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पुष्पा नहीं ये भाखड़ा बांध है: कई बार झुक चुका है, पर डरने की जरूरत नहीं; इंजीनियरिंग डिजाइन का कमाल है
Fri, 07 Aug 2026 09:46 AM IST
Nivedita
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:46 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर बने भाखड़ा बांध का निर्माण वर्ष 1948 में शुरू हुआ था और 1963 में इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों को सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए पानी उपलब्ध कराता है।
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भाखड़ा डैम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एशिया का सबसे ऊंचा (करीब 226 मीटर) कंक्रीट से बना भाखड़ा बांध बढ़ते पानी के दबाव में 30 साल में 15 बार झुक चुका है। साल 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान अत्यधिक पानी आने की वजह से भी यह 0.03 इंच तक झुका था मगर अब यह बांध अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ चुका है।
दरअसल इस बांध की ड्राइंग में ही इस घटना की खासियत है, जिसके अध्ययन करने के लिए अमेरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों से विशेषज्ञों की टीमें यहां दौरा कर चुकी हैं।
पंजाब विधानसभा में जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि इस झुकाव से बांध की सुरक्षा को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध का मामूली विस्थापन उसकी इंजीनियरिंग डिजाइन का हिस्सा है। जब जल दबाव बढ़ता है तो बांध हल्का-सा झुकता और सरकता है तथा दबाव कम होते ही स्वतः अपनी पूर्व स्थिति में लौट आता है।
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दरअसल इस बांध की ड्राइंग में ही इस घटना की खासियत है, जिसके अध्ययन करने के लिए अमेरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों से विशेषज्ञों की टीमें यहां दौरा कर चुकी हैं।
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पंजाब विधानसभा में जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि इस झुकाव से बांध की सुरक्षा को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध का मामूली विस्थापन उसकी इंजीनियरिंग डिजाइन का हिस्सा है। जब जल दबाव बढ़ता है तो बांध हल्का-सा झुकता और सरकता है तथा दबाव कम होते ही स्वतः अपनी पूर्व स्थिति में लौट आता है।
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2025 में फैली थी अफवाहें
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की बाढ़ के दौरान इसी मुद्दे को लेकर पूरे पंजाब में अफवाहें फैल गई थीं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय अधिकारियों और उनसे संपर्क कर बांध की सुरक्षा को लेकर जानकारी ली थी। उन्होंने दोहराया कि भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।गाद नहीं निकली, जलाशय की क्षमता 26 प्रतिशत घटी
भाखड़ा बांध के गोबिंद सागर जलाशय से लंबे समय से गाद (सिल्ट) नहीं निकाली गई है। यह गाद बांध की दीवार से करीब 12 किलोमीटर पीछे जलाशय क्षेत्र में जमा है। इसके कारण जलाशय की भंडारण क्षमता लगभग 26 प्रतिशत तक घट चुकी है। यदि समय पर गाद निकाल दी जाए तो जलाशय की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।गाद हटाने में केंद्र और बीबीएमबी को ठहराया जिम्मेदार
पंजाब सरकार ने भाखड़ा जलाशय से गाद निकालने में हो रही देरी के लिए केंद्र सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को जिम्मेदार ठहराया है। जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि इस संबंध में पंजाब सरकार केंद्र सरकार को पत्र लिख चुकी है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी भी इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। मंत्री के अनुसार, यदि जलाशय से गाद हटा दी जाए तो उसकी जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और बाढ़ के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।