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पंजाबियों का परचम: खन्ना का बेटा बना कनाडा में जज, विक्रमजीत सिंह औजला को ओंटारियो में मिली नियुक्ति
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Sat, 23 May 2026 12:29 PM IST
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सार
जस्टिस विक्रमजीत सिंह औजला ने साल 2011 में ओंटारियो बार काउंसिल की सदस्यता ली थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ब्रैम्पटन में पील क्राउन अटॉर्नी कार्यालय के साथ एक सहायक क्राउन अटॉर्नी के रूप में की, जहाँ उन्होंने गंभीर और जटिल आपराधिक मामलों की पैरवी की।
विक्रमजीत सिंह औजला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाबियों ने एक बार फिर दुनिया में अपनी मेहनत, काबिलियत और लगन का परचम लहराया है। पंजाब के खन्ना के गांव नसराली से संबंध रखने वाले विक्रमजीत सिंह औजला को कनाडा के ओंटारियो प्रांत में जज नियुक्त किया गया है। यह केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब और खास तौर पर खन्ना के लिए बेहद गर्व और सम्मान का क्षण है।
विक्रमजीत सिंह औजला ने अपनी अथक मेहनत और ईमानदार कार्यशैली के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्षों तक अदालतों में गंभीर आपराधिक मामलों पर काम किया और अपनी योग्यता का लोहा मनवाया। उनकी काबिलियत और निष्पक्ष सेवा को देखते हुए अब उन्हें ओंटारियो न्यायालय में जज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह उपलब्धि साबित करती है कि पंजाबी जहां भी जाते हैं, अपनी मेहनत और संघर्ष से नई मिसाल कायम कर देते हैं। खन्ना की मिट्टी से निकला यह होनहार नौजवान आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
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विक्रमजीत सिंह औजला की यह सफलता हर युवा को यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, मेहनत सच्ची हो और लक्ष्य साफ हो, तो दुनिया की कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
जस्टिस औजला ने साल 2011 में ओंटारियो बार काउंसिल की सदस्यता ली थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ब्रैम्पटन में पील क्राउन अटॉर्नी कार्यालय के साथ एक सहायक क्राउन अटॉर्नी के रूप में की, जहाँ उन्होंने गंभीर और जटिल आपराधिक मामलों की पैरवी की।
साल 2024 में, वे ऑरेंजविले क्राउन अटॉर्नी कार्यालय में शामिल हुए और डफरिन काउंटी के क्राउन अटॉर्नी बने, जहां उन्होंने सभी आपराधिक मुकदमों की देखरेख की।
जस्टिस विक्रमजीत औजला का संबंध कनाडा के प्रतिष्ठित पंजाबी-कनाडाई परिवार से है। वे समाज सेवी नाहर सिंह औजला और पूर्व सिटी काउंसलर अवतार कौर औजला के सुपुत्र हैं। उनकी इस न्यायिक नियुक्ति को पूरे ओंटारियो और कनाडा के पंजाबी समुदाय के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है
विक्रमजीत सिंह औजला ने अपनी अथक मेहनत और ईमानदार कार्यशैली के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्षों तक अदालतों में गंभीर आपराधिक मामलों पर काम किया और अपनी योग्यता का लोहा मनवाया। उनकी काबिलियत और निष्पक्ष सेवा को देखते हुए अब उन्हें ओंटारियो न्यायालय में जज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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यह उपलब्धि साबित करती है कि पंजाबी जहां भी जाते हैं, अपनी मेहनत और संघर्ष से नई मिसाल कायम कर देते हैं। खन्ना की मिट्टी से निकला यह होनहार नौजवान आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
विक्रमजीत सिंह औजला की यह सफलता हर युवा को यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, मेहनत सच्ची हो और लक्ष्य साफ हो, तो दुनिया की कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
जस्टिस औजला ने साल 2011 में ओंटारियो बार काउंसिल की सदस्यता ली थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ब्रैम्पटन में पील क्राउन अटॉर्नी कार्यालय के साथ एक सहायक क्राउन अटॉर्नी के रूप में की, जहाँ उन्होंने गंभीर और जटिल आपराधिक मामलों की पैरवी की।
साल 2024 में, वे ऑरेंजविले क्राउन अटॉर्नी कार्यालय में शामिल हुए और डफरिन काउंटी के क्राउन अटॉर्नी बने, जहां उन्होंने सभी आपराधिक मुकदमों की देखरेख की।
जस्टिस विक्रमजीत औजला का संबंध कनाडा के प्रतिष्ठित पंजाबी-कनाडाई परिवार से है। वे समाज सेवी नाहर सिंह औजला और पूर्व सिटी काउंसलर अवतार कौर औजला के सुपुत्र हैं। उनकी इस न्यायिक नियुक्ति को पूरे ओंटारियो और कनाडा के पंजाबी समुदाय के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है