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चंडीगढ़ पुलिस ने पकड़ा साइबर ठग: जामताड़ा से किया गिरफ्तार, गैस बिल अपडेट करवाने के नाम पर करता था ठगी
Thu, 13 Aug 2026 01:05 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:05 PM IST
सार
आरोपी व्हाट्सऐप और फोन कॉल के जरिये अडानी गैस उपभोक्ताओं से संपर्क करता था। एप डाउनलोड करवाकर ठगी करता था।
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गिरफ्तार साइबर ठग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अडानी गैस बिल अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का चंडीगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में झारखंड के जामताड़ा जिले से 23 वर्षीय आरोपी बिमल कुमार मंडल उर्फ विदुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन मोबाइल में अडानी गैस उपभोक्ताओं का डाटा और संदिग्ध एपीके फाइलें मिली हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सऐप और फोन कॉल के जरिये अडानी गैस उपभोक्ताओं से संपर्क करता था। वह उन्हें बताता था कि पिछले महीने का बिल जमा नहीं हुआ है और गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता को गैस कनेक्शन अपडेट करने के नाम पर एक एपीके एप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था। एप डाउनलोड होते ही आरोपी मोबाइल तक अनाधिकृत पहुंच हासिल कर लेता था।इसके बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से कथित तौर पर रकम निकाली जाती थी। इस मामले में पीड़ित को करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सऐप और फोन कॉल के जरिये अडानी गैस उपभोक्ताओं से संपर्क करता था। वह उन्हें बताता था कि पिछले महीने का बिल जमा नहीं हुआ है और गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता को गैस कनेक्शन अपडेट करने के नाम पर एक एपीके एप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था। एप डाउनलोड होते ही आरोपी मोबाइल तक अनाधिकृत पहुंच हासिल कर लेता था।इसके बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से कथित तौर पर रकम निकाली जाती थी। इस मामले में पीड़ित को करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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टेलीग्राम से मिलता था उपभोक्ताओं का डाटा
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति से अडानी गैस ग्राहकों का डाटा और मालवेयर एपीके फाइल हासिल करता था। ठगी से प्राप्त रकम को गिरोह के अन्य सदस्यों तक अलग-अलग बैंक खातों, वॉलेट और अन्य माध्यमों से पहुंचाया जाता था।
पुलिस को जांच के दौरान अडानी गैस के किसी अंदरूनी कर्मचारी की भूमिका पर भी संदेह हुआ है। आशंका है कि कंपनी के किसी कर्मचारी ने उपभोक्ताओं का डाटा आरोपियों तक पहुंचाया। पुलिस अब इस कड़ी की जांच कर रही है।
पांच दिन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत
तकनीकी और फील्ड जांच के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने जामताड़ा में दबिश देकर बिमल कुमार मंडल को गिरफ्तार किया। आरोपी से पांच दिन तक पुलिस रिमांड में पूछताछ की गई। रिमांड पूरा होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में थाना साइबर क्राइम, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 81, दिनांक 15 जून 2026 को बीएनएस की धाराओं 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति से अडानी गैस ग्राहकों का डाटा और मालवेयर एपीके फाइल हासिल करता था। ठगी से प्राप्त रकम को गिरोह के अन्य सदस्यों तक अलग-अलग बैंक खातों, वॉलेट और अन्य माध्यमों से पहुंचाया जाता था।
पुलिस को जांच के दौरान अडानी गैस के किसी अंदरूनी कर्मचारी की भूमिका पर भी संदेह हुआ है। आशंका है कि कंपनी के किसी कर्मचारी ने उपभोक्ताओं का डाटा आरोपियों तक पहुंचाया। पुलिस अब इस कड़ी की जांच कर रही है।
पांच दिन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत
तकनीकी और फील्ड जांच के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने जामताड़ा में दबिश देकर बिमल कुमार मंडल को गिरफ्तार किया। आरोपी से पांच दिन तक पुलिस रिमांड में पूछताछ की गई। रिमांड पूरा होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में थाना साइबर क्राइम, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 81, दिनांक 15 जून 2026 को बीएनएस की धाराओं 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया।