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छात्रा बोली टाॅपर्स तय करने के नियम सही नहीं: सीएम मान ने दिए बदलने के निर्देश, जानिए अब कैसे होगा फैसला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 01 Jun 2026 09:10 AM IST
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सार

पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं में समान नंबर आने पर आयु के हिसाब से पहली-दूसरी रैंकिंग तय की जाती थी। अब इस व्यवस्था को बदला जाएगा। 

New Rules for Determining Toppers in Punjab CM Bhagwant mann Issues Directives on Student Suggestion
सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान मेधावियों संग सेल्फी लेते सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स की रैंकिंग तय करने के लिए आयु में अंतर (एज डिफरेंस) का नियम अब खत्म होगा। भविष्य में यदि एक से अधिक विद्यार्थियों के समान अंक आते हैं तो सभी को एक ही रैंक दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।


रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों के अनुभव सुने और अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे।
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छात्रा ने उठाया मुद्दा

कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के समक्ष रैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि अमृतसर जिले में उसके सहित तीन छात्राओं ने समान अंक प्राप्त किए थे लेकिन आयु प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया गया। इस कारण वह प्रथम स्थान हासिल नहीं कर सकी।
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छात्रा की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नियमों में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी टॉपर हैं और उनमें कोई अंतर नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए भविष्य में समान अंक पाने वाले सभी विद्यार्थियों को समान स्थान और सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

पहले तीन टॉपर के हैं समान अंक

मनीष सिसोदिया ने भी छात्रा के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने और व्यवस्था में सुधार की मांग करने का साहस देना है। हाल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परिणामों में भी ऐसा मामला सामने आया था। मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए थे। हालांकि तीनों के अंक समान थे लेकिन आयु के आधार पर उन्हें क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया था। अब अगले सत्र से इस व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
 
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