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'अवसरवादी राजनीति पर बने कानून': जनादेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण, कांग्रेस सांसद की एंटी-डिफेक्शन कानून की मांग
Sun, 19 Jul 2026 02:43 PM IST
शाहिल शर्मा
एएनआई, चंडीगढ़
एएनआई, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:43 PM IST
सार
सांसद तिवारी ने मांग की कि संसद को अन्य कार्यों को अलग रखकर देश को नये एंटी-डिफेक्शन कानून (दलबदल विरोधी कानून) की जरूरत पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।
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मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर चिंता जताते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया था, उसमें और वर्तमान लोकसभा की संरचना में काफी अंतर आ गया है। यह बदलाव महज चार महीनों में हुआ है।
सांसद तिवारी ने मांग की कि संसद को अन्य कार्यों को अलग रखकर देश को नये एंटी-डिफेक्शन कानून (दलबदल विरोधी कानून) की जरूरत पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह समाप्त करना होगा। साथ ही, सांसदों को अपनी वैचारिक या नीतिगत असहमति को संसद के अंदर और बाहर व्यवस्थित तरीके से व्यक्त करने का पर्याप्त स्थान भी मिलना चाहिए।
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#WATCH | Chandigarh: Congress MP Manish Tewari says, "There is a vast difference between the mandate the people gave in 2024 and the current composition of the Lok Sabha; this shift has occurred in just the last four months. Therefore, the core issue is that Parliament should set… pic.twitter.com/69xir1dVzh
— ANI (@ANI) July 19, 2026
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सांसद तिवारी ने मांग की कि संसद को अन्य कार्यों को अलग रखकर देश को नये एंटी-डिफेक्शन कानून (दलबदल विरोधी कानून) की जरूरत पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह समाप्त करना होगा। साथ ही, सांसदों को अपनी वैचारिक या नीतिगत असहमति को संसद के अंदर और बाहर व्यवस्थित तरीके से व्यक्त करने का पर्याप्त स्थान भी मिलना चाहिए।
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