जालंधर में कारोबारी से लूट: कार को घेरकर लोहे की रॉड से शीशे पर किया वार, नकदी के दो बैग लेकर फरार
बदमाशों ने अपनी कार को लोहा व्यापारी की कार के आगे लगाकर वारदात को अंजाम दिया। लोहे की रॉड से शीशे तोड़कर बदमाश दो बैगों में भरी नकदी को अपने साथ ले गए। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया।
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जालंधर शहर में सोमवार रात लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। सूर्या एंक्लेव निवासी लोहा कारोबारी ललित मित्तल से कथित तौर पर लाखों रुपये की नकदी लूट ली गई। वारदात टांडा रोड से सूर्या एंक्लेव जाते समय हुई। बदमाशों ने कारोबारी की कार को रास्ते में रोककर लोहे की रॉड से शीशा तोड़ा और कार में रखे नकदी से भरे दो बैग लेकर फरार हो गए। दोनों बैग में करीब 72 लाख रुपये होने की बात सामने आ रही है।
कारोबारी ने पुलिस को दी सूचना
जानकारी के अनुसार, ललित मित्तल का टांडा रोड पर लोहे का कारोबार है। सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह कार में दो बैग लेकर टांडा रोड से अपने घर सूर्या एंक्लेव के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ बदमाश उनकी कार का पीछा करने लगे। कारोबारी जब काजी मंडी से होते हुए सूर्या एंक्लेव के मोड़ के पास पहुंचे तो बदमाशों ने अपनी कार उनकी कार के आगे लगा दी। आरोप है कि इसके बाद बदमाश कार से बाहर निकले और ललित मित्तल की कार पर हमला कर दिया। उन्होंने लोहे की रॉड से कार का शीशा तोड़ा और अंदर रखे दोनों बैग निकालकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी।
ललित मित्तल के अनुसार नकदी की सही रकम के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है और इसका पता सुबह चल पाएगा। उन्होंने बताया कि उनके लेखाकार ने पैसे गिनने के बाद कार में रखे थे। हालांकि शुरुआती जानकारी में दोनों बैग में करीब 72 लाख रुपये नकद होने की बात सामने आ रही है।
पुलिस कर रही जांच
लूट की सूचना मिलते ही थाना रामामंडी की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से कारोबारी के आने-जाने वाले मार्ग और आसपास के इलाकों में लगे निगरानी कैमरों की तस्वीरें खंगाली जा रही हैं, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके।
वारदात के तरीके से आशंका जताई जा रही है कि बदमाश कारोबारी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखे हुए थे और टांडा रोड से ही उनका पीछा कर रहे थे। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बदमाशों को कारोबारी के पास मौजूद नकदी की जानकारी कैसे मिली और वारदात की योजना कब बनाई गई थी। पुलिस आसपास के निगरानी कैमरों की तस्वीरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।