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एफआईआर दर्ज करने के लिए मांगी रिश्वत: बापूधाम चौकी इंचार्ज और एएसआई काबू, ढाई लाख की डील पर बिछा ट्रैप
Tue, 04 Aug 2026 08:00 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:00 AM IST
सार
सीबीआई बड़े पुलिस अधिकारियों और नगर निगम के एक वरिष्ठ पार्षद की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज करने का अधिकार थाना प्रभारी के पास होता है, चौकी इंचार्ज के पास नहीं।
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चौकी इंचार्ज सुरेश
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने की एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में सेक्टर-26 थाना पुलिस की बापूधाम चौकी के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरेश कुमार और एएसआई भगत उर्फ भगता को सीबीआई ने सोमवार को ढाई लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता से पहले पांच लाख रुपये मांगे गए थे, बाद में सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ। रकम मिलते ही सीबीआई की ट्रैप टीम ने दोनों पुलिसकर्मियों को दबोच लिया।
यह मामला सिर्फ दो पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं है। सीबीआई बड़े पुलिस अधिकारियों और नगर निगम के एक वरिष्ठ पार्षद की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज करने का अधिकार थाना प्रभारी के पास होता है, चौकी इंचार्ज के पास नहीं। ऐसे में एजेंसी यह पता लगा रही है कि रिश्वत की मांग की जानकारी किन-किन अधिकारियों तक थी और रकम किसके लिए मांगी जा रही थी।
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सीबीआई सूत्रों का दावा है कि शिकायतकर्ता और इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग एजेंसी के पास है। इसी आधार पर एक पार्षद की बिचौलिये की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
मामला बापूधाम निवासी निर्मल सिंह की ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी से जुड़ा है। निर्मल सिंह की मौत के बाद उनके बेटे सोनू ने दुकान खोली तो वहां से काफी मात्रा में सोना गायब मिला। दुकान की चाबी एक महिला कर्मचारी के पास होने के कारण उस पर संदेह जताते हुए सोनू ने सेक्टर-26 थाने में शिकायत दी लेकिन आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय उससे एफआईआर दर्ज करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई।
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सीबीआई को दी। एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और सोमवार को रिश्वत लेते समय दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई रकम और अन्य साक्ष्य भी सीबीआई ने कब्जे में ले लिए हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है कि रिश्वत का खेल केवल चौकी तक सीमित था या इसके तार ऊपर तक जुड़े थे। सीबीआई सूत्रों ने यह भी बताया कि सेक्टर-26 थाने के एसएचओ रामरतन शर्मा पहले से ही सीबीआई के एक अन्य मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा लंबित है।
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शिकायतकर्ता से पहले पांच लाख रुपये मांगे गए थे, बाद में सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ। रकम मिलते ही सीबीआई की ट्रैप टीम ने दोनों पुलिसकर्मियों को दबोच लिया।
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यह मामला सिर्फ दो पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं है। सीबीआई बड़े पुलिस अधिकारियों और नगर निगम के एक वरिष्ठ पार्षद की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज करने का अधिकार थाना प्रभारी के पास होता है, चौकी इंचार्ज के पास नहीं। ऐसे में एजेंसी यह पता लगा रही है कि रिश्वत की मांग की जानकारी किन-किन अधिकारियों तक थी और रकम किसके लिए मांगी जा रही थी।
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सीबीआई सूत्रों का दावा है कि शिकायतकर्ता और इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग एजेंसी के पास है। इसी आधार पर एक पार्षद की बिचौलिये की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
मामला बापूधाम निवासी निर्मल सिंह की ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी से जुड़ा है। निर्मल सिंह की मौत के बाद उनके बेटे सोनू ने दुकान खोली तो वहां से काफी मात्रा में सोना गायब मिला। दुकान की चाबी एक महिला कर्मचारी के पास होने के कारण उस पर संदेह जताते हुए सोनू ने सेक्टर-26 थाने में शिकायत दी लेकिन आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय उससे एफआईआर दर्ज करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई।
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सीबीआई को दी। एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और सोमवार को रिश्वत लेते समय दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई रकम और अन्य साक्ष्य भी सीबीआई ने कब्जे में ले लिए हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है कि रिश्वत का खेल केवल चौकी तक सीमित था या इसके तार ऊपर तक जुड़े थे। सीबीआई सूत्रों ने यह भी बताया कि सेक्टर-26 थाने के एसएचओ रामरतन शर्मा पहले से ही सीबीआई के एक अन्य मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा लंबित है।