पंजाब में एचआईवी का बढ़ता खतरा: नशे का टीका बना बड़ा कारण, रोजाना दो संक्रमितों की जा रही जान
पंजाब में एचआईवी के मामलों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण नशे का इंजेक्शन है। आमतौर पर लोगों में यह गलतफहमी है कि एचआईवी सिर्फ असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है, जबकि एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है।
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पंजाब में एचआईवी एड्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बीते पांच वर्षों में राज्य में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या में 56 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि हर दिन औसतन दो लोगों की इस बीमारी के कारण जान जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से संसद में पेश की गई रिपोर्ट में यह गंभीर खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020-21 में पंजाब में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या 57,172 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 89,159 तक पहुंच गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2021-22 में यह संख्या 61,223 थी, जो 2022-23 में बढ़कर 70,510 हो गई। इसके बाद 2023-24 में मरीजों की संख्या 80,795 दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में एचआईवी के मामलों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण नशे का इंजेक्शन है। आमतौर पर लोगों में यह गलतफहमी है कि एचआईवी सिर्फ असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है, जबकि एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है। नशे की लत से जुड़े लोग एक-दूसरे के साथ सुई साझा करते हैं, जिससे वायरस तेजी से फैलता है।
मृत्यु दर भी बढ़ी
एचआईवी के कारण मौतों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2023 में जहां 566 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 961 हो गया। इससे पहले 2020 में 430, 2021 में 580 और 2022 में 625 लोगों की जान गई थी।
एचआईवी के साथ जीना भी संभव
एचआईवी संक्रमित मरीजों का कहना है कि समय पर जांच और नियमित एंटी रेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) से लंबा और सामान्य जीवन जिया जा सकता है। जरूरी है कि लोग लक्षणों का इंतजार न करें और जांच कराकर समय पर इलाज शुरू करें।
एचआईवी के खतरे को कम करने के लिए टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है और हर जिले में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। पुराने मरीजों को ट्रैक कर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वे इलाज बीच में न छोड़ें। - डाॅ. विशाल गर्ग, एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी
