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झोटा हत्याकांड: गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात को पिता तैयार, आप विधायकों के घरों के बाहर जबरदस्त धरना प्रदर्शन
Mon, 19 Oct 2026 03:03 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा
Published by: Nivedita
Updated Mon, 19 Oct 2026 03:03 PM IST
सार
मानसा के एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को हत्या के बाद उठा आक्रोश नहीं थम रहा है। छह दिन बाद भी झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है।हत्याकांड के विरोध में आज आप विधायकों के घरों के सामने धरना लगाया जा रहा है।
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झोटा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में मानसा की एक्शन कमेटी के आह्वान पर आप विधायकों के घरों के बाहर रोष धरना लगाया जा रहा है। वहीं सातवें दिन भी झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया जिससे मानसा और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है।
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इसी बीच परविंदर के पिता ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह के दाैरे के दाैरान उनसे मिलने पर सहमति जताई है। दरअसल झोटा की हत्या के मामले में बनी एक्शन कमेटी ने शाह के मानसा दौरे का विरोध करने का एलान किया था।
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झोटा के पिता ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह हमें निजी तौर पर मिल सकते है, वे धरने पर न आएं। परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने बताया कि उनकी बहू मनप्रीत कौर अब से एक्शन कमेटी की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि वह खुद पिछली दो-तीन बैठकों में नहीं जा पाए थे, इसलिए उन्हें नहीं पता कि उन बैठकों में क्या चर्चा हुई।
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एक्शन कमेटी ने कल रात अमित शाह के दौरे से दूर रहने का फैसला किया था। अब सामने आया है कि कमेटी आज अपने इस फैसले पर फिर से विचार कर सकती है। भीम सिंह ने कहा कि वह गृह मंत्री अमित शाह के दौरे का स्वागत करते हैं और अपने परिवार के साथ उनसे मिलना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति को लेकर लिए जा रहे फैसलों की उन्हें अक्सर जानकारी नहीं होती, और न ही उन्हें इस बारे में बताया जाता है। उन्होंने इशारा किया कि इस मामले से जुड़े कुछ लोग चालाकी से काम कर रहे हैं, इसलिए अब उनका परिवार यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी बहू ऐसी सभी बैठकों में शामिल हों।
एक्शन कमेटी ने मानसा से आप विधायक डॉ. विजय सिंगला के घर के बाहर प्रदर्शन किया। सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली और बुढलाडा के विधायक प्रिंसिपल बुध राम के घरों को भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। प्रदर्शन के दौरान, एक्शन कमेटी और झोटा के समर्थकों ने आप विधायकों के घरों के बाहर लानत पत्र चिपका दिए।
दोपहर 12 बजे आएंगे अमित शाह
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रितपाल बलियावाल ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे। पहले वे झोटा के परिवार से मिलेंगे। इसके बाद तुरबंजारा में गुलजार सिंह के परिवार से मिलने जाएंगे। शाह लुधियाना में शाम को दशहरा पर्व में भी भाग ले सकते हैं। वहीं शाह के दाैरे के मद्देनजर मानसा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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तलवंडी साबो में प्रदर्शन
- फोटो : संवाद
तलवंडी साबो में बैरिकेड तोड़ कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
झोटा हत्याकांड के विरोध में तलवंडी साबो की विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर किसान यूनियन व शिरोमणि अकाली दल बादल के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। जब प्रदर्शनकारी निंदा पत्र लेकर जा रहे थे तो विधायक के घर से थोड़ी दूर पहले ही पुलिस फोर्स ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकना चाहा, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लानत पत्र विधायक की कोठी के बाहर चिपका दिया।
रोपड़ में विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय के बाहर लगाया ‘लानत पत्र’
मानसा मोर्चा की ओर से दिए गए आह्वान पर रोपड़ में शिरोमणि अकाली दल सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय के बाहर ‘लानत पत्र’ लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी जब विधायक के कार्यालय के बाहर लानत पत्र लगाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय तक पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान कुछ नेता गिर गए। विभिन्न संगठनों के नेताओं ने परमिंदर सिंह झोटे की हत्या को कथित तौर पर सरकारी साजिश बताते हुए आरोप लगाए। नेताओं ने विधायक दिनेश चड्ढा के खिलाफ भी विभिन्न आरोप लगाए।
कोटकपूरा में स्पीकर संधवां के घर के बाहर धरना
कोटकपूरा के गांव संधवां में झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर एक्शन कमेटी के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक्शन कमेटी की मांगों को लेकर लाहनत पत्र भी सौंपा।
फरीदकोट में विधायक गुरदित सिंह सेखों के घर के बाहर दिया धरना
मानसा के परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर फरीदकोट में विभिन्न संगठनों ने एक्शन कमेटी के आहवान पर आम आदमी पार्टी विधायक गुरदित सिंह सेखों के घर के बाहर धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांगों से संबंधित लाहनत पत्र सौंपा। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को केवल एक नशा तस्कर की कार्रवाई मानकर मामले को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
झोटा हत्याकांड के विरोध में तलवंडी साबो की विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर किसान यूनियन व शिरोमणि अकाली दल बादल के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। जब प्रदर्शनकारी निंदा पत्र लेकर जा रहे थे तो विधायक के घर से थोड़ी दूर पहले ही पुलिस फोर्स ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकना चाहा, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लानत पत्र विधायक की कोठी के बाहर चिपका दिया।
रोपड़ में विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय के बाहर लगाया ‘लानत पत्र’
मानसा मोर्चा की ओर से दिए गए आह्वान पर रोपड़ में शिरोमणि अकाली दल सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय के बाहर ‘लानत पत्र’ लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी जब विधायक के कार्यालय के बाहर लानत पत्र लगाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधायक दिनेश चड्ढा के कार्यालय तक पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान कुछ नेता गिर गए। विभिन्न संगठनों के नेताओं ने परमिंदर सिंह झोटे की हत्या को कथित तौर पर सरकारी साजिश बताते हुए आरोप लगाए। नेताओं ने विधायक दिनेश चड्ढा के खिलाफ भी विभिन्न आरोप लगाए।
कोटकपूरा में स्पीकर संधवां के घर के बाहर धरना
कोटकपूरा के गांव संधवां में झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर एक्शन कमेटी के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक्शन कमेटी की मांगों को लेकर लाहनत पत्र भी सौंपा।
फरीदकोट में विधायक गुरदित सिंह सेखों के घर के बाहर दिया धरना
मानसा के परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर फरीदकोट में विभिन्न संगठनों ने एक्शन कमेटी के आहवान पर आम आदमी पार्टी विधायक गुरदित सिंह सेखों के घर के बाहर धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांगों से संबंधित लाहनत पत्र सौंपा। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को केवल एक नशा तस्कर की कार्रवाई मानकर मामले को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग, हरसिमरत बादल ने अमित शाह को लिखा पत्र
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने हत्या के पीछे कथित साजिश का पता लगाने के साथ-साथ पंजाब में ड्रग माफिया, पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बीच कथित गठजोड़ की व्यापक जांच कराने की मांग की है।
18 अक्टूबर को लिखे पत्र में हरसिमरत बादल ने दावा किया कि झोटा नशे के कारोबार और मेडिकल स्टोरों से प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी है, ताकि कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सके।
डीएसपी को सूचना देने के बाद मेडिकल स्टोर पहुंचे थे झोटा
हरसिमरत बादल ने अपने पत्र में दावा किया कि परविंदर सिंह झोटा ने एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना मानसा के डीएसपी को दी थी और मौके पर पहुंचने के लिए कहा था। पत्र के मुताबिक, पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने के बाद झोटा ने मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार द्वारा कथित तौर पर प्रतिबंधित दवाएं बेचने की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की।
बादल ने आरोप लगाया कि इसके बाद अश्वनी कुमार ने गोली मारकर झोटा की हत्या कर दी और दो अन्य लोगों को घायल कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोली चलाने से पहले आरोपी ने फोन पर किसी से लंबी बातचीत की थी।
पिता के बयान के आधार पर पुलिस अधिकारियों पर आरोप
सांसद ने पत्र में झोटा के पिता भीम सिंह के पुलिस को दिए गए बयान का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, भीम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण झूठे मामलों में फंसाया गया और जेल भेजा गया था।
पत्र में यह भी दावा किया गया कि जेल में रहने के दौरान झोटा के पिता को कथित तौर पर धमकी दी गई थी कि यदि उनका बेटा नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाता रहा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। हरसिमरत बादल ने इन आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
पत्र में तत्कालीन डीएसपी संजीव गोयल, तत्कालीन एसएसपी नानक सिंह, वर्तमान डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और एसएचओ बेअंत कौर सहित कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही, मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर शिशम मित्तल पर भी कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोपी को हथियार का लाइसेंस मिलने पर भी उठाए सवाल
हरसिमरत बादल ने पत्र में दावा किया कि हत्या के आरोपी अश्वनी कुमार पर पहले भी नियंत्रित मन:प्रभावी दवाओं की बिक्री के आरोप लगे थे और वह कुछ समय जेल में भी रहा था। इसके बावजूद उसे हथियार का लाइसेंस जारी किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
पत्र के अनुसार, अश्वनी कुमार को 2024 में तत्कालीन मानसा एसएसपी की मंजूरी से हथियार का लाइसेंस मिला था। सांसद ने मांग की कि जांच में यह भी देखा जाए कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और आरोपी को कथित रूप से किन लोगों का संरक्षण प्राप्त था।
मोहांजीत सिंह और गुलजार सिंह के मामलों की जांच की भी मांग
सांसद ने गृह मंत्री से अनुरोध किया कि जांच को केवल झोटा हत्याकांड तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने सुनाम के मोहांजीत सिंह के मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम में नशे के मुद्दे पर लोकतांत्रिक विरोध करने के बाद कथित तौर पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
पत्र में गुलजार सिंह की आत्महत्या का भी जिक्र है। बादल ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से पंजाब में खुलेआम चिट्टे की बिक्री को लेकर सवाल पूछने के बाद गुलजार सिंह को पुलिस प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। उन्होंने इन मामलों सहित नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों से जुड़े अन्य मामलों की भी व्यापक जांच कराने की मांग की।
पिता का बयान भी गृह मंत्री को भेजा
हरसिमरत बादल ने पत्र के साथ परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह का बयान भी संलग्न करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार और इसके कथित संरक्षण तंत्र को उजागर करने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने हत्या के पीछे कथित साजिश का पता लगाने के साथ-साथ पंजाब में ड्रग माफिया, पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बीच कथित गठजोड़ की व्यापक जांच कराने की मांग की है।
18 अक्टूबर को लिखे पत्र में हरसिमरत बादल ने दावा किया कि झोटा नशे के कारोबार और मेडिकल स्टोरों से प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी है, ताकि कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सके।
डीएसपी को सूचना देने के बाद मेडिकल स्टोर पहुंचे थे झोटा
हरसिमरत बादल ने अपने पत्र में दावा किया कि परविंदर सिंह झोटा ने एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री की सूचना मानसा के डीएसपी को दी थी और मौके पर पहुंचने के लिए कहा था। पत्र के मुताबिक, पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने के बाद झोटा ने मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार द्वारा कथित तौर पर प्रतिबंधित दवाएं बेचने की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की।
बादल ने आरोप लगाया कि इसके बाद अश्वनी कुमार ने गोली मारकर झोटा की हत्या कर दी और दो अन्य लोगों को घायल कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोली चलाने से पहले आरोपी ने फोन पर किसी से लंबी बातचीत की थी।
पिता के बयान के आधार पर पुलिस अधिकारियों पर आरोप
सांसद ने पत्र में झोटा के पिता भीम सिंह के पुलिस को दिए गए बयान का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, भीम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण झूठे मामलों में फंसाया गया और जेल भेजा गया था।
पत्र में यह भी दावा किया गया कि जेल में रहने के दौरान झोटा के पिता को कथित तौर पर धमकी दी गई थी कि यदि उनका बेटा नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाता रहा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। हरसिमरत बादल ने इन आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
पत्र में तत्कालीन डीएसपी संजीव गोयल, तत्कालीन एसएसपी नानक सिंह, वर्तमान डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और एसएचओ बेअंत कौर सहित कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही, मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर शिशम मित्तल पर भी कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं।
आरोपी को हथियार का लाइसेंस मिलने पर भी उठाए सवाल
हरसिमरत बादल ने पत्र में दावा किया कि हत्या के आरोपी अश्वनी कुमार पर पहले भी नियंत्रित मन:प्रभावी दवाओं की बिक्री के आरोप लगे थे और वह कुछ समय जेल में भी रहा था। इसके बावजूद उसे हथियार का लाइसेंस जारी किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
पत्र के अनुसार, अश्वनी कुमार को 2024 में तत्कालीन मानसा एसएसपी की मंजूरी से हथियार का लाइसेंस मिला था। सांसद ने मांग की कि जांच में यह भी देखा जाए कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और आरोपी को कथित रूप से किन लोगों का संरक्षण प्राप्त था।
मोहांजीत सिंह और गुलजार सिंह के मामलों की जांच की भी मांग
सांसद ने गृह मंत्री से अनुरोध किया कि जांच को केवल झोटा हत्याकांड तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने सुनाम के मोहांजीत सिंह के मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम में नशे के मुद्दे पर लोकतांत्रिक विरोध करने के बाद कथित तौर पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
पत्र में गुलजार सिंह की आत्महत्या का भी जिक्र है। बादल ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से पंजाब में खुलेआम चिट्टे की बिक्री को लेकर सवाल पूछने के बाद गुलजार सिंह को पुलिस प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। उन्होंने इन मामलों सहित नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों से जुड़े अन्य मामलों की भी व्यापक जांच कराने की मांग की।
पिता का बयान भी गृह मंत्री को भेजा
हरसिमरत बादल ने पत्र के साथ परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह का बयान भी संलग्न करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार और इसके कथित संरक्षण तंत्र को उजागर करने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।