फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Rajya Sabha member Sichewal demands Bhagat Purna Singh Bharat Ratna

पंजाब: राज्यसभा सदस्य सीचेवाल ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, इस शख्स को की भारत रत्न देने की मांग

Sun, 09 Aug 2026 03:57 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला Published by: शाहिल शर्मा Updated Sun, 09 Aug 2026 03:57 PM IST
सार

भारत सरकार ने उनकी सेवाओं को मान्यता देते हुए वर्ष 1979 में ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया था। संत सीचेवाल ने कहा कि भगत पूर्ण सिंह जी की मानव सेवा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक हैं।

विज्ञापन
Rajya Sabha member Sichewal demands Bhagat Purna Singh Bharat Ratna
बलबीर सिंह सीचेवाल, राज्यसभा सांसद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने समाजसेवी भगत पूर्ण सिंह जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भगत पूर्ण सिंह जी की मानवता के प्रति निःस्वार्थ सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की अपील की है।

विज्ञापन

भगत पूर्ण सिंह जी की 34वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में लिखे पत्र में संत सीचेवाल ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सेवा, त्याग, सादगी और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। गुरबाणी से प्रेरणा लेकर उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक जरूरतमंदों की सेवा को अपना धर्म बनाए रखा। 

विज्ञापन

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि देश के विभाजन के समय भगत पूर्ण सिंह ने एक अपाहिज और बेसहारा व्यक्ति प्यारा सिंह को अपनी पीठ पर उठाकर अमृतसर लाने की घटना उनके सेवा-जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बनी।  इसके बाद उन्होंने ‘पिंगलवाड़ा’ की स्थापना की, जहां लावारिस, दिव्यांग, मानसिक रूप से पीड़ित, बुजुर्ग और बेसहारा लोगों के लिए आश्रय, उपचार तथा सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संत सीचेवाल ने पत्र में भगत पूर्ण सिंह जी की पर्यावरण के प्रति दूरदर्शिता का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस समय पर्यावरण संकट आज की तरह व्यापक चर्चा का विषय नहीं बना था, उस समय भी भगत जी ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पेड़ों की रक्षा और सादगीपूर्ण जीवन के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था। वे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कागज के पुनः उपयोग तथा लकड़ी की अनावश्यक खपत से बचने के लिए भी लोगों को प्रेरित करते रहे। 

भारत सरकार ने उनकी सेवाओं को मान्यता देते हुए वर्ष 1979 में ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया था। संत सीचेवाल ने कहा कि भगत पूर्ण सिंह जी की मानव सेवा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक हैं। उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करना उनकी महान विरासत के प्रति सच्चा और उचित सम्मान होगा।

 सादगी, सेवा और प्रकृति-प्रेम की जीवंत मिसाल
भगत पूर्ण सिंह ने मानव सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया। उन्होंने लोगों को पेड़ों की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कागज के पुनः उपयोग और सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण आज के पर्यावरणीय संकट के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed