लुधियाना: मंडी मुल्लांपुर में राज्यपाल कटारिया की युवाओं से अपील, पंजाब की मिट्टी को करें नशामुक्त
राज्यपाल ने कहा पंजाब की पहचान साहस, त्याग, सेवा और संघर्ष की रही है। गुरु गोविंद सिंह जी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है
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पंजाब की धरती ने देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र की रक्षा के लिए अद्वितीय योगदान दिया है। इसी गौरवशाली धरती पर आज मादक पदार्थों की तस्करी और नशे का बढ़ता प्रभाव गंभीर चिंता का विषय है। इससे निपटने के लिए पूरे पंजाब को एकजुट होकर युवा पीढ़ी को नशे से बचाने का संकल्प लेना होगा। यह बात पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंडी मुल्लांपुर दाखा में रविवार को जैन समाज की ओर से स्वतंत्रता दिवस और पूज्य गुरुदेव श्री प्रेममुख जी महाराज की 29वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित नशामुक्त युवा जागरूकता कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया अपनी पत्नी अनीता कटारिया के साथ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और वर्गों से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
गुरुओं की शहादत को किया नमन:
राज्यपाल कटारिया ने अपने संबोधन में पंजाब और पंजाबियों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान साहस, त्याग, सेवा और संघर्ष की रही है। गुरु गोविंद सिंह जी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है। उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर साहिब जी द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि विश्व के इतिहास में सिख गुरुओं की शहादत का कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता।उन्होंने शहीद उधम सिंह का भी विशेष रूप से स्मरण किया और कहा कि जलियांवाला बाग के नरसंहार का प्रतिशोध लंदन की धरती पर लेकर उन्होंने पंजाब के अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।
पंजाब झुकना नहीं जानता
कटारिया ने कहा कि पंजाब झुकना नहीं जानता। यह धरती सम्मान, गौरव और पीड़ितों की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ना जानती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की महान परंपराओं और गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में उतारकर ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है। उन्होंने गुरु नानक देव जी के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पंजाब ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का पालन किया होता, कड़ी मेहनत, नाम-स्मरण और मिल-बांटकर भोजन करने की भावना को जीवन का हिस्सा बनाया होता, तो आज पंजाब की तस्वीर कुछ और होती। उन्होंने लोगों से गुरुओं की शिक्षाओं को आत्मसात करने और युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया।
हाथ उठाकर लिया नशामुक्त समाज का संकल्प
राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को हाथ उठाकर नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम की शुरुआत और समापन राष्ट्रगान से हुआ, जिससे पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से उभरा।
शिक्षा के मंदिर भी नशे से अछूते नहीं : अमन मुनि
कार्यक्रम के आयोजक अमन मुनि ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और उनकी पत्नी का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में लाखों युवा अपने सुनहरे भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से नशे का प्रभाव इन संस्थानों तक भी पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए पूरे पंजाब को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर युवाओं को नशे से दूर रखने, उन्हें संस्कारों और सकारात्मक सोच से जोड़ने तथा स्वस्थ एवं सशक्त पंजाब के निर्माण में योगदान देना होगा।
कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस की राष्ट्रभक्ति, जैन समाज की सामाजिक चेतना और पंजाब की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाते हुए नशामुक्त पंजाब के लिए सामूहिक संकल्प का संदेश दिया।