उम्मीद 2026: पंजाब में विकास और निवेश बढ़ेगा, नौकरियां भी आएंगी; कई अधूरी परियोजनाएं होंगी पूरी
इस साल लोगों को सबसे बड़ी उम्मीद है पंजाब सरकार के बजट से। लोगों का कहना है कि बजट के दौरान चुनाव से पहले प्रदेश के लिए बड़ी घोषणाओं का पिटारा खुलेगा। लोगों की यह आस वाजिब है...क्योंकि वाकई यह साल चुनावी है।
विस्तार
पंजाब के लिहाज से साल 2026 पूरी तरह चुनावी वर्ष रहेगा, क्योंकि फरवरी 2027 में यहां विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी के मद्देनजर पंजाबियों को इस बरस विकास की बहुत ज्यादा उम्मीद है। प्रदेश में निवेश भी बढ़ेगा क्योंकि इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा दोनों ने कमान संभाल रखी है।
इसी के मद्देनजर दोनों नेताओं ने पिछले दिनों देश के विभिन्न राज्यों व जापान और साउथ कोरिया में औद्योगिक रोड शो भी किए थे जबकि मार्च में तीन दिवसीय प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन भी होने जा रहा है। पंजाब को गैंगस्टरों से दहशत मुक्त करने के लिए पंजाब पुलिस ने कमर कसी है, तो वहीं नशा तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस और कड़ा प्रहार करेगी।
ग्रामीण सड़कें भी चकाचक दिखेंगी जबकि विभिन्न जिलों के अधूरे पड़ी कई परियोजनाओं के भी इस साल पूरे होने की आस है। सूबे में कुछ नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। दोबारा बाढ़ न आए इसके मद्देनजर दरिया किनारे बसे जिलों में बाढ़ नियंत्रण के इंतजामों को और पुख्ता किया जाएगा। पहली बार तीन शहरों को पवित्र नगरी घोषित किया है, इस योजना पर भी इसी साल काम शुरू होने की उम्मीद है। जालंधर में खेल प्राैद्योगिकी विस्तार केंद्र पर भी काम शुरू हो जाएगा, इसे भी सरकार ने स्वीकृति दे दी है।
इन्वेस्ट पंजाब को मिलेगी मजबूती
पंजाब में पिछले करीब पाैने चार साल के भीतर 1.50 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आ चुका है। यह निवेश इस साल और बढ़ेगा। मोहाली में मार्च में तीन दिन तक प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन के बाद विभिन्न राज्यों व विदेशों से बड़ा निवेश आने की उम्मीद है। सीएम व उद्योगमंत्री इसी के चलते विदेश दौरा भी करके आए हैं। हाल ही में बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड ने मोहाली में अपने कारोबार का विस्तार करने का निर्णय लिया है। कंपनी यहां लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। अनुमान है कि इस परियोजना से 2,500 प्रत्यक्ष रोजगार और 210 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा अन्य निवेश के साथ भी यहां युवाओं के लिए हजारों नौकरियां आएंगी। एमएसएमई ने भी 770 करोड़ के निवेश की घोषणा की है।
बदलेगी राजमार्गों की सूरत
केंद्र ने पंजाब में 4,000 करोड़ रुपये की 29 राजमार्ग परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास किया था। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और इस साल कई प्रोजेक्ट के पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद निश्चित तौर पर राजमार्गों की सूरत बदलेगी और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। यातायात की निर्बाध और मुक्त आवाजाही होगी जिससे माल परिवहन की दक्षता में भी सुधार होगा।इनमें कई बाईपास व 4 लेन भी शामिल हैं। परियोजना क्षेत्रों में स्थित धार्मिक तीर्थ स्थलों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी में सीधी वृद्धि होगी।
रंगला पंजाब : विकसित होंगे गांव
पंजाब के गांवों के समग्र विकास के लिए मान सरकार ने बड़ी योजना बनाई है। इसके तहत गांवों का विकास किया जाएगा। गांवों में विकास की रफ्तार और तेज होगी। बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधा हर गांव तक पहुंचाई जा रही है। गावों को सुंदर बनाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार इस योजना के अंतर्गत 12,581 गांवों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बदलदे पिंड, बदलदा पंजाब योजना के तहत 3500 करोड़ से अधिक का बजट है।
इसी साल तैयार होंगे 3100 स्टेडियम
पंजाब में वर्ष 2026 में 3100 नए स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएंगे। जून तक की डेडलाइन तय कर दी गई है। इन स्टेडियमों पर 1350 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये की लागत से खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किटें भी वितरित की जाएंगी। 3,000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण के तहत प्रदेश में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ से ऐसे अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, बेंच, डंबल सेट, रैक, फ्लोर मैट और अन्य कई अत्याधुनिक उपकरण शामिल स्थापित होंगे।
छह एंटी ड्रोन सिस्टम लगेंगे
पंजाब पुलिस सरहद तक अपनी निगरानी और बढ़ाएगी ताकि सीमा पार से आने वाले हथियारों और नशीले पदार्थाें की तस्करी पर शिकंजा कसा जा सके। तीन एंट्री ड्रोन सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं जबकि इस साल छह नए सिस्टम लगाएं जाएंगे। नशा तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ाई जाएगी ताकि पंजाब को दहशत और नशा मुक्त किया जा सके। जिलों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
चकाचक होंगे गांवों के लिंक मार्ग
इस साल गांवों के लिंक मार्ग चकाचक हो जाएंगे जबकि शहर की सड़कें भी चमकेंगी। सूबे में 25547 किलोमीटर की नई सड़कें बनेंगी जिसमें 16209 करोड़ रुपये होंगे खर्च होंगे। 19343 किलोमीटर लिंक मार्गों की घोषणाएं पहले की जा चुकी हैं। सूबे में जो नई सड़कें बनेंगी उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी अगले पांच साल तक संबंधित ठेकेदार की ही होगी। ये सड़कें वर्षों से जर्जर थीं।
पवित्र नगरियों में शुरू होगा काम
पंजाब सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों को पवित्र नगरी का दर्जा दिया है। सरकार की तरफ से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अमृतसर, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को आधिकारिक रूप से पवित्र नगरी घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान दावा करते हैं कि अब इन तीन शहरों का संपूर्ण विकास होगा। इन क्षेत्रों में मांस-मछली, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू और शराब के सेवन व बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
अमृतसर में बनेगा यूनिटी मॉल
देशभर की कलाकृतियों के बिक्री केंद्र के लिए अमृतसर में यूनिटी मॉल बनाने की योजना है। संभावना है कि वर्ष 2026 में इस पर अमृतसर के रंजीत एवेन्यू में काम शुरू हो जाएगा। इस मॉल में मेड इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के लिए देशभर की कलाकृतियों को एक ही छत के नीचे बेचा जाएगा, जिसका नाम यूनिटी मॉल पास किया गया है। पंजाब के 23 जिलों को स्थायी तौर पर एक-एक स्टॉल दिया जाएगा।
फिरोजपुर-पट्टी रेल परियोजना पर शुरू होगा काम
फिरोजपुर-पट्टी के बीच 25.72 किलोमीटर की नई रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इस पर 764 करोड़ खर्च होंगे। इसके तहत रेलवे ने डीसी तरनतारन के पास 138 करोड़ और डीसी फिरोजपुर के पास 56 करोड़ रुपये जमा किए हैं, ताकि पंजाब के मालवा और माझा क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजना को गति दी जा सके। इसके बनने से फिरोजपुर और अमृतसर के बीच यात्रा की दूरी काफी कम हो जाएगी।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर शुरू होगा
फिरोजपुर में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर की इमारत का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मार्च 2026 में इसके उद्घाटन की उम्मीद है। इसके बनने से फिरोजपुर के लोगों के साथ श्रीगंगानगर, अबोहर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा के लोगों को भी सेहत सुविधा का फायदा होगा। ये लंबे समय से लटका हुआ प्रोजेक्ट है जिसे अब शुरू किया गया है। फिरोजपुर के लोगों को पीजीआई चंडीगढ़ इलाज के लिए जाना पड़ता था। इसके शुरू होने पर यहां के लोगों को बढ़िया सेहत सुविधा मिल सकेगी।
लुधियाना- बठिंडा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
लुधियाना–बठिंडा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पंजाब की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल है। 75.54 किलोमीटर लंबी इस छह लेन एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 2461.64 करोड़ रुपये है। यह भारतमाला परियोजना के तहत लुधियाना–अजमेर–जामनगर आर्थिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। परियोजना बठिंडा, बरनाला और लुधियाना जिलों के 36 गांवों से होकर गुजरती है। 95 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत निर्माण फिर शुरू हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा
लुधियाना के गांव एतिआणा में 162 एकड़ में करीब 200 करोड़ से बना अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा के शुरु होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट का संचालन लुधियाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी को सौंपा गया है और एयर इंडिया–विस्तारा ने दिल्ली के लिए रोजाना दो उड़ानें शुरू करने की सहमति दी है। 2018 में भूमि अधिग्रहण और 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 2025 में टैक्सीवे को वायुसेना के हलवारा रनवे से जोड़ दिया गया।
मिलेगा आधुनिक रेलवे स्टेशन
लुधियाना में वर्ष 2026 के अंत तक शहरवासियों को नया, आधुनिक रेलवे स्टेशन मिलने की उम्मीद है। 529 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ बने इस स्टेशन का 60 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है। दिसंबर 2026 तक इसे पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। तैयार होने के बाद यात्रियों को आधुनिक व आरामदायक प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म, डिजिटल सूचना प्रणाली और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे
दिल्ली से अमृतसर और कटरा तक बनने वाला नया एक्सप्रेस हाईवे 2026 तक लुधियाना तक यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है। मालेरकोटला तक का काम 95 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है जबकि मालेरकोटला से लुधियाना तक का निर्माण कार्य 66 प्रतिशत पूरा है। हाईवे लुधियाना में मुल्लांपुर दाखा के पास से गुजरेगा। इसके पूरा होने से दिल्ली और गुरुग्राम की दिशा में यात्रा करने वाले लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा जिससे समय की बचत और यात्रा आरामदायक होगी।
विकसित होगी राजेंद्रा झील
पटियाला में पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पटियाला की ऐतिहासिक राजेंद्रा झील को चंडीगढ़ की सुखना लेक की तर्ज पर विकसित किया जाना था। इसके तहत झील का सौंदर्यीकरण कर यहां बोटिंग शुरू की जाएगी। इसमें झील के किनारे बोटिंग क्लब, रेस्त्रां और कॉफी हाउस भी बनाया जाना था। उम्मीद है की नई साल 2026 में राजेंद्रा झील की सरकार सुध लेगी और योजना पर काम शुरू किया जाएगा। झील को शाही परिवार के महाराजा भूपेंद्र सिंह ने 135 साल पहले बनवाया था।