अबोहर मेयर चुनाव विवाद: गवर्नर से मिले भाजपा नेता, साैंपा मांगपत्र; बहुमत के बावजूद आप पार्षद को मिला था पद
अबोहर मेयर चुनाव में शुक्रवार को आप के गणेश सबलानिया को मेयर निर्वाचित घोषित किया गया था। निगम में भाजपा के 28 पार्षद थे। विधायक का वोट जोड़ने पर उनके पक्ष में कुल 29 वोट बनते हैं। हार के बाद भाजपा ने धांधली का आरोप लगाया था। जिसके बाद चुनाव रद्द कर दिया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अबोहर नगर निगम के मेयर पद का विवाद गवर्नर हाउस पहुंच गया है। शनिवार को प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। भाजपा ने गवर्नर का मांगपत्र साैंपा। इस दाैरान सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा समेत कई बड़े नेता माैजूद रहे।
देर रात रद्द हुआ था चुनाव
अबोहर में मेयर चुनाव शुक्रवार देर रात रद्द कर दिया गया था। जिला प्रशासन ने यह फैसला चुनाव प्रक्रिया में धांधली के आरोपों और भाजपा के कड़े विरोध के बाद लिया। अब मेयर पद के लिए नई तारीख पर दोबारा चुनाव कराया जाएगा।
बहुमत के बावजूद हार गई थी भाजपा
भाजपा ने चुनाव में बहुमत का दावा किया था। हालांकि, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गणेश सबलानिया को विजयी घोषित किया गया। इसके बाद भाजपा नेताओं और पार्षदों ने चुनाव को असांविधानिक बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव से पहले नगर निगम में भाजपा के 28 पार्षद थे। आम आदमी पार्टी के 20, कांग्रेस का एक और एक निर्दलीय पार्षद था। भाजपा का कहना था कि विधायक के मतदान अधिकार को जोड़ने पर उनके पास कुल 29 वोट थे। इस तरह उनके पास स्पष्ट बहुमत था।
इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया। वहीं आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने दावा किया कि उनके पक्ष में 27 पार्षदों ने हाथ उठाकर समर्थन दिया था। इसी आधार पर चुनाव अधिकारी ने गणेश सबलानिया को विजयी घोषित किया।
सुनील जाखड़ का विरोध और बैठक
परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा नेताओं ने नगर निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां उठाईं। जाखड़ ने आरोप लगाया कि बहुमत होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार को जानबूझकर हराया गया।
इसके बाद सुनील जाखड़ और जिला उपायुक्त के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक में भाजपा नेताओं ने चुनाव में कथित अनियमितताओं को विस्तार से बताया। लंबे विचार-विमर्श के बाद देर रात करीब साढ़े नौ बजे जिला प्रशासन ने शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव को रद्द करने का फैसला सुनाया। सुनील जाखड़ ने कहा कि यह फैसला अबोहर के भाजपा पार्षदों की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोबारा होने वाले चुनाव में वास्तविक बहुमत का सम्मान किया जाएगा।