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फर्जी एडमिशन गिरोह का पर्दाफाश: एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर ठगे 21 लाख, रायपुर से दो शातिर गिरफ्तार

Fri, 02 Oct 2026 02:15 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट Published by: Nivedita Updated Fri, 02 Oct 2026 02:15 PM IST
सार

आरोपियों के ठिकाने से तीन लैपटॉप, 48 मोबाइल फोन व फर्जी सिम कार्ड, एमबीबीएस कॉलेजों और विद्यार्थियों से संबंधित डाटा, कार्यालय की डायरियां, विभिन्न फर्जी दस्तावेज, तीन डेबिट कार्ड, तीन जाली आधार कार्ड तथा एक स्कॉर्पियो-एन वाहन बरामद किया है।

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Cyber Crime Police arrest two in defrauding people of approximately 21 lakh by promising MBBS seats
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट दिलाने और कम फीस में दाखिला करवाने का भरोसा देकर करीब 21 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ पठानकोट साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई की है।

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पुलिस ने मामले की जांच के बाद रायपुर से दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी पहचान संबंधी कागजात और विद्यार्थियों से जुड़ा रिकॉर्ड बरामद हुआ है।
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पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, पठानकोट के एक युवक ने वर्ष 2025 में नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद उसे एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के संबंध में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। कथित तौर पर फोन करने वालों ने गुरुग्राम स्थित ‘द एडमिशन सॉल्यूशन’ नामक काउंसलिंग संस्थान के माध्यम से प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में अपेक्षाकृत कम फीस पर सीट दिलाने का भरोसा दिया।
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आरोप है कि इस भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने बताए गए विभिन्न बैंक खातों में करीब 21 लाख रुपये जमा करवा दिए। रकम लेने के बाद कुछ समय बीतने पर संबंधित काउंसलिंग संस्थान का संचालन बंद हो गया और परिवार को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।

जांच के दौरान साइबर पुलिस ने लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गुरुग्राम में ‘द एडमिशन सॉल्यूशन’ के नाम से चल रहे कार्यालय को बंद करने के बाद रायपुर में ‘ब्राइटमार्ग’ नाम से नया काउंसलिंग सेंटर शुरू कर लिया था। पुलिस का आरोप है कि गिरोह के सदस्य अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे।

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने रायपुर में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बंटी कुमार तिवारी पुत्र शिव कुमार तिवारी निवासी बिहार और मुहम्मद जुबैर पुत्र शेर खान निवासी दिल्ली के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से तीन लैपटॉप, 48 मोबाइल फोन व फर्जी सिम कार्ड, एमबीबीएस कॉलेजों और विद्यार्थियों से संबंधित डाटा, कार्यालय की डायरियां, विभिन्न फर्जी दस्तावेज, तीन डेबिट कार्ड, तीन जाली आधार कार्ड तथा एक स्कॉर्पियो-एन वाहन बरामद किया है।

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह द्वारा अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे। इन केंद्रों के माध्यम से मेडिकल शिक्षा में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थियों और उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें प्रवेश दिलाने का भरोसा दिया जाता था। जांच में नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।


इस मामले में साइबर क्राइम थाना पठानकोट में केस नंबर 21, दिनांक 7 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 336(2), 336(3), 340(2), 111 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत कार्रवाई की है।

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