सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Improvement in Punjab male female Ratio 910 Daughters Born for Every 1000 Sons

पंजाब में लिंगानुपात में सुधार: एक हजार बेटों पर 910 बेटियां ले रहीं जन्म, राष्ट्रीय दर से अब भी कम

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Thu, 28 May 2026 02:55 PM IST
विज्ञापन
सार

लिंगानुपात के मामले में शहरों के मुकाबले गांवों की स्थिति खराब है। हालांकि पहले से इसमें सुधार हुआ है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की सोच बदल रही है।

Improvement in Punjab male female Ratio 910 Daughters Born for Every 1000 Sons
लिंगानुपात - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार

पंजाब में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। अब एक हजार बेटों पर 910 बेटियां जन्म ले रही हैं लेकिन अभी भी यह राष्ट्रीय लिंगानुपात से कम है। राष्ट्रीय स्तर पर एक हजार बेटों पर 918 बेटियां पैदा हो रही हैं। केंद्र सरकार की नमूना पंजीकरण प्रणाली सांख्यिकीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।



केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही लिंगानुपात में सुधार के लिए बड़े स्तर पर अभियान चल रही हैं ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके लेकिन अभी भी उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल पा रहे हैं। यही कारण है कि लिंग जांच को लेकर पहले से सख्ती भी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-23 में में एक हजार बेटों पर 906 बेटियां पैदा हो रही थी जबकि वर्ष 2022-24 में यह संख्या बढ़कर 910 हो गई है। इस दौरान लिंगानुपात में 0.44% फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लिंगानुपात के मामले में शहरों के मुकाबले गांवों की स्थिति खराब है। हालांकि पहले से इसमें सुधार हुआ है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की सोच बदल रही है। लोग अब लड़के-लड़कियों में फर्क नहीं करते हैं जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाल लिंगानुपात में पहले से सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos

.
गांवों में वर्ष 2021-23 के दौरान एक हजार बेटों पर 894 बेटियां पैदा हो रही थीं जबकि वर्ष 2022-24 के दौरान 903 बेटियां पैदा हो रही हैं। हालांकि प्रदेश के शहरों में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। पंजाब के शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2021-23 के दौरान एक हजार लड़कों पर 922 लड़कियां जन्म ले रही थीं जबकि वर्ष 2022-24 के दौरान 920 लड़कियों ने जन्म लिया। इस तरह पहले से स्थिति खराब हो रही है।

हरियाणा में भी पहले से मामूली सुधार

पंजाब के साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा में पहले सुधार हुआ है जबकि हिमाचल प्रदेश में भी लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि हरियाणा में स्थिति पंजाब के मुकाबले अधिक खराब है। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में वर्ष 2021-23 के दौरान एक हजार बेटों पर 884 बेटियों का जन्म हो रहा था। वर्ष 2022-24 के दौरान इसमें मामूली सुधार हुआ है और एक हजार बेटों पर 885 बेटियां पैदा हुईं। हालांकि हिमाचल में पहले से स्थिति खराब हो गई है। हिमाचल में वर्ष 2022-24 के दौरान एक हजार बेटों पर 956 बेटियों ने जन्म लिया जबकि 2021-23 में 958 बेटियां जन्म ले रही थीं।

केंद्र और पंजाब सरकार लड़कियों के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं जिसमें लड़कियों को मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति व इलाज की सुविधा दी जा रही है, ताकि लड़कियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें। सरकार भ्रूण लिंग जांच के अवैध केंद्रों पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है। इस कारण पहले से लिंगानुपात में सुधार हो रहा है लेकिन अभी भी काफी कदम उठाने की जरूरत है ताकि लिंगानुपात को लड़कों के बराबर लाया जा सके। इसमें सबसे प्रमुख लोगों में जागरूकता फैलना है ताकि उनकी सोच बदल सके। - श्रुति शर्मा, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, संगरूर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed