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BBA ड्रॉपआउट का कारनामा: खन्ना में चला रहा था फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट रैकेट, ऐसे पकड़ा गया

संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब) Published by: Ankesh Kumar Updated Wed, 01 Apr 2026 04:17 PM IST
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सार

बीबीए ड्रॉपआउट युवक के काले कारनामे का खुलासा हुआ है। आरोपी खन्ना में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट रैके चला रहा था। उसके साथ उसका दूसरा साथी भी गिरफ्तार हुआ है। 

Fake medical certificate and dope test racket busted in Khanna two arrested
पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी। - फोटो : संवाद
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विस्तार

खन्ना पुलिस ने एक बड़े फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से सरकारी व्यवस्था में सेंध लगाकर अवैध कमाई कर रहा था।

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जांच में सामने आया कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड 23 वर्षीय बीबीए ड्रॉपआउट मंचित कुमार है। वह कम समय में अमीर बनने की चाहत रखता था। शुरुआत में उसने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर उसने अपराध का रास्ता चुन लिया। इस काम में उसका सहयोगी लुधियाना के फील्डगंज निवासी रमेश कुमार उर्फ टोनी भी शामिल था।
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पुलिस के अनुसार, इस रैकेट की नींव कोविड-19 महामारी के दौरान रखी गई थी। उस समय मंचित कुमार ने खन्ना के सिविल अस्पताल में निजी तौर पर काम किया था। जहां उसने दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया, अधिकारियों के हस्ताक्षर और मोहरों की बारीकियों को समझा। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने फर्जीवाड़ा शुरू किया।

आरोपियों ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट, नकली डोप टेस्ट रिपोर्ट और अन्य जाली दस्तावेज तैयार करने शुरू कर दिए। इन दस्तावेजों का उपयोग मुख्य रूप से हथियार लाइसेंस बनवाने, सरकारी नौकरियों में आवेदन करने और अदालतों में पेश होने वाले मामलों में किया जाता था। दस्तावेज इतने शातिर तरीके से तैयार किए जाते थे कि उन्हें असली से अलग पहचानना मुश्किल था।

गिरोह ने अपने अवैध धंधे को छिपाने के लिए साइकिल स्टैंड और पार्किंग का काम भी शुरू कर रखा था। इसी की आड़ में लोगों से संपर्क कर मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब लुधियाना निवासी हिमांश अरोड़ा का फर्जी डोप टेस्ट किया गया। उसे दिए गए सर्टिफिकेट की एक प्रति खन्ना के एसएमओ डॉ. मनिंदर सिंह भसीन तक पहुंची। उन्होंने तुरंत इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई चौंकाने वाले सामान बरामद किए हैं, जिनमें रिटायर्ड और मौजूदा एसएमओ समेत कई डॉक्टरों की फर्जी मोहरें, डोप टेस्ट की सील, ओपीडी स्लिप, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।

यह कार्रवाई एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस का कहना है कि रैकेट काफी समय से सक्रिय था और इसमें अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। मामले की गहन जांच जारी है।

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