{"_id":"6a263cf89e9e5af9d80a51c8","slug":"inflation-hits-kitchen-gas-cylinders-lentils-oil-become-costlier-food-prices-at-hotels-also-risen-2026-06-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रसोई में लगी महंगाई की आग: सिलिंडर से लेकर दाल-तेल सब महंगा, होटल-ढाबों में भी बढ़े खाने के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोई में लगी महंगाई की आग: सिलिंडर से लेकर दाल-तेल सब महंगा, होटल-ढाबों में भी बढ़े खाने के दाम
अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली
Published by: Nivedita
Updated Mon, 08 Jun 2026 09:25 AM IST
विज्ञापन
सार
बढ़ती महंगाई में घर का बजट संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। गैस की बढ़ी कीमतों का सीधा असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
रसोई में लगी महंगाई की आंच हर घर का बजट झुलसाने लगी है। घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दाल, खाद्य तेल, मसाले और रोजमर्रा के सामान पहले ही आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
बढ़ते खर्च का असर अब सिर्फ घर की रसोई तक सीमित नहीं है बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में मिलने वाली थाली से लेकर फास्ट फूड तक महंगा हो गया है। गृहिणियों, नौकरीपेशा लोगों, मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि आमदनी की रफ्तार थमी हुई है जबकि महंगाई हर महीने नया झटका दे रही है। ट्राइसिटी में रसोई से लेकर सफर और बाजार तक हर मोर्चे पर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।
Trending Videos
बढ़ते खर्च का असर अब सिर्फ घर की रसोई तक सीमित नहीं है बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में मिलने वाली थाली से लेकर फास्ट फूड तक महंगा हो गया है। गृहिणियों, नौकरीपेशा लोगों, मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि आमदनी की रफ्तार थमी हुई है जबकि महंगाई हर महीने नया झटका दे रही है। ट्राइसिटी में रसोई से लेकर सफर और बाजार तक हर मोर्चे पर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घर का बजट बिगड़ा
चंडीगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 922 रुपये से बढ़कर 951 रुपये पहुंच गई है। शहर में करीब 3.08 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं और प्रतिदिन लगभग नौ हजार सिलेंडरों की खपत होती है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले करीब 2500 कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है।दालों के दाम बढ़े
पिछले कुछ महीनों में अरहर दाल 110 रुपये से बढ़कर 140 रुपये किलो, उड़द दाल 105 से 145 रुपये, चना दाल 75 से 100 रुपये और मूंग दाल 100 से 130 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह सरसों तेल 145 से बढ़कर 180 रुपये, ग्राउंड नट ऑयल 175 से 209 रुपये और सोयाबीन तेल 125 से बढ़कर 148 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। करियाना व्यापारियों का कहना है कि कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।बाहर खाना भी हुआ महंगा
उधर, सेक्टर-17, 22, 35 और मध्य मार्ग क्षेत्र के कई रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू में रेट बढ़ा दिए हैं। जो सामान्य वेज थाली पहले 120 से 140 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब 160 से 180 रुपये तक पहुंच गई है। कुछ होटलों में स्पेशल थाली 280 से 320 रुपये के बजाय 380 से 420 रुपये में बिक रही है। बर्गर, चाउमीन, डोसा, इडली और अन्य फास्ट फूड आइटमों की कीमतों में भी 20 से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।कैब चालक, बाइक टैक्सी ऑपरेटर भी परेशान
महंगाई का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में काम करने वाले कैब चालक, बाइक टैक्सी ऑपरेटर और फूड डिलीवरी पार्टनर भी बढ़ते खर्च से परेशान हैं। चंडीगढ़ एप बेस्ड वर्कर यूनियन और ट्राइसिटी राइडर्स वेलफेयर सोसायटी ने बढ़ती ईंधन कीमतों और घटती आय को लेकर चिंता जताई है। यूनियन के प्रधान साहिल कुमार का कहना है कि डिलीवरी पार्टनर शहरी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं लेकिन बढ़ती लागत के कारण उनकी वास्तविक आय लगातार कम हो रही है।कांग्रेस ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी है और गैस सिलिंडर के दाम बढ़ाना हर घर की रसोई पर सीधा प्रहार है। उन्होंने केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।आम लोगों की राय
पेट्रोल, मेंटेनेंस और रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन डिलीवरी और कैब चालकों की आय नहीं बढ़ रही। ऐसे हालात में हजारों एप आधारित कामगारों का गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। -साहिल कुमार, प्रधान, चंडीगढ़ एप बेस्ड वर्कर यूनियनसिलिंडर, राशन और बाहर मिलने वाले खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महीने का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। पहले जितने खर्च में घर चलता था, अब वह संभव नहीं रहा। -अमनदीप सिंह, चंडीगढ़
नौकरी पर आने-जाने का खर्च बढ़ गया है और घर की रसोई भी महंगी हो गई है। आम आदमी की आय वहीं है लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं जिससे परेशानी बढ़ती जा रही है। कृष्ण चहल, चंडीगढ़
राशन, सब्जियां और दूसरी जरूरी वस्तुएं पहले ही महंगी हो चुकी हैं। अब गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। मध्यम वर्ग के लिए हालात कठिन होते जा रहे हैं। सिम्मी, पार्लर संचालक, सेक्टर-79 मोहाली
घर का बजट संभालना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है। रसोई से जुड़ा हर सामान महंगा हो रहा है और गैस सिलिंडर की बढ़ी कीमतों ने चिंता और बढ़ा दी है। -मोहिनी, गृहिणी, सेक्टर-70 मोहाली
सबसे ज्यादा दबाव मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। वेतन में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हो रही जबकि रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। -अर्चना, अध्यापिका, फेज-3बी2 मोहाली
एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। पहले से महंगाई झेल रहे परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हैं। सरकार को बढ़े दाम वापस लेकर राहत देनी चाहिए। -हरमोहिंदर सिंह लक्की, अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी