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पंजाब में बढ़ा टमाटर उत्पादन: 2.93 लाख टन तक पहुंचा, एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ा; फसल विविधीकरण को मजबूती

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 06 Feb 2026 03:21 PM IST
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सार

टमाटर उत्पादन के साथ-साथ खेती के रकबे में भी लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2020-21 में जहां टमाटर की खेती लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती थी। 2023-24 में यह बढ़कर 11 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गई।

Tomato production increases in Punjab Reaches 2.93 lakh tonnes
टमाटर - फोटो : Freepik.com
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विस्तार

पंजाब में टमाटर की खेती और उत्पादन दोनों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से वीरवार को संसद में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार राज्य में टमाटर उत्पादन में 10.15 फीसदी की वृद्धि हुई है और कुल उत्पादन बढ़कर 2.93 लाख टन तक पहुंच गया है। इसके साथ ही टमाटर की खेती का रकबा भी करीब एक हजार हेक्टेयर बढ़ा है जिससे फसल विविधीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को मजबूती मिली है।

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रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020-21 में पंजाब में टमाटर का उत्पादन 2.66 लाख टन था। यह आंकड़ा 2021-22 में 2.69 लाख टन और 2022-23 में बढ़कर 2.77 लाख टन हो गया। वर्ष 2023-24 में उत्पादन 2.93 लाख टन तक पहुंच गया है। वहीं अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2024-25 में उत्पादन और बढ़कर 2.98 लाख टन होने की संभावना है जिसके अंतिम आंकड़े केंद्र सरकार जल्द जारी करेगी।

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खेती का रकबा और किसानों का रुझान बढ़ा

टमाटर उत्पादन के साथ-साथ खेती के रकबे में भी लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2020-21 में जहां टमाटर की खेती लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होती थी। 2023-24 में यह बढ़कर 11 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गई। वर्ष 2024-25 में भी टमाटर के रकबे में करीब 1.16 फीसदी की और बढ़ोतरी का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव गेहूं-धान चक्र से हटकर नकदी फसलों की ओर किसानों के बढ़ते झुकाव को दर्शाता है।

फसल विविधीकरण नीति को मिले सकारात्मक संकेत

केंद्र और राज्य सरकार लंबे समय से फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही हैं। टमाटर उत्पादन में आई यह बढ़ोतरी इन नीतियों की सफलता का संकेत मानी जा रही है। बेहतर बाजार, तकनीकी मार्गदर्शन और वैकल्पिक फसलों से आय बढ़ने की उम्मीद ने किसानों को टमाटर की खेती की ओर आकर्षित किया है।

पड़ोसी राज्यों में उत्पादन की स्थिति

हरियाणा में पंजाब की तुलना में टमाटर की खेती अधिक क्षेत्र में होती है लेकिन वहां उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में हरियाणा का उत्पादन 4.40 लाख टन था जो 2023-24 में घटकर 4.34 लाख टन रह गया। अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 में यह 3.50 लाख टन तक गिर सकता है। हिमाचल प्रदेश में भी टमाटर उत्पादन 2020-21 के 5.77 लाख टन से घटकर 2023-24 में 4.74 लाख टन रह गया है। जम्मू-कश्मीर में उत्पादन 1.02 लाख टन तक पहुंचा है हालांकि आगामी वर्ष में इसमें कमी की आशंका जताई गई है।

निर्यात बढ़ाने की तैयारी में सरकार

राज्य सरकार टमाटर आधारित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देशों में टमाटर प्यूरी और कैचअप के निर्यात की तैयारी कर रहा है। इसके लिए किसानों के साथ अनुबंध खेती की योजना बनाई जा रही है जिससे उनकी आमदन बढ़ेगी। फिलहाल मार्कफेड प्रदेश में टमाटर से बनी प्यूरी और कैचअप की 20 हजार बोतलों का उत्पादन कर घरेलू बाजार में खपत कर रहा है।

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