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Punjab Assembly: मानसून सत्र का दूसरा दिन, हंगामे के आसार; छह विभागों की रिपोर्ट होगी पेश
Tue, 04 Aug 2026 10:17 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:17 AM IST
सार
सोमवार को प्रतिबंधित फिल्म सतलुज के मुख्य किरदार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के दोषियों का भी मुद्दा भी पंजाब विधानसभा में उठा। अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने सरकार से खालड़ा के दोषियों के अचानक गायब होने के सवाल पर जवाब मांगा।
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पंजाब विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। पहले दिन कांग्रेस के फार्मेसी पेपर लीक पर हंगामे के बाद आज भी हंगामे के आसार हैं। वहीं आज सरकार छह विभागों की रिपोर्ट पेश करेगी।
सोमवार को प्रतिबंधित फिल्म सतलुज के मुख्य किरदार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के दोषियों का भी मुद्दा भी पंजाब विधानसभा में उठा। अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने सरकार से खालड़ा के दोषियों के अचानक गायब होने के सवाल पर जवाब मांगा। इस पर सदन में आप विधायकों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। उधर आप ने इस प्रकरण के लिए शिअद, कांग्रेस और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
मनप्रीत सिंह अयाली ने सदन में सवाल किया कि जसवंत सिंह खालड़ा के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह, सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह और जसबीर सिंह पैरोल पर बाहर आए थे और साल 2023 के बाद से गायब हैं। यह अत्यंत गंभीर मामला है और पंजाब के लोगों को इसके बारे में जानने का पूरा अधिकार है।
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अयाली ने कहा कि इन दोषियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी सरकार द्वारा सार्वजनिक की जानी चाहिए। आखिर सरकार इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए है और दोषियों की तलाश व उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंजाब में मानवाधिकारों और इन्साफ से जुड़ा हुआ है इसलिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मामले में सदन और जनता को पूरी जानकारी दे।
अयाली ने सदन में पंजाब में उग्रवाद के उस दौर का जिक्र किया जिसमें काफी संख्या में युवाओं के शवों का बतौर लावारिस संस्कार किया गया था। इन अज्ञात शवों को न्याय दिलाने के लिए खालड़ा ने काफी संघर्ष किया था, सतलुज फिल्म उन्हीं के संघर्ष पर आधारित है। उसी दौरान खालड़ा अचानक लापता हो गए। बाद में सीबीआई जांच के दौरान कुछ पुलिसवालों को इस मामले में दोषी ठहराकर उन्हें सजा दी गई। उनमें से तीन दोषी पुलिसवाले पैरोल के बाद से नदारद हैं।
शिअद, कांग्रेस और भाजपा को ठहराया जिम्मेदार
इस सवाल पर अयाली और आप के कई विधायकों के बीच बहस शुरू हो गई। इस दौरान वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा शिअद, कांग्रेस और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। चीमा ने कहा, यह सारा प्रकरण कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। उस वक्त शिअद नेताओं ने भी उनकी कोई बात नहीं सुनी थी और आज जब इस प्रकरण पर सतलुज फिल्म बनी है तो उस पर प्रतिबंध लगाकर भाजपा भी जिम्मेदार बन गई है। सरकार ने यह जवाब नहीं दिया कि तीनों पुलिसवाले अभी कहां है।
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सोमवार को प्रतिबंधित फिल्म सतलुज के मुख्य किरदार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के दोषियों का भी मुद्दा भी पंजाब विधानसभा में उठा। अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने सरकार से खालड़ा के दोषियों के अचानक गायब होने के सवाल पर जवाब मांगा। इस पर सदन में आप विधायकों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। उधर आप ने इस प्रकरण के लिए शिअद, कांग्रेस और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
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मनप्रीत सिंह अयाली ने सदन में सवाल किया कि जसवंत सिंह खालड़ा के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह, सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह और जसबीर सिंह पैरोल पर बाहर आए थे और साल 2023 के बाद से गायब हैं। यह अत्यंत गंभीर मामला है और पंजाब के लोगों को इसके बारे में जानने का पूरा अधिकार है।
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अयाली ने कहा कि इन दोषियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी सरकार द्वारा सार्वजनिक की जानी चाहिए। आखिर सरकार इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए है और दोषियों की तलाश व उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा का मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंजाब में मानवाधिकारों और इन्साफ से जुड़ा हुआ है इसलिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मामले में सदन और जनता को पूरी जानकारी दे।
अयाली ने सदन में पंजाब में उग्रवाद के उस दौर का जिक्र किया जिसमें काफी संख्या में युवाओं के शवों का बतौर लावारिस संस्कार किया गया था। इन अज्ञात शवों को न्याय दिलाने के लिए खालड़ा ने काफी संघर्ष किया था, सतलुज फिल्म उन्हीं के संघर्ष पर आधारित है। उसी दौरान खालड़ा अचानक लापता हो गए। बाद में सीबीआई जांच के दौरान कुछ पुलिसवालों को इस मामले में दोषी ठहराकर उन्हें सजा दी गई। उनमें से तीन दोषी पुलिसवाले पैरोल के बाद से नदारद हैं।
शिअद, कांग्रेस और भाजपा को ठहराया जिम्मेदार
इस सवाल पर अयाली और आप के कई विधायकों के बीच बहस शुरू हो गई। इस दौरान वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा शिअद, कांग्रेस और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। चीमा ने कहा, यह सारा प्रकरण कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। उस वक्त शिअद नेताओं ने भी उनकी कोई बात नहीं सुनी थी और आज जब इस प्रकरण पर सतलुज फिल्म बनी है तो उस पर प्रतिबंध लगाकर भाजपा भी जिम्मेदार बन गई है। सरकार ने यह जवाब नहीं दिया कि तीनों पुलिसवाले अभी कहां है।