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Exclusive: वित्त मंत्री चीमा की अमर उजाला से खास बातचीत, बढ़ते कर्ज को लेकर दिया बयान; हरियाणा पर कसा तंज

Tue, 28 Jul 2026 08:00 AM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 28 Jul 2026 08:00 AM IST
सार

अमर उजाला से खासबातचीत में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा बढ़ता कर्ज बड़ी बात नहीं है पर उस कर्ज का पैसे का सही इस्तेमाल करना बड़ी बात है। 

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Finance Minister Harpal Cheema interview with amar ujala
वित्त मंत्री हरपाल चीमा की अमर उजाला से खास बातचीत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब सरकार राजस्व बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए है। इस विजन के प्रति वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा साफ कहते हैं, जेब में चार पैसे होंगे, तभी सरकार पंजाबियों का कल्याण कर सकेगी, जो कि आम आदमी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बढ़ते कर्ज के मुद्दे पर विरोधी सरकार को घेरते हैं, मगर इसे लेकर सरकार का अपना अलग नजरिया है। कर चोरी पर सरकार सख्ती और बढ़ाने की तैयारी में है। पंजाब परिवहन का बेड़ा पहली बार करीब 56 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। दिसंबर तक 1279 नई बसें पंजाब की सड़कों पर दौड़ेंगी, जिसकी शुरुआत 100 मिनी बसों के साथ अगस्त-सितंबर से हो रही है। पहली बार सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन कर हादसों में मृतकों का आंकड़ा कम किया गया है। अमर उजाला न्यूजरूम में पंजाब से जुड़े ऐसे ही कई मसलों पर सूबे के वित्त, परिवहन व आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मोहित धुपड़ व राजेंद्र शर्मा से खुलकर बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश...
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सवाल : पंजाब की आर्थिक स्थिति कैसी है, मजबूती के लिए क्या रोडमैप है?
जवाब :
किसी भी राज्य का वित्तीय प्रबंधन इस बात से मापा जाता है कि उसका रेवेन्यू कलेक्शन कैसे बढ़ रहा है। साल 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद ''वन नेशन-वन टैक्स'' फॉर्मूले के तहत पहले पांच साल में जीएसटी कलेक्शन 60 हजार करोड़ था। मान सरकार के कार्यकाल में यह 1.23 लाख करोड़ तक पहुंचने वाला है। पहले भी करदाता कर देते थे, मगर उसमें गड़बड़झाला हो जाता था, जिस पर हमने लगाम कसी है। एक्साइज की आय साल 1961 से साल 2022 तक 6 हजार करोड़ से ज्यादा नहीं हुई थी, जिसे हमने बढ़ाकर 12,800 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। शिअद-भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्टाम्प एंड पंजीकरण फीस से आय 12 हजार करोड़ थी, जो कांग्रेस के कार्यकाल में 19 हजार करोड़ पहुंची और हमारी सरकार के कार्यकाल में यह 31 हजार करोड़ रुपये पहुंच गई है। यह राजस्व और बढ़े, सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है।
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सवाल : बढ़ते कर्ज के मुद्दे पर विरोधी आपको घेरते हैं?
जवाब :
दुनिया का हर देश कर्ज के साथ चल रहा है। बड़ी बात यह है कि कर्ज का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है। अगर कर्ज के पैसे का नाजायज इस्तेमाल किया जाए तो वह राज्य के लिए सही नहीं है, लेकिन अगर सही तरीके से पैसे का इस्तेमाल किया जाए तो ही अच्छा होता है। पंजाब का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 47% से कम होकर 43% पर आ गया है। हमने अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाया है। हमारा पड़ोसी राज्य हरियाणा लगातार कर्ज ले रहा है; क्षेत्रफल में हमसे छोटा है, मगर कर्ज लेने की दर में हमसे आगे निकल रहा है। अगले कुछ समय में हरियाणा सरकार कर्ज लेने के मामले में पंजाब से भी आगे निकल जाएगी, लेकिन हम लगातार इस कर्ज को घटा रहे हैं।

सवाल : आरडीएफ के बकाए की रिकवरी की क्या स्थिति है?
जवाब
: साल 2022 में केंद्र सरकार ने पंजाब को एक पत्र भेजकर बताया था कि पंजाब में रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) का दुरुपयोग हो रहा है। हम जब सत्ता में आए तो कानून बनाकर यह सुनिश्चित किया कि यह फंड केवल ग्रामीण क्षेत्रों व मंडियों के विकास पर ही खर्च होगा। इसके आश्वासन के बावजूद केंद्र ने हमारा 9 हजार करोड़ से अधिक का आरडीएफ अभी तक रोक रखा है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल व शिवराज सिंह चौहान से मिलकर बकाया देने का आग्रह किया जा चुका है। शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार और कांग्रेस ने इस फंड का इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया था। हमारी अपील है कि केंद्र हमें हमारा बकाया दे ताकि हम उसे ग्रामीण विकास पर खर्च कर सकें।

सवाल : पंजाब में कर चोरी पर क्या एक्शन प्लान है?
जवाब : फर्जी कंपनियां बनाकर लोग इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का काम करते हैं, जिसे रोकने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। सरकार ने आईआईटी हैदराबाद के साथ करार किया था और टैक्स चोरी को रोकने के लिए नौ मॉड्यूल की खरीद भी की थी। इसी तरह टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना भी सरकार की तरफ से की गई है, जिसके तहत सख्ती की जा रही है। सिर्फ प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) गतिविधियों के जरिये सरकार को 1,300 करोड़ रुपये का संग्रह हो रहा है, जबकि वर्ष 2022 से पहले यह संग्रह केवल 150 करोड़ रुपये ही था। हमने जीएसटी के दायरे में आने वाली जितनी भी कंपनियां हैं, उन पर निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की हुई हैं। राजपुरा से अमृतसर बेल्ट में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ऐसे सभी लोगों को सीधे जेल भेजा जाएगा।

सवाल : जीएसटी कलेक्शन में पंजाब की देश में क्या स्थिति है?
जवाब : मान सरकार साढ़े चार साल के भीतर 67 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां दे चुकी है। जेब में चार पैसे होंगे, तभी उन्हें वेतन दे पाएंगे और पंजाबियों का कल्याण कर पाएंगे। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान ने जो विजन दिखाया है, उस पर पहरा देते हुए हम लगातार अपना जीएसटी कलेक्शन बढ़ा रहे हैं। पिछले एक साल में पंजाब देशभर में जीएसटी कलेक्शन के मामले में ''टॉप थ्री'' रैंकिंग में बना हुआ है, जिसे आगे भी कायम रखा जाएगा।
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सवाल : पंजाब बॉर्डर स्टेट के लिए विशेष पैकेज जारी करने की मांग कर चुका है, क्या केंद्र से कोई सकारात्मक जवाब आया?
जवाब : जीएसटी काउंसिल की बैठक में मैं यह मामला लगातार उठा चुका हूं कि पंजाब का तकरीबन 550 किलोमीटर का बॉर्डर पाकिस्तान के साथ लगता है। साथ ही 55 किलोमीटर का दायरा बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के तहत आता है। इसे लेकर हम मांग कर चुके हैं कि यहां एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ने बात नहीं मानी। यही कारण है कि पंजाब सरकार ने अपना खुद का एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने भी इस बात पर सहमति जताई है कि बॉर्डर जिलों को विशेष इंडस्ट्रियल पैकेज की जरूरत है। जम्मू और कश्मीर को यह पैकेज मिल चुका है, लेकिन हमारे सूबे को अभी तक उसका हक नहीं मिला है। बॉर्डर के पठानकोट, गुरदासपुर, फिरोजपुर, अमृतसर और तरनतारन जिलों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए।

सवाल : पंजाब में परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए क्या रोडमैप है?
जवाब : पंजाब में लगभग 56 प्रतिशत वृद्धि के साथ सरकारी बसों के बेड़े की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। इस बेड़े में पनबस और पीआरटीसी दोनों की बसें शामिल हैं। सितंबर-अक्टूबर तक पहली खेप के तहत 100-100 बसें आना शुरू होंगी। नवंबर 2026 तक लगभग 300 बसें सड़कों पर परिचालन में आ जाएंगी। दिसंबर के अंत तक शेष सभी बसों को बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 100 मिनी बसें शामिल की जा रही हैं। ये मिनी बसें अगले महीने अगस्त-सितंबर में बेड़े में शुमार हो जाएंगी। अशोक लीलैंड द्वारा निर्मित 800 नई बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सभी बसें इंटरनल सीसीटीवी कैमरे, डैशकैम और रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से लैस होंगी। कैशलेस सफर को बढ़ावा देने के लिए इनमें यूपीआई और क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें होंगी।

सवाल : ई-चालान विवादों से निपटने के लिए क्या निर्णय लिया गया है?
जवाब : पहले लोग चालान को लेकर पुलिस और परिवहन अधिकारियों के साथ उलझ जाते थे। इसीलिए यह सुविधा दी गई है ताकि लोग सीधे सक्षम प्राधिकारी के पास अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें। साथ ही ई-चालान सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत वाहन चालक छोटे-मोटे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का चालान मौके पर ही भर सकते हैं। इसके अलावा, अब अगर कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई होगी ताकि वे अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन न चलाने दें।

सवाल : सड़क हादसे कैसे कम होंगे, इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
जवाब : पंजाब सरकार ने खतरनाक ड्राइविंग रोकने के लिए तकनीक आधारित मजबूत रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत हाईवे गश्त (सड़क सुरक्षा फोर्स ), ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, सीसीटीवी निगरानी और सख्त ई-चालान प्रणाली लागू की गई है। सड़क सुरक्षा फोर्स देश में पहली बार बनी है। यह फोर्स दुर्घटना स्थल पर महज 5 से 7 मिनट में पहुंचकर मदद मुहैया कराती है। इस विशेष फोर्स के गठन के बाद राज्य में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में लगभग 48% की कमी दर्ज की गई है। खतरनाक ड्राइविंग पर सख्ती और बढ़ाने की तैयारी है। वाहनों का रिकॉर्ड अपडेट न रखने पर तीन से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा।
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