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Punjab: गैंगस्टरवाद से डर के साए में व्यापारी, पुलिस मदद से भी कतरा रहे; 5 माह में इन 6 कारोबारियों की हत्या

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Fri, 20 Feb 2026 06:47 AM IST
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सार

डीजीपी यादव ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए और फीडबैक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने अफवाहों से बचने और सत्यापित सूचनाओं पर ही कार्रवाई करने की अपील की।

Traders fear gangsterism in Punjab DGP Gaurav Yadav assures help
डीजीपी गाैरव यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में बढ़ते गैंगस्टरवाद और आपराधिक वारदातों के चलते व्यापारी और उद्यमी वर्ग में भय का माहौल गहरा गया है। कारोबारियों का कहना है कि वे पुलिस की मदद करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का डर सताता है कि उनके द्वारा दी गई गोपनीय सूचनाएं कहीं लीक न हो जाएं। इसी मुद्दे पर वीरवार को राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापारिक सुरक्षा को लेकर गंभीर मंथन हुआ।

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बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डीजीपी गौरव यादव, पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के सदस्य, जिला स्तरीय व्यापारिक कमेटियों के प्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। जिले स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
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बैठक के दौरान व्यापारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पुलिस अक्सर उन्हें आंख और कान बनने की अपील करती है, लेकिन पूर्व में सूचनाएं लीक होने की घटनाओं ने उनका भरोसा कमजोर किया है। इस पर वित्त मंत्री और डीजीपी ने कड़ा रुख अपनाया। चीमा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों, ट्रेडर्स कमीशन या कमेटी सदस्यों द्वारा साझा की गई हर सूचना को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस अधिकारी को सूचना दी जाएगी, सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या सूचना लीक होने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

पुख्ता होगी फीडबैक व्यवस्था
डीजीपी यादव ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए और फीडबैक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने अफवाहों से बचने और सत्यापित सूचनाओं पर ही कार्रवाई करने की अपील की। जिला पुलिस प्रमुखों को व्यापारी संगठनों के साथ नियमित बैठकें करने और हर शिकायत का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मजबूत होगा व्यापारियों का सुरक्षा घेरा
वित्त मंत्री ने कहा कि मान सरकार व्यापारिक समुदाय के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापारियों की सुरक्षा संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, जिला स्तर की बैठकों में सक्षम पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। सरकार का कहना है कि व्यापारियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि उद्योग और व्यापार निर्भय होकर आगे बढ़ सके।

हालिया वारदातों ने बढ़ाई दहशत

पंजाब में पिछले दो महीनों के दौरान व्यापारियों को निशाना बनाकर की गई सिलसिलेवार हत्याओं ने कारोबारी वर्ग में गहरी चिंता पैदा कर दी है। प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं

  • 27 जनवरी, गुरदासपुर: गुरदासपुर में मेडिकल स्टोर मालिक रणबीर सिंह बेदी की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात की जिम्मेदारी गैंगस्टर जीवन फौजी ने ली थी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
  • 24 जनवरी, लुधियाना: लुधियाना में कारोबारी के बेटे राजवीर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसका शव सड़क पर खून से लथपथ हालत में मिला था।
  • 19 दिसंबर, जालंधर: जालंधर में स्क्रैप व्यापारी संदीप सिंह की सुपारी किलर के जरिए हत्या करवा दी गई। इस घटना ने व्यापारिक संगठनों को झकझोर कर रख दिया।
  • 13 दिसंबर, नवांशहर: नवांशहर में किराना व्यापारी रविंदर सोबती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को कार में रखकर आग लगा दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
  • 1 दिसंबर, तरनतारन: तरनतारन में परचून व्यापारी दलजीत सिंह की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पहले आरोपियों ने रुपये मांगे और फिर छाती में गोलियां दाग दीं।
  • 15 नवंबर, फिरोजपुर: फिरोजपुर में मनियारी व्यापारी नवीन अरोड़ा की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह रात में दुकान बंद कर घर लौट रहा था। हमलावरों ने सिर में गोली मारी थी।
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