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कैथल ग्रेनेड हमला: हाईकोर्ट ने नाबालिग आरोपी को दी जमानत, साल 2025 का मामला
Fri, 17 Jul 2026 09:50 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:50 PM IST
सार
कैथल ग्रेनेड हमले के एक नाबालिग आरोपी को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। नाबालिग एक साल, दो माह और 12 दिन हिरासत में रहा।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने कैथल ग्रेनेड हमले के एक नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि मोबाइल या इंटरनेट मीडिया की लत जमानत से इन्कार का आधार नहीं हो सकती। यह फैसला किशोर न्याय अधिनियम के तहत दिया गया है।
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खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जमानत केवल विशेष परिस्थितियों में ही रोकी जा सकती है। रिकॉर्ड में नाबालिग की रिहाई से किसी खतरे का कोई ठोस आधार नहीं मिला। निचली अदालतों की यह दलील भी खारिज की गई कि पिता की मृत्यु से अभिभावकीय निगरानी नहीं मिलेगी। अदालत ने कहा कि एक अभिभावक के निधन से परिवार में देखभाल करने वाला कोई नहीं, यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। राज्य सरकार भी यह साबित नहीं कर सकी। किशोर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह एक वर्ष, दो माह 12 दिन से हिरासत में है।
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ये था मामला
छह अप्रैल 2025 को कैथल की पुलिस पोस्ट के पीछे विस्फोट हुआ था। इसे ग्रेनेड हमला माना गया। 18 अप्रैल को 17 वर्ष 10 माह के किशोर को गिरफ्तार किया गया। जांच में इंटरनेट मीडिया पर बब्बर खालसा के हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि केवल इंटरनेट के अधिक उपयोग से प्रतिबंधित संगठन से संबंध नहीं माना जा सकता।
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