:08 AM IST
सार
जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत से युवाओं को दाढ़ी-केश धारण करने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने का आह्वान किया।
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फरीदकोट में संगत को संबोधित करते जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सिख कौम की संख्या और ताकत बनाए रखने के लिए हर सिख दंपति को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तक निकाले जा रहे मीरी-पीरी खालसा मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने फरीदकोट में कही।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सिख कौम का एकजुट रहना सबसे बड़ी जरूरत है और कौम चढ़दी कला में रहकर ही अपनी पहचान, शक्ति और गौरव को कायम रख सकती है।
श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च शुक्रवार को फरीदकोट पहुंचा। संगतों ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ मार्च का स्वागत किया। विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
24 जुलाई 2026 को शुरू हुआ यह मार्च 3 अगस्त 2026 को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी सिद्धांत, सिख कौम की एकता और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला जा रहा है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पावन शस्त्रों के भी संगत ने दर्शन किए।
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मार्च वीरवार देर शाम फरीदकोट पहुंचा था। रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार सुबह गुरुद्वारा खालसा दीवान से इसकी शुरुआत हुई। फरीदकोट शहर के अलावा संधवां, कोटकपूरा, ढिलवां कलां, बहिबल कलां और बरगाड़ी समेत कई स्थानों पर संगत ने स्वागत किया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत से युवाओं को दाढ़ी-केश धारण करने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिख कौम को पंथ विरोधी ताकतों और उनकी साजिशों के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है।
मीरी-पीरी सिद्धांत का संदेश
मीरी-पीरी खालसा मार्च का उद्देश्य श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सिद्धांत, सिख कौम की एकता और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के संदेश को संगत तक पहुंचाना है। यह यात्रा 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगी।
युवाओं को नशे से बचाने की अपील
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संगत से अपने स्तर पर युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए प्रयास करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सिख कौम का एकजुट रहना सबसे बड़ी जरूरत है और कौम चढ़दी कला में रहकर ही अपनी पहचान, शक्ति और गौरव को कायम रख सकती है।
श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च शुक्रवार को फरीदकोट पहुंचा। संगतों ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ मार्च का स्वागत किया। विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
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24 जुलाई 2026 को शुरू हुआ यह मार्च 3 अगस्त 2026 को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी सिद्धांत, सिख कौम की एकता और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला जा रहा है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पावन शस्त्रों के भी संगत ने दर्शन किए।
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मार्च वीरवार देर शाम फरीदकोट पहुंचा था। रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार सुबह गुरुद्वारा खालसा दीवान से इसकी शुरुआत हुई। फरीदकोट शहर के अलावा संधवां, कोटकपूरा, ढिलवां कलां, बहिबल कलां और बरगाड़ी समेत कई स्थानों पर संगत ने स्वागत किया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत से युवाओं को दाढ़ी-केश धारण करने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिख कौम को पंथ विरोधी ताकतों और उनकी साजिशों के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है।
मीरी-पीरी सिद्धांत का संदेश
मीरी-पीरी खालसा मार्च का उद्देश्य श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सिद्धांत, सिख कौम की एकता और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के संदेश को संगत तक पहुंचाना है। यह यात्रा 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगी।
युवाओं को नशे से बचाने की अपील
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संगत से अपने स्तर पर युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए प्रयास करने की अपील की।