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कुत्तों का खूनी आतंक: पूर्व सरपंच को खेत में नोचा, बाजू और टांग खाई; पब्बियां में 15 दिन में दूसरी मौत
Thu, 16 Jul 2026 10:34 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जगराओं
संवाद न्यूज एजेंसी, जगराओं
Published by: Nivedita
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:34 AM IST
सार
ग्रामीणों का आरोप है कि आवारा कुत्तों के झुंड लंबे समय से लोगों और पशुओं पर हमला कर रहे हैं। कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
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मृतक
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जगराओं क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। गांव पब्बियां में आधी रात को आवारा कुत्तों के झुंड ने 80 वर्षीय पूर्व सरपंच जगदीश सिंह पर उनके ही घर में हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच की मौके पर ही मौत हो गई। कुत्तों ने पूर्व सरपंच की एक बाजू और एक टांग पूरी खा ली। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, देर रात पूर्व सरपंच जगदीश सिंह अपने ही खेत की बनी मोटर पर था। देर रात को जब वह बाथरूम जाने के लिए उठे तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग होने के कारण वह अपना बचाव भी नहीं कर सके। कुत्तों ने इतनी बेरहमी से हमला किया कि वह खुद को बचा नहीं सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
महज 15 दिन पहले गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने बिहार के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर पर हमला कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया था। लगातार दूसरी मौत ने गांववासियों के मन में भय पैदा कर दिया है। लोग अब रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
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गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके स्थायी प्रबंधन के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी त्रासदियां हो सकती हैं।
गांव निवासी जगराज सिंह ने बताया कि आवारा कुत्तों का आंतक का डर इस कदर है कि अब लोग अंधेरा होते ही घरों में घुस जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नही दिया तो गांव की तरफ से प्रदर्शन कर बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
इससे पहले भी जगराओं शहर में एक ही सप्ताह के दौरान 18 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। लगातार बढ़ रही घटनाओं ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार, देर रात पूर्व सरपंच जगदीश सिंह अपने ही खेत की बनी मोटर पर था। देर रात को जब वह बाथरूम जाने के लिए उठे तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग होने के कारण वह अपना बचाव भी नहीं कर सके। कुत्तों ने इतनी बेरहमी से हमला किया कि वह खुद को बचा नहीं सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
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महज 15 दिन पहले गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने बिहार के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर पर हमला कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया था। लगातार दूसरी मौत ने गांववासियों के मन में भय पैदा कर दिया है। लोग अब रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
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गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके स्थायी प्रबंधन के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी त्रासदियां हो सकती हैं।
गांव निवासी जगराज सिंह ने बताया कि आवारा कुत्तों का आंतक का डर इस कदर है कि अब लोग अंधेरा होते ही घरों में घुस जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नही दिया तो गांव की तरफ से प्रदर्शन कर बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
इससे पहले भी जगराओं शहर में एक ही सप्ताह के दौरान 18 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। लगातार बढ़ रही घटनाओं ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।