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बैंक अधिकारी से पर्यावरण योद्धा: सपना तुली को स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान, मंत्री मोहिंदर ने किया सम्मानित
Sat, 15 Aug 2026 05:17 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 15 Aug 2026 05:17 PM IST
सार
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सपना तुली के इसी सराहनीय पर्यावरणीय योगदान को पंजाब सरकार ने सम्मान दिया। समारोह में मंत्री मोहिंदर भगत ने उन्हें सम्मानित किया।
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पर्यावरण संरक्षण के लिए सपना को पंजाब सरकार ने किया सम्मानित
- फोटो : संवाद
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विस्तार
किसी शहर, कॉलोनी या समाज की पहचान केवल उसकी बड़ी इमारतों और चौड़ी सड़कों से नहीं होती। असली खूबसूरती तब दिखाई देती है, जब उसके आसपास हरियाली हो, पेड़ों की छांव हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा का इंतजाम हो। एलडिको ग्रीन में हरियाली को लेकर पिछले कुछ समय में जो बदलाव दिखाई दे रहा है, उसके पीछे एक महिला का जुनून खास तौर पर चर्चा में है सपना तुली।
पेशे से बैंक अधिकारी सपना तुली ने पौधारोपण को अपने जीवन का ऐसा मिशन बना लिया है, जिसके लिए उन्होंने न केवल अपना समय दिया बल्कि अपनी जेब से पैसा खर्च कर हजारों पौधे लगवाए। उनके लिए पौधा लगाना किसी कार्यक्रम की औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। यही जुनून आज एलडिको ग्रीन की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सपना तुली के इसी सराहनीय पर्यावरणीय योगदान को पंजाब सरकार ने सम्मान दिया। समारोह में मंत्री मोहिंदर भगत ने उन्हें सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद एलडिको ग्रीन के निवासियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल सपना तुली का नहीं, बल्कि एलडिको ग्रीन की उस सामूहिक सोच का सम्मान है, जिसने पौधारोपण को एक अभियान से आगे बढ़ाकर एक जनअभियान का रूप दिया।
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सुबह छह बजे शुरू होती थी हरियाली की यात्रा
सपना तुली की दिनचर्या अपने आप में प्रेरणा देने वाली है। सुबह करीब छह बजे बच्चों को स्कूल भेजने के बाद वह अपनी स्कूटी लेकर अकेले ही निकल पड़ती थीं। न कोई बड़ा काफिला, न कोई प्रचार और न ही किसी तरह का दिखावा।कभी पौधे खरीदने के लिए, कभी उन्हें लगाने की जगह तलाशने के लिए और कभी पहले लगाए गए पौधों का हाल जानने के लिए वह एलडिको ग्रीन और आसपास के इलाकों में घूमती रहती थीं। शुरुआत में यह केवल प्रकृति के प्रति उनका प्यार था। लेकिन धीरे-धीरे यही प्यार जुनून बन गया और फिर जुनून एक अभियान में बदल गया।
एलडिको ग्रीन को सिर्फ कॉलोनी नहीं, हरियाली का घर बनाने का सपना
सपना तुली का सपना केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा। वह चाहती थीं कि एलडिको ग्रीन सिर्फ रहने की जगह न हो, बल्कि हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पहचानी जाए।
इसी सोच के साथ उन्होंने कॉलोनी के अलग-अलग हिस्सों में पौधे लगाने की मुहिम शुरू की। खाली स्थानों को हरियाली से जोड़ने, नए पौधे लगाने और पुराने पौधों की देखभाल करने के लिए लगातार मेहनत की। धीरे-धीरे लोगों का ध्यान इस अभियान की तरफ गया। कुछ लोग पौधे लगाने में साथ आए, कुछ ने पौधों को अपनाया और कुछ ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। एक महिला की व्यक्तिगत पहल धीरे-धीरे एलडिको ग्रीन की सामूहिक पर्यावरणीय मुहिम में बदलती चली गई।
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पेशे से बैंक अधिकारी सपना तुली ने पौधारोपण को अपने जीवन का ऐसा मिशन बना लिया है, जिसके लिए उन्होंने न केवल अपना समय दिया बल्कि अपनी जेब से पैसा खर्च कर हजारों पौधे लगवाए। उनके लिए पौधा लगाना किसी कार्यक्रम की औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। यही जुनून आज एलडिको ग्रीन की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सपना तुली के इसी सराहनीय पर्यावरणीय योगदान को पंजाब सरकार ने सम्मान दिया। समारोह में मंत्री मोहिंदर भगत ने उन्हें सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद एलडिको ग्रीन के निवासियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल सपना तुली का नहीं, बल्कि एलडिको ग्रीन की उस सामूहिक सोच का सम्मान है, जिसने पौधारोपण को एक अभियान से आगे बढ़ाकर एक जनअभियान का रूप दिया।
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सुबह छह बजे शुरू होती थी हरियाली की यात्रा
सपना तुली की दिनचर्या अपने आप में प्रेरणा देने वाली है। सुबह करीब छह बजे बच्चों को स्कूल भेजने के बाद वह अपनी स्कूटी लेकर अकेले ही निकल पड़ती थीं। न कोई बड़ा काफिला, न कोई प्रचार और न ही किसी तरह का दिखावा।कभी पौधे खरीदने के लिए, कभी उन्हें लगाने की जगह तलाशने के लिए और कभी पहले लगाए गए पौधों का हाल जानने के लिए वह एलडिको ग्रीन और आसपास के इलाकों में घूमती रहती थीं। शुरुआत में यह केवल प्रकृति के प्रति उनका प्यार था। लेकिन धीरे-धीरे यही प्यार जुनून बन गया और फिर जुनून एक अभियान में बदल गया।
एलडिको ग्रीन को सिर्फ कॉलोनी नहीं, हरियाली का घर बनाने का सपना
सपना तुली का सपना केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा। वह चाहती थीं कि एलडिको ग्रीन सिर्फ रहने की जगह न हो, बल्कि हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पहचानी जाए।
इसी सोच के साथ उन्होंने कॉलोनी के अलग-अलग हिस्सों में पौधे लगाने की मुहिम शुरू की। खाली स्थानों को हरियाली से जोड़ने, नए पौधे लगाने और पुराने पौधों की देखभाल करने के लिए लगातार मेहनत की। धीरे-धीरे लोगों का ध्यान इस अभियान की तरफ गया। कुछ लोग पौधे लगाने में साथ आए, कुछ ने पौधों को अपनाया और कुछ ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। एक महिला की व्यक्तिगत पहल धीरे-धीरे एलडिको ग्रीन की सामूहिक पर्यावरणीय मुहिम में बदलती चली गई।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि सपना तुली ने पौधारोपण के लिए केवल दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जेब से भी पैसा खर्च किया। हजारों पौधे लगवाने के पीछे केवल आर्थिक खर्च नहीं, बल्कि समय और मेहनत भी लगी। पौधे खरीदने से लेकर उन्हें मौके तक पहुंचाने, लगाने और फिर उनकी देखभाल करने तक उन्होंने लगातार मेहनत की। उनका मानना है कि अगर हम अपने घर को सुंदर रखने के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं तो जिस धरती पर हमारा घर बना है, उसकी हरियाली के लिए भी हमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पौधा लगाना नहीं, पेड़ तैयार करना है सपना
सपना तुली के अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उनके लिए पौधा लगाने के बाद काम खत्म नहीं होता। वह इस बात पर जोर देती हैं कि पौधे को पेड़ बनने तक बचाना जरूरी है। पानी देना, सुरक्षा करना, आसपास की सफाई रखना और जरूरत पड़ने पर उसकी देखभाल करना ये सभी जिम्मेदारियां पौधारोपण का हिस्सा हैं। इसी सोच ने एलडिको ग्रीन में पौधारोपण अभियान को अलग पहचान दी।
उनकी कोशिश रही कि लगाए गए पौधे केवल तस्वीरों का हिस्सा न बनें, बल्कि आने वाले वर्षों में विशाल पेड़ों में बदलें और लोगों को छांव, स्वच्छ हवा और पक्षियों को आश्रय दें।
बैंक की नौकरी के साथ पर्यावरण सेवा
सपना तुली की कहानी इसलिए भी प्रेरक है क्योंकि वह कोई पूर्णकालिक पर्यावरण कार्यकर्ता नहीं हैं। वह बैंक अधिकारी हैं। नौकरी, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने प्रकृति के लिए समय निकाला। सुबह का वह समय, जो आम तौर पर लोग अपने निजी कामों में लगाते हैं, सपना तुली ने पौधों के साथ प्यार किया उन्होंने यह संदेश दिया कि समाज के लिए कुछ करने के लिए नौकरी छोड़ना या कोई बड़ा पद हासिल करना जरूरी नहीं। अगर इच्छा मजबूत हो तो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में से भी समाज के लिए समय निकाला जा सकता है।
एलडिको ग्रीन के लिए गर्व का क्षण
आज जब स्वतंत्रता दिवस पर मंत्री मोहिंदर भगत ने सपना तुली को सम्मानित किया तो यह एलडिको ग्रीन के लिए भी गर्व का क्षण बन गया। जिस कॉलोनी में उन्होंने अकेले स्कूटी पर पौधों के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी, उसी कॉलोनी में आज उनके प्रयासों की चर्चा एक उदाहरण के तौर पर होती है। यह सम्मान बताता है कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी-बड़ी घोषणाओं की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी एक व्यक्ति का छोटा-सा संकल्प भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर देता है।